लखनऊ जिला कोर्ट के आसपास अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, 72 चैंबर और दुकानों पर कार्रवाई

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लखनऊ ब्यूरो रिपोर्ट | 31 अगस्त 2026

लखनऊ में जिला कोर्ट परिसर के आसपास लंबे समय से चिन्हित किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ रविवार शाम नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने कोर्ट परिसर के आसपास बने 72 अवैध वकील चैंबरों और दुकानों को हटाने के लिए बुलडोजर अभियान चलाया। कार्रवाई के दायरे में नाले के ऊपर बनाए गए वे निर्माण भी शामिल रहे, जिन्हें नगर निगम ने नियमों के विपरीत बताया था।

कार्रवाई शुरू होने से पहले ही जिला कोर्ट के आसपास प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। रविवार शाम लगभग 4:30 बजे पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके कुछ समय बाद नगर निगम की टीम भारी मशीनरी के साथ वहां पहुंची। बताया गया कि अभियान के लिए आठ बुलडोजर और हाईवा मौके पर लगाए गए थे। किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।

पहले से चिन्हित किए गए थे निर्माण

नगर निगम की ओर से इन निर्माणों को लेकर पहले ही कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी थी। अधिकारियों के मुताबिक संबंधित चैंबरों और दुकानों को चिन्हित करने के बाद नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस में संबंधित लोगों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने निर्माण खाली करने के निर्देश दिए गए थे।

नगर निगम की ओर से 30 अगस्त तक चैंबर खाली करने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों का कहना था कि अभियान न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में किया जा रहा है।

इन निर्माणों में कई ऐसे चैंबर भी बताए गए, जो नाले के ऊपर बनाए गए थे। नगर निगम ने ऐसे निर्माणों को सार्वजनिक व्यवस्था और निर्धारित मानकों के विपरीत माना। अभियान के दौरान मशीनों की मदद से चिन्हित ढांचों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

कार्रवाई से पहले बिजली आपूर्ति बंद

नगर निगम की टीम के पहुंचने से पहले इलाके की बिजली आपूर्ति भी बंद कराई गई। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया। भारी मशीनों के इस्तेमाल के दौरान बिजली के तारों और अन्य विद्युत ढांचे से किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए बिजली आपूर्ति बंद रखना जरूरी समझा गया।

मौके पर पुलिस की मौजूदगी के बीच नगर निगम कर्मचारियों और मशीनों ने चिह्नित निर्माणों को हटाना शुरू किया। कोर्ट परिसर के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया।

वकीलों ने किया विरोध

बुलडोजर कार्रवाई शुरू होने के दौरान कुछ वकीलों ने इसका विरोध भी किया। वकीलों की ओर से अधिकारियों के सामने अपनी आपत्तियां रखी गईं। विरोध कर रहे लोगों ने मांग की कि नगर निगम केवल उन्हीं 72 चैंबरों और दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करे, जिन्हें कार्रवाई के लिए निर्धारित किया गया है।

मौके पर अधिकारियों और वकीलों के बीच बातचीत तथा बहस की स्थिति भी बनी। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभियान निर्धारित प्रक्रिया और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार चलाया जा रहा है। विरोध के बावजूद नगर निगम की टीम ने चिन्हित अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई जारी रखी।

सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद कार्रवाई

इस मामले में संबंधित वकीलों ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वकीलों की ओर से न्यायिक राहत हासिल करने का प्रयास किया गया, लेकिन तत्काल राहत नहीं मिलने के बाद नगर निगम ने ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया।

मामले को लेकर पहले से ही जिला कोर्ट परिसर के आसपास माहौल संवेदनशील बना हुआ था। प्रशासन ने इसी को देखते हुए पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था की। अधिकारियों की निगरानी में मशीनरी को कार्रवाई वाले स्थानों तक पहुंचाया गया और चिन्हित ढांचों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

नाले के ऊपर बने निर्माण भी कार्रवाई के घेरे में

इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू नाले के ऊपर बने निर्माणों को हटाना भी रहा। शहरी क्षेत्रों में नालों के ऊपर या उनके निर्धारित क्षेत्र में किए गए निर्माणों को लेकर समय-समय पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाती रही है। लखनऊ जिला कोर्ट के आसपास भी नगर निगम ने ऐसे निर्माणों को अपने रिकॉर्ड में चिन्हित किया था।

नगर निगम का उद्देश्य चिह्नित अवैध निर्माणों को हटाकर संबंधित क्षेत्र को निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप करना बताया गया। अभियान के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को केवल चिह्नित निर्माणों पर ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो, इसके लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे। प्रशासन ने मशीनरी और कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ-साथ आसपास मौजूद लोगों की आवाजाही पर भी नजर रखी।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया। विरोध के बीच अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया। प्रशासन की प्राथमिकता यह रही कि अभियान के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।

कार्रवाई को लेकर आगे भी बनी रहेगी निगरानी

जिला कोर्ट परिसर के आसपास अवैध निर्माणों के खिलाफ शुरू हुआ यह अभियान प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगर निगम पहले ही संबंधित निर्माणों की पहचान कर चुका था और नोटिस की प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात सामने आई है। अब निर्धारित निर्माणों को हटाने के बाद क्षेत्र में दोबारा अवैध कब्जे या निर्माण न हों, इस पर भी निगरानी की जरूरत होगी।

पूरे मामले में न्यायालय के निर्देश, नगर निगम की कार्रवाई और संबंधित पक्षों की आपत्तियां महत्वपूर्ण हैं। जहां प्रशासन नियमों और न्यायिक आदेशों के पालन की बात कर रहा है, वहीं प्रभावित पक्ष अपनी ओर से कानूनी और अन्य स्तरों पर राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं।

रविवार शाम शुरू हुआ यह बुलडोजर अभियान देर तक चर्चा का विषय बना रहा। भारी मशीनरी की मौजूदगी, पुलिस बल की तैनाती और वकीलों के विरोध के बीच नगर निगम ने चिह्नित 72 अवैध चैंबरों और दुकानों को हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई। आने वाले समय में इस मामले में न्यायिक स्तर पर होने वाली सुनवाई और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

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