जनवरी 2026 में प्रसारित प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का विशेष अंक देश के उद्यमिता परिदृश्य के लिए अत्यंत प्रेरणादायक साबित हुआ। इस कड़ी को विशेष प्रिंट संस्करण ‘Startup India: A Decade of Entrepreneurial Excellence’ के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसमें पिछले दस वर्षों में भारत की स्टार्टअप यात्रा, नवाचार की ताकत और युवा उद्यमियों के संघर्ष एवं सफलता की कहानियों को केंद्र में रखा गया।

इस विशेष अंक में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारत के युवाओं की रचनात्मक क्षमता, साहस और आत्मनिर्भर सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि “स्टार्टअप केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि नए भारत की सोच का प्रतीक हैं।”
स्टार्टअप इंडिया: एक दशक की परिवर्तनकारी यात्रा
16 जनवरी 2016 को शुरू की गई सरकारी पहल Startup India ने देश में नवाचार की नई लहर पैदा की। कार्यक्रम के दस वर्ष पूरे होने पर यह विशेष संस्करण इस बात का साक्षी बना कि कैसे भारत आज दुनिया के अग्रणी स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में उल्लेख किया कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले उद्यमियों ने पारंपरिक सोच को चुनौती दी है। महिलाएं, अनुसूचित जाति-जनजाति के युवा और तकनीकी पृष्ठभूमि के छात्र—सभी ने इस आंदोलन को जन-आंदोलन में बदल दिया है।
प्रेरणादायक कहानियां: जमीनी नवाचार से वैश्विक पहचान तक
इस अंक में कई प्रेरक उदाहरणों को साझा किया गया—
- एक ग्रामीण क्षेत्र की महिला उद्यमी, जिसने स्थानीय कारीगरों के साथ मिलकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया।
- कृषि तकनीक (AgriTech) के क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं की टीम, जिसने किसानों को मौसम, बाजार मूल्य और उर्वरक उपयोग की जानकारी मोबाइल ऐप के जरिए उपलब्ध कराई।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में एक स्टार्टअप, जिसने दूरदराज इलाकों में सस्ती डायग्नोस्टिक सेवाएं पहुंचाने के लिए नवाचार किया।
प्रधानमंत्री ने इन उदाहरणों के माध्यम से बताया कि भारत की शक्ति केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कोने-कोने में नवाचार की ऊर्जा मौजूद है।
आत्मनिर्भर भारत और स्टार्टअप की भूमिका
‘मन की बात’ के इस विशेष संस्करण में आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना और स्टार्टअप की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब युवा समस्याओं को अवसर में बदलते हैं, तो देश आर्थिक रूप से मजबूत बनता है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत का डिजिटल ढांचा—जैसे डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन पंजीकरण और आसान फंडिंग—ने स्टार्टअप को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया है। आज भारतीय स्टार्टअप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित कर रहे हैं और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
युवा शक्ति को संदेश
जनवरी 2026 के इस विशेष अंक का मुख्य संदेश था—“नवाचार को आदत बनाइए, जोखिम को अवसर समझिए।” प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने विचारों को केवल सपनों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने का साहस दिखाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि असफलता से डरना नहीं चाहिए, क्योंकि हर असफल प्रयास सीखने का अवसर देता है। यह सोच ही नए भारत की पहचान है।
निष्कर्ष
‘Startup India: A Decade of Entrepreneurial Excellence’ शीर्षक से प्रकाशित यह विशेष संस्करण केवल एक कार्यक्रम का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की उद्यमिता क्रांति का उत्सव है। जनवरी 2026 की ‘मन की बात’ ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि युवा संकल्पित हों, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
यह अंक न केवल बीते दस वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा है, बल्कि आने वाले दशक के लिए प्रेरणा और दिशा भी प्रदान करता है। भारत की स्टार्टअप कहानी अब केवल राष्ट्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक पहचान बना चुकी है—और इसकी बुनियाद युवाओं के सपनों, परिश्रम और नवाचार पर टिकी है।
