इटली–फिलिस्तीन संबंधों में नया अध्याय

प्रधानमंत्री गिओर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति महमूद अब्बास की रोम वार्ता
12 दिसंबर 2025 को रोम के ऐतिहासिक पलाज़ो कीगी में इटली की प्रधानमंत्री गिओर्जिया मेलोनी और फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के बीच हुई बैठक ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत दिया। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि मध्यपूर्व में शांति, पुनर्निर्माण और राजनीतिक स्थिरता को लेकर इटली की बदलती भूमिका को दर्शाने वाली पहल मानी जा रही है।
🔹 संवाद के प्रमुख बिंदु
गाज़ा में शांति की मजबूती
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने गाज़ा क्षेत्र में लागू संघर्षविराम को टिकाऊ और प्रभावी बनाए रखने की आवश्यकता पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तुत शांति ढांचे के क्रियान्वयन पर जोर दिया, जिसे राष्ट्रपति अब्बास ने सकारात्मक कदम बताया।
पुनर्निर्माण में इटली की भूमिका
इटली ने गाज़ा के पुनर्निर्माण और प्रशासनिक स्थिरता में सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया। मेलोनी ने कहा कि इटली केवल आपात मानवीय सहायता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बुनियादी ढांचे, शासन व्यवस्था और संस्थागत क्षमता निर्माण में भी भागीदार बनेगा।
फिलिस्तीनी प्रशासनिक सुधार
प्रधानमंत्री मेलोनी ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण में सुधारों को शांति प्रक्रिया के लिए आवश्यक बताया। राष्ट्रपति अब्बास ने भी माना कि पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत सुधार के बिना राजनीतिक समाधान संभव नहीं है।
🔹 दो-राष्ट्र समाधान पर स्पष्ट संदेश
बैठक में दो-राष्ट्र समाधान को एक बार फिर शांति का केंद्रीय आधार बताया गया। मेलोनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दीर्घकालिक और न्यायसंगत शांति तभी संभव है जब इज़राइल और फिलिस्तीन दोनों को सुरक्षित और स्वतंत्र राज्यों के रूप में अस्तित्व मिले। यह वक्तव्य यूरोपीय नीति के अनुरूप होने के साथ-साथ मेलोनी सरकार की व्यावहारिक कूटनीति को भी दर्शाता है।
🔹 राजनीतिक सीमाओं से आगे संवाद
राष्ट्रपति अब्बास की Atreju सम्मेलन में भागीदारी ने इस यात्रा को और भी खास बना दिया। यह सम्मेलन आमतौर पर इटली के रूढ़िवादी राजनीतिक विमर्श से जुड़ा माना जाता है। अब्बास की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि फिलिस्तीन यूरोप के विभिन्न वैचारिक मंचों पर संवाद को व्यापक बनाना चाहता है।
🔹 समापन विश्लेषण
मेलोनी–अब्बास भेंट ने इटली और फिलिस्तीन के रिश्तों में विश्वास और संवाद की नई नींव रखी है। इटली जहां मध्यपूर्व में अधिक सक्रिय और संतुलित भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहा है, वहीं फिलिस्तीन राजनीतिक समाधान, सुधार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के रास्ते को प्राथमिकता देता दिख रहा है। यदि यह संवाद निरंतर बना रहता है, तो आने वाले वर्षों में यह साझेदारी क्षेत्रीय शांति के लिए एक ठोस आधार बन सकती है।
