प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका, 12 मजदूर झुलसे; लगातार विस्फोट से रेस्क्यू अभियान प्रभावित
प्रयागराज ब्यूरो रिपोर्ट
प्रयागराज और कौशांबी जिले की सीमा से सटे मनौरी क्षेत्र में सोमवार दोपहर पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने आसपास के इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। अचानक हुए तेज धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर में आग भड़क उठी। हादसे के समय परिसर में करीब 12 मजदूरों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती सूचना के अनुसार कई मजदूर आग और विस्फोट की चपेट में आकर झुलस गए हैं। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बचाव दल सक्रिय हो गए। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में पटाखे और विस्फोटक सामग्री मौजूद होने के कारण आग के बीच रुक-रुककर धमाके होते रहे। लगातार हो रहे इन विस्फोटों ने राहत एवं बचाव कार्य को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया। सुरक्षा कारणों से बचाव दल को घटनास्थल के भीतर जाने में सावधानी बरतनी पड़ रही है।

धमाके की आवाज से सहम उठा मनौरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय अचानक फैक्ट्री की दिशा से जोरदार धमाका सुनाई दिया। आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के कई इलाकों में लोग घबरा गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की गूंज काफी दूर तक सुनाई दी। इसके कुछ ही क्षणों बाद फैक्ट्री की ओर से धुएं का घना गुबार उठता दिखाई दिया।
आग तेजी से फैलने के कारण आसपास रहने वाले लोगों में भी भय का माहौल बन गया। बाजार और सड़क के आसपास मौजूद लोग सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे। कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी जैसी स्थिति पैदा हो गई। लोग अपने परिचितों और फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों के बारे में जानकारी जुटाने में लग गए।
मकान में संचालित होने की बात
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जिस स्थान पर पटाखा बनाने का काम चल रहा था, वह रिहायशी क्षेत्र से बहुत दूर नहीं बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह जानकारी सामने आई है कि एक मकान में पटाखा निर्माण अथवा भंडारण का काम किया जा रहा था। हालांकि फैक्ट्री के संचालन से संबंधित सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि मनौरी क्षेत्र में एयरफोर्स स्टेशन भी नजदीक स्थित है। विस्फोट की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एयरफोर्स की टीम भी मौके पर पहुंची। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए आसपास के क्षेत्र में सावधानी बढ़ा दी।
लगातार हो रहे धमाकों ने बढ़ाई मुश्किल
फैक्ट्री परिसर में रखे पटाखों के कारण आग बुझाने के दौरान भी रुक-रुककर विस्फोट होने की सूचना है। यही वजह है कि बचावकर्मियों के लिए अंदर जाकर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना मुश्किल हो रहा है। किसी भी तरह की अतिरिक्त दुर्घटना को रोकने के लिए टीमों को बेहद सतर्कता के साथ काम करना पड़ रहा है।
बाहर से घटनास्थल का निरीक्षण करने पर फैक्ट्री की ओर से लगातार धुआं उठता नजर आया। आग की तीव्रता और बीच-बीच में होने वाले धमाकों के कारण घटनास्थल के करीब जाने में जोखिम बना हुआ है। बचाव दल स्थिति को नियंत्रित करने और आग के प्रभाव को कम करने के प्रयास में जुटा है।
चारपाई पर घायलों को ले जाते दिखे लोग
हादसे के बाद सामने आए घटनास्थल के वीडियो में स्थानीय लोगों की सक्रियता भी दिखाई दे रही है। कुछ लोग झुलसे हुए मजदूरों को चारपाई के सहारे सुरक्षित स्थान तक ले जाते नजर आए। वहीं, कुछ घायल जमीन पर पड़े दिखाई दिए, जिन्हें प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही थी।
घटना के बाद आसपास के लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। घायल मजदूरों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल किया गया। प्रशासन की ओर से भी चिकित्सा व्यवस्था को सक्रिय किए जाने की सूचना है। घायलों की स्थिति और उन्हें किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
मृतकों की संख्या पर स्थिति स्पष्ट नहीं
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई है, इसे लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कोई अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है। प्रारंभिक जानकारी में करीब 12 मजदूरों के झुलसने की बात कही जा रही है, लेकिन घटनास्थल की स्थिति सामान्य नहीं होने के कारण वास्तविक स्थिति का आकलन करना मुश्किल है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जब तक आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो जाती और घटनास्थल की सुरक्षित तरीके से जांच नहीं हो जाती, तब तक हताहतों की सही संख्या के बारे में निश्चित रूप से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही घटना में घायल और मृत लोगों की संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठेंगे सवाल
पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है। मनौरी की घटना के बाद यह सवाल भी उठना स्वाभाविक है कि संबंधित परिसर में पटाखा निर्माण या भंडारण के लिए आवश्यक अनुमति और सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे या नहीं।
प्रशासनिक जांच में इन सभी पहलुओं को शामिल किए जाने की संभावना है। जांच के दौरान यह भी देखा जा सकता है कि फैक्ट्री में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, वहां कितनी मात्रा में पटाखे रखे गए थे और मजदूरों के लिए सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
प्रशासन की निगरानी में राहत अभियान
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं। आग पर नियंत्रण पाने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। एयरफोर्स स्टेशन की नजदीकी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती फैक्ट्री के भीतर मौजूद पटाखों के कारण बने जोखिम को कम करना है। आग पूरी तरह शांत होने के बाद ही परिसर के अंदर सुरक्षित तरीके से प्रवेश कर प्रभावित स्थानों का निरीक्षण किया जा सकेगा।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मनौरी में हुई यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है। हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, पटाखों में आग कैसे लगी और फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा था—इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
प्रशासन द्वारा घटनास्थल की स्थिति सामान्य करने के बाद विस्तृत जांच की जा सकती है। इसके साथ ही फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों, स्थानीय लोगों और संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
फिलहाल प्राथमिकता घायलों को सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराने और घटनास्थल पर किसी दूसरी अप्रिय घटना को रोकने की है। लगातार हो रहे धमाकों के बीच राहत दल सावधानी से अभियान चला रहा है। हादसे के बाद मनौरी और आसपास के इलाके में चिंता का माहौल बना हुआ है।