शामली में हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एनकाउंटर, दो संदिग्ध ढेर; बाकी आरोपियों की तलाश जारी
शामली, उत्तर प्रदेश: हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ को बड़ी सफलता मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, हत्या में कथित रूप से शामिल दो संदिग्ध शूटर सुमित और मोहित को शामली में करण रोड के पास राजमहल वन क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। यह कार्रवाई उस मामले में हुई है जिसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के आसपास के इलाकों में काफी आक्रोश पैदा किया था।
अंकित बालियान की 26 अगस्त को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह शामली में जिम से बाहर निकल रहे थे। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी थी। अब पुलिस कार्रवाई में दो संदिग्धों के मारे जाने से मामले की जांच को महत्वपूर्ण मोड़ मिला है।

जिम से निकलते समय हुई थी हत्या
पुलिस के मुताबिक, अंकित बालियान पर उस समय हमला किया गया जब वह जिम से बाहर निकलकर अपने वाहन की ओर जा रहे थे। हमलावरों ने कथित तौर पर उन पर गोलीबारी की और मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
अंकित बालियान हरियाणवी संगीत और सोशल मीडिया से जुड़े हुए थे। उनकी पहचान एक गायक और यूट्यूबर के तौर पर थी। हत्या की खबर सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस और एसटीएफ ने शुरू किया ऑपरेशन
हत्या के बाद पुलिस ने अलग-अलग स्तर पर संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कथित शूटरों की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके आधार पर उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ की टीम ने शामली के करण रोड के निकट राजमहल वन क्षेत्र में अभियान चलाया।
पुलिस का दावा है कि इसी अभियान के दौरान सुमित और मोहित की मौजूदगी का पता चला। टीम ने संदिग्धों को घेरने का प्रयास किया तो उन्होंने कथित तौर पर पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों संदिग्ध घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई।
पुलिस की ओर से बताया गया कि मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए। घायल अधिकारियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
चार शूटरों के शामिल होने का दावा
जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, अंकित बालियान की हत्या को अंजाम देने के लिए कथित तौर पर चार शूटरों का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस की जांच में इस मामले को गोगी गैंग से भी जोड़ा गया है। हालांकि, मामले में प्रत्येक आरोपी की भूमिका और आपराधिक नेटवर्क की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश किसने तैयार की, हमलावरों को किसने निर्देश दिए और वारदात के लिए हथियार तथा वाहन किस माध्यम से उपलब्ध कराए गए।
जांच एजेंसियां उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं जिन्होंने कथित तौर पर शूटरों को मदद पहुंचाई हो सकती है। इसके लिए पुलिस आपसी संपर्क, घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों और संदिग्धों के नेटवर्क की जांच कर रही है।
हथियार और बाइक बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने संदिग्धों के कब्जे से कई आधुनिक हथियार और कारतूस बरामद करने की बात कही है। इसके अलावा एक ऐसी बाइक भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है, जिस पर कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी।
जांचकर्ताओं के लिए यह बरामदगी अहम मानी जा रही है, क्योंकि वाहन और हथियारों से हत्या की योजना और आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। पुलिस अब बरामद हथियारों और अन्य सामान की फॉरेंसिक जांच कराने की प्रक्रिया में जुट सकती है।
फर्जी नंबर वाली बाइक का इस्तेमाल कथित तौर पर पहचान छिपाने और पुलिस की निगरानी से बचने के लिए किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
हत्या के बाद बढ़ा था जन आक्रोश
अंकित बालियान की हत्या के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर लगातार चर्चा हुई। स्थानीय समुदायों और राजनीतिक नेताओं की ओर से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
लोगों का कहना था कि सार्वजनिक स्थान के नजदीक इस तरह की वारदात कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। हत्या के बाद पुलिस पर भी दबाव बढ़ गया था कि वह मामले को जल्द सुलझाए और सभी आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाए।
दो संदिग्धों के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद जांच को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि मामले में बाकी आरोपियों तक पुलिस कब पहुंचती है।
बाकी आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती हत्या में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों तक पहुंचना है। जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले में अभी अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस उन लोगों को भी तलाश रही है जिन पर कथित तौर पर गिरोह का नेतृत्व करने या हत्या की साजिश को दिशा देने का संदेह है।
जांचकर्ताओं की कोशिश है कि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाए ताकि केवल वारदात को अंजाम देने वालों तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि कथित साजिश और सहयोगियों की भूमिका भी सामने आ सके।
पुलिस विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ-साथ उपलब्ध तकनीकी और खुफिया सूचनाओं का इस्तेमाल कर रही है। आने वाले दिनों में अन्य गिरफ्तारियों या जांच से जुड़े नए खुलासों की संभावना बनी हुई है।
एनकाउंटर के बाद कई सवाल भी महत्वपूर्ण
दो संदिग्धों के मारे जाने से पुलिस को जांच में आगे बढ़ने के लिए कुछ अहम सुराग मिले हैं, लेकिन पूरे मामले की तस्वीर अभी बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच के निष्कर्षों से साफ होगी। यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस चार कथित शूटरों के बीच संबंध, हथियारों की उपलब्धता और हत्या के पीछे बताए जा रहे कारणों को किस तरह स्थापित करती है।
किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होता है। इसलिए मुठभेड़ में मारे गए दोनों संदिग्धों तथा अन्य आरोपियों से संबंधित पुलिस के दावों की पुष्टि जांच की आगे की कार्रवाई और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों से होगी।
निष्कर्ष
हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या ने शामली समेत आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। अब पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई में दो कथित शूटरों के मारे जाने से मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। हथियारों, कारतूसों और कथित फर्जी नंबर वाली बाइक की बरामदगी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, मामले की पूरी सच्चाई सामने आने के लिए बाकी संदिग्धों की गिरफ्तारी और कथित गैंग नेटवर्क की जांच जरूरी है। पुलिस की अगली कार्रवाई यह तय करेगी कि अंकित बालियान की हत्या की पूरी साजिश और उसके पीछे मौजूद लोगों तक जांच कितनी गहराई से पहुंच पाती है।