कोरवा खुर्द में सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य केंद्र पर हुआ कार्यक्रम

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अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

कानपुर देहात, 20 सितंबर 2026। कानपुर देहात जिले के ग्राम कोरवा खुर्द में भारतीय जनता पार्टी जिला कानपुर देहात की ओर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जनसरोकार से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के तहत गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, शक्ति केंद्र और पंचायत भवन जैसे स्थानीय संस्थानों को केंद्र में रखते हुए लोगों तक विभिन्न सेवाओं और जागरूकता गतिविधियों को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

सरवन खेड़ा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अभियान के संयोजक अखिलेश त्रिपाठी ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों के बीच फल वितरित किए गए। इस अवसर पर स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकीय एवं अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति रही। इनमें डॉ. दीपक कुमार, फार्मासिस्ट सीता सिंह, एलटी कमलेश कुमार और वार्ड बॉय सुनील कुमार शामिल रहे।

ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच पर जोर

सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में उन स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनका सीधा संबंध आम लोगों के दैनिक जीवन से है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र और पंचायत भवन ग्रामीण व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। इन संस्थानों के माध्यम से गांव के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, प्रशासनिक सुविधाओं और जनकल्याण से संबंधित गतिविधियों से जोड़ा जा सकता है।

कोरवा खुर्द में आयोजित कार्यक्रम में इसी सोच के साथ ग्रामीणों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया। आयोजकों की ओर से यह संदेश दिया गया कि सरकारी और सामाजिक सेवाओं की जानकारी गांव के प्रत्येक परिवार तक पहुंचना जरूरी है, ताकि पात्र लोग उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकें।

मरीजों के बीच किया गया फल वितरण

कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए पहुंचे मरीजों के बीच फल वितरण रहा। अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके साथ आए लोगों को फल दिए गए। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में सहयोग किया।

डॉ. दीपक कुमार, फार्मासिस्ट सीता सिंह, एलटी कमलेश कुमार और वार्ड बॉय सुनील कुमार की मौजूदगी में फल वितरण की गतिविधि संपन्न हुई। कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े लोगों के बीच सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया गया।

ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्रों पर जागरूकता और जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति जागरूक करना उपयोगी माना जाता है।

ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी

कार्यक्रम में ग्रामीणों के साथ वरिष्ठ नागरिक भी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने अभियान के माध्यम से गांव में जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को महत्वपूर्ण बताया। ग्रामीणों के बीच इस बात पर चर्चा हुई कि गांव से सीधे जुड़े संस्थानों में होने वाली गतिविधियों से आम जनता को अपनी समस्याओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का प्रभाव तभी व्यापक रूप से दिखाई देता है, जब योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। स्थानीय लोगों की भागीदारी इस प्रक्रिया को मजबूत कर सकती है। सेवा संकल्प अभियान के दौरान इसी प्रकार जनभागीदारी और जागरूकता को प्रमुखता देने की बात सामने आई।

धरातल पर कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में जमीनी स्तर पर होने वाले कार्यों और भविष्य की गतिविधियों को लेकर भी चर्चा की गई। आयोजकों का कहना था कि गांवों से जुड़े संस्थानों के माध्यम से जनता तक पहुंच बनाने और उन्हें उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने से योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया आसान हो सकती है।

पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र, विद्यालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे संस्थान ग्रामीण जीवन के महत्वपूर्ण आधार हैं। इन स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय जरूरतों को समझने और लोगों को संबंधित सेवाओं से जोड़ने का अवसर मिलता है।

सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि गांव के स्तर पर जागरूकता को बढ़ाना और जनसामान्य को उपलब्ध सेवाओं से जोड़ना बताया गया। इसके तहत स्थानीय संस्थानों की भूमिका को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।

स्वास्थ्य और जागरूकता दोनों पर ध्यान

कोरवा खुर्द में हुए कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा और जनजागरूकता को एक साथ जोड़ने का प्रयास दिखाई दिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फल वितरण जैसी गतिविधि के साथ ग्रामीणों से संवाद किया गया। इससे कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार से जोड़ने की कोशिश की गई।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, सरकारी सुविधाओं और स्थानीय संस्थानों की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद परिवारों तक सही जानकारी पहुंचने से वे उपलब्ध सेवाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित केंद्रों से संपर्क कर सकते हैं।

स्थानीय स्तर पर विकास की दिशा पर चर्चा

कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों ने क्षेत्र में विकास कार्यों की स्थिति और भविष्य में होने वाले प्रयासों को लेकर भी अपनी बातें रखीं। स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए जनता की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया।

ग्रामीणों की जरूरतों को समझने के लिए गांव के स्तर पर संवाद और संपर्क की प्रक्रिया जरूरी होती है। इसी क्रम में सेवा संकल्प अभियान के तहत सीधे गांवों तक पहुंचने की पहल की जा रही है। अभियान के दौरान स्थानीय लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि वे अपने आसपास मौजूद स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और पंचायत से संबंधित सुविधाओं का उपयोग किस प्रकार कर सकते हैं।

अभियान को व्यापक बनाने की तैयारी

कोरवा खुर्द में आयोजित कार्यक्रम को सेवा संकल्प अभियान की स्थानीय गतिविधियों की कड़ी के रूप में देखा गया। सरवन खेड़ा क्षेत्र में अभियान के संयोजक अखिलेश त्रिपाठी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया और इसके बाद स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को फल वितरित किए गए।

आयोजकों के अनुसार, गांवों से जुड़े संस्थानों के माध्यम से अभियान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की योजना है। इसका उद्देश्य लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं को अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना है।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की मौजूदगी से यह भी स्पष्ट हुआ कि गांव के स्तर पर आयोजित गतिविधियों में स्थानीय समुदाय की भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि जागरूकता और संवाद की प्रक्रिया लगातार जारी रहती है, तो ग्रामीणों को विभिन्न सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी हासिल करने में सहायता मिल सकती है।

कुल मिलाकर, कोरवा खुर्द में आयोजित सेवा संकल्प अभियान का कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवा, जनजागरूकता और ग्रामीण सहभागिता पर केंद्रित रहा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के बीच फल वितरण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई और ग्रामीणों तथा वरिष्ठ नागरिकों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया। गांव से सीधे जुड़े संस्थानों के माध्यम से लोगों तक पहुंच बनाने की यह पहल स्थानीय स्तर पर सेवा और जागरूकता की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक प्रयास के रूप में सामने आई।

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