गुडलूर में शिक्षा और संस्कृति का संगम

स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में राहुल गांधी की मौजूदगी, विद्यार्थियों को दिया भविष्य-निर्माण का संदेश
तमिलनाडु के नीलगिरि ज़िले के गुडलूर कस्बे में 13 जनवरी 2026 को शिक्षा और सांस्कृतिक परंपराओं का एक विशेष उत्सव देखने को मिला। सेंट थॉमस इंग्लिश हाई स्कूल ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर भव्य स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन किया। इस यादगार अवसर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
✨ ज्ञान से आगे सोचने वाली शिक्षा पर ज़ोर
समारोह को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आधुनिक दौर में शिक्षा का अर्थ केवल किताबों और अंकों तक सीमित नहीं रह गया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि स्कूलों की ज़िम्मेदारी ऐसे नागरिक तैयार करना है जो सोचने-समझने की क्षमता रखते हों और समाज के प्रति संवेदनशील हों।
उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का युग तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन मानवीय गुण—जैसे करुणा, विवेक और आपसी सम्मान—ही किसी समाज को सच मायनों में मजबूत बनाते हैं।
🌺 भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत
राहुल गांधी ने भारत की बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की वास्तविक शक्ति उसकी विविधता में छिपी हुई है। उन्होंने तमिल भाषा और तमिलनाडु की सांस्कृतिक परंपराओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां की संस्कृति भारत की आत्मा को जीवंत रूप में दर्शाती है।
उनका कहना था कि जब हर भाषा, हर परंपरा और हर समुदाय को सम्मान मिलता है, तभी राष्ट्र एकजुट होकर आगे बढ़ता है।
🏮 पोंगल के रंग में रंगे राहुल गांधी
स्वर्ण जयंती समारोह के साथ-साथ स्कूल परिसर में पोंगल पर्व भी उल्लास के साथ मनाया गया। राहुल गांधी ने इस अवसर पर पारंपरिक तमिल कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने पोंगल बनाने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया और चावल, मूंग दाल व गुड़ से बनने वाले पारंपरिक व्यंजन को खुद तैयार करने में सहयोग किया।
इसके अलावा, उन्होंने स्थानीय सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रमों को भी देखा और छात्रों का उत्साहवर्धन किया, जिससे समारोह और भी जीवंत बन गया।
🏫 पाँच दशकों की शैक्षणिक यात्रा
1976 में स्थापित सेंट थॉमस इंग्लिश हाई स्कूल ने पिछले 50 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बनाई है। स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान स्कूल की शैक्षणिक उपलब्धियों, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और पूर्व छात्रों की सफलताओं को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया।
🗣️ समानता और सम्मान का संदेश
इस मंच से राहुल गांधी ने सामाजिक समरसता पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि एक बेहतर भारत वही होगा जहां हर नागरिक को बराबरी का सम्मान मिले और किसी की पहचान उसकी भाषा, धर्म या संस्कृति के आधार पर सीमित न की जाए।
यह समारोह केवल एक स्कूल की सफलता का उत्सव नहीं था, बल्कि शिक्षा, परंपरा और राष्ट्रीय एकता के मूल विचारों को मजबूत करने वाला अवसर भी बना। राहुल गांधी की उपस्थिति ने इस आयोजन को स्थानीय से आगे बढ़ाकर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व प्रदान किया।
