दिल्ली में टीएमसी सांसद हिरासत में, ईडी कार्रवाई के विरोध में गृह मंत्रालय के बाहर धरना

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर सियासी माहौल और गर्म हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आठ सांसदों को बुधवार को दिल्ली में उस वक्त हिरासत में लिया गया, जब वे केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे थे।
टीएमसी सांसदों का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। सांसदों ने कहा कि बंगाल में ईडी की हालिया छापेमारी और पूछताछ की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसका मकसद विपक्षी दलों को डराना है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सांसदों ने गृह मंत्रालय के पास बैठकर विरोध दर्ज कराया और केंद्र सरकार से जवाब की मांग की। कुछ ही देर में दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शन कर रहे सांसदों को हिरासत में ले लिया।
हिरासत के बाद टीएमसी नेताओं ने कहा कि वे डरने वाले नहीं हैं और केंद्र सरकार की कथित दमनकारी नीतियों के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। पार्टी का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ बंगाल का नहीं, बल्कि संघीय ढांचे और विपक्ष की आवाज को दबाने का मामला है।
वहीं, प्रशासन की ओर से कहा गया कि बिना अनुमति के धरना दिए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई और सांसदों को कुछ समय बाद छोड़ दिया गया।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्षी दलों ने टीएमसी सांसदों की हिरासत पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे नियमों के तहत की गई कार्रवाई बताया है।
