BRICS शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली में अभेद्य सुरक्षा घेरा, चप्पे-चप्पे पर निगरानी

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां तेज कर दी हैं। सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेता और महत्वपूर्ण प्रतिनिधिमंडलों के शामिल होने की संभावना के बीच दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में मजबूत किया जा रहा है। पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और विशेष सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है।

शिखर सम्मेलन जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन में विदेशी मेहमानों की आवाजाही, उनके कार्यक्रमों और निर्धारित मार्गों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राजधानी के प्रमुख इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पर भी विशेष जोर दिया गया है।

Brics AI Generated syemboli photo

कई स्तरों में तैयार किया गया सुरक्षा कवच

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाया गया है। दिल्ली पुलिस के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी NSG कमांडो और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को अलग-अलग महत्वपूर्ण स्थानों पर जिम्मेदारी दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों और वाहनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियां केवल पारंपरिक निगरानी व्यवस्था पर निर्भर नहीं हैं। प्रमुख स्थानों पर AI आधारित CCTV कैमरों की मदद से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। आधुनिक कैमरा प्रणाली संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और सुरक्षा टीमों को समय पर अलर्ट देने में उपयोगी साबित हो सकती है।

इसके अलावा संभावित ड्रोन गतिविधियों से निपटने के लिए एंटी-ड्रोन प्रणाली को भी सुरक्षा योजना का हिस्सा बनाया गया है। इससे सम्मेलन स्थल और VVIP मार्गों के ऊपर अनधिकृत उड़ने वाली वस्तुओं पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

‘ऑपरेशन BRICS कवच’ से तैयारियों की जांच

सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए NSG की टीमों ने मॉक ड्रिल भी की हैं। इन अभ्यासों को ‘ऑपरेशन BRICS कवच’ नाम दिया गया है। ऐसे अभ्यासों का उद्देश्य किसी संभावित आपात स्थिति में सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया क्षमता, आपसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई की तैयारी को जांचना है।

मॉक ड्रिल के दौरान अलग-अलग परिस्थितियों की कल्पना करके सुरक्षा टीमों की तैयारियों को परखा जाता है। इससे सुरक्षाकर्मियों को वास्तविक स्थिति जैसी परिस्थितियों में अपनी भूमिका समझने और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने का अवसर मिलता है।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी वजह से विशेष सुरक्षा इकाइयों की तैयारी पर खास ध्यान दिया जा रहा है।

दिल्ली के हवाई क्षेत्र में भी कड़ी निगरानी

BRICS सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी सख्त व्यवस्था की गई है। अनधिकृत ड्रोन या अन्य उड़ने वाली वस्तुओं को लेकर प्रतिबंध लागू किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि सम्मेलन स्थल या VVIP काफिले के आसपास किसी प्रकार की अनधिकृत हवाई गतिविधि न हो।

ड्रोन तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। किसी भी संदिग्ध उड़ने वाली वस्तु की जानकारी मिलने पर संबंधित सुरक्षा टीमों को तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखा गया है।

सीमावर्ती इलाकों में जांच बढ़ी

राजधानी में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर भी सुरक्षा जांच को बढ़ाया गया है। दिल्ली की सीमाओं और महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदुओं पर वाहनों तथा संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के कारण कई स्थानों पर सामान्य दिनों की तुलना में जांच अधिक सख्त रह सकती है।

सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सम्मेलन के दौरान किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु को संवेदनशील क्षेत्र तक पहुंचने का मौका न मिले। इसके लिए स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा इकाइयां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं।

35 प्रमुख सड़कों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव

सम्मेलन के दौरान VVIP काफिलों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विशेष यातायात योजना तैयार की है। इसके तहत राजधानी की करीब 35 प्रमुख सड़कों पर जरूरत के अनुसार यातायात प्रतिबंध और बदलाव किए जा सकते हैं।

यातायात प्रबंधन योजना में 22 डायवर्जन प्वाइंट शामिल किए गए हैं। VVIP काफिले के गुजरने के समय कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी की जा रही है।

दिल्ली जैसे व्यस्त महानगर में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान यातायात को नियंत्रित करना सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। प्रशासन की कोशिश है कि VVIP आवाजाही के साथ आम नागरिकों के लिए भी यातायात को यथासंभव व्यवस्थित रखा जा सके।

महत्वपूर्ण मार्गों पर हाईटेक निगरानी

सुरक्षा के लिहाज से Sardar Patel Marg, Dhaula Kuan और भारत मंडपम के आसपास के क्षेत्रों को विशेष निगरानी में रखा गया है। इन स्थानों पर आधुनिक निगरानी उपकरणों के साथ सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है।

VVIP मार्गों पर स्थित ऊंची इमारतों और रणनीतिक स्थानों की भी सुरक्षा टीमों द्वारा निगरानी की जा रही है। कुछ स्थानों पर प्रशिक्षित निशानेबाजों की तैनाती की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता लगाना और संवेदनशील मार्गों को सुरक्षित रखना है।

भारत मंडपम सम्मेलन का मुख्य स्थल होने के कारण इसके आसपास सुरक्षा का स्तर विशेष रूप से बढ़ाया गया है। आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी जांच और निगरानी को मजबूत किया गया है।

24 घंटे सुरक्षा एजेंसियों की नजर

BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था केवल कार्यक्रम के समय तक सीमित नहीं रहेगी। सुरक्षा एजेंसियां चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने की तैयारी में हैं। अलग-अलग एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए समन्वय तंत्र को मजबूत किया गया है।

सम्मेलन से पहले सुरक्षा अभ्यास और तैयारियों की समीक्षा का उद्देश्य संभावित कमजोरियों को पहचानना और समय रहते उन्हें दूर करना है। सुरक्षा अधिकारी संवेदनशील स्थानों, VVIP मार्गों, सम्मेलन स्थल और प्रवेश बिंदुओं पर लगातार स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए दिल्ली तैयार

BRICS शिखर सम्मेलन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन है। ऐसे में राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर देश और विदेश की नजर रहती है। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की सुरक्षित आवाजाही से लेकर सम्मेलन स्थल की सुरक्षा तक, हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है।

AI आधारित निगरानी, एंटी-ड्रोन तकनीक, विशेष कमांडो बल, CCTV नेटवर्क, यातायात नियंत्रण और लगातार सुरक्षा गश्त जैसी व्यवस्थाओं को एक साथ लागू किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की कोशिश है कि किसी भी संभावित चुनौती का सामना पहले से तैयार रणनीति के तहत किया जा सके।

12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा का यह व्यापक इंतजाम आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता स्पष्ट है कि VVIP प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही सुरक्षित रहे और राजधानी में सम्मेलन के दौरान कानून-व्यवस्था तथा यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

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