शाजापुर में भीषण सड़क हादसा: कानपुर देहात के डीसीएम चालक की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
कानपुर देहात/शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर शनिवार दोपहर हुए एक गंभीर सड़क हादसे में कानपुर देहात निवासी 26 वर्षीय डीसीएम चालक की मौत हो गई। नैनावद और बंजारी के बीच दो भारी वाहनों की आमने-सामने टक्कर के बाद आयशर डीसीएम का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के दौरान चालक वाहन में फंस गया था। काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे की खबर कानपुर देहात स्थित मृतक के गांव पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पहचान बृजभान उर्फ बाबू जी, पुत्र स्वर्गीय ओमप्रकाश, निवासी हिम्मापुरवा, थाना गजनेर, जिला कानपुर देहात के रूप में हुई है।

नैनावद-बंजारी के बीच हुई वाहनों में भिड़ंत
जानकारी के अनुसार शनिवार को दोपहर करीब तीन बजे आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर नैनावद-बंजारी के बीच यह दुर्घटना हुई। बताया गया कि आयशर डीसीएम और सामने से आ रहे एक ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हुई। टक्कर इतनी तेज थी कि डीसीएम का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक बृजभान वाहन के अंदर फंस गया।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव कार्य किया गया। काफी प्रयासों के बाद चालक को बाहर निकाला गया और उसे उपचार के लिए शाजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टरों ने जांच के बाद बृजभान को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में घायल अन्य लोगों को अस्पताल में उपचार दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्लास्टिक कैरेट लेकर कानपुर से नासिक जा रहे थे
बताया गया कि बृजभान डीसीएम में प्लास्टिक कैरेट लादकर कानपुर से नासिक की ओर जा रहे थे। उनके साथ परिचालक के रूप में विशाल पुत्र रामबाबू, निवासी करौसा, थाना अकबरपुर, जिला कानपुर देहात भी मौजूद था।
यात्रा के दौरान उनका वाहन शाजापुर जिले के नैनावद-बंजारी क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक के साथ डीसीएम की टक्कर हो गई। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग भी मदद के लिए आगे आए। पुलिस और राहत दल ने क्षतिग्रस्त वाहन से चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया। वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण बचाव कार्य में काफी परेशानी होने की बात बताई गई।
परिचालक ने बताया हादसे का कारण
डीसीएम में मौजूद परिचालक विशाल ने हादसे के संबंध में बताया कि उनकी गाड़ी अपने रास्ते पर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान सामने की ओर से एक ट्रक अचानक गलत दिशा में आता दिखाई दिया। उसके अनुसार ट्रक की गति भी तेज थी।
विशाल का कहना है कि अचानक सामने आए वाहन के कारण डीसीएम चालक बृजभान को संभलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। दोनों भारी वाहनों के बीच सीधी टक्कर हो गई और डीसीएम का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हालांकि, परिचालक द्वारा बताए गए कारण को फिलहाल हादसे का अंतिम कारण नहीं माना जा सकता। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और संबंधित वाहनों की स्थिति की जांच कर रही है।
हादसे की खबर से हिम्मापुरवा में छाया सन्नाटा
बृजभान की मौत की जानकारी जब उनके पैतृक गांव हिम्मापुरवा पहुंची तो वहां शोक का माहौल बन गया। परिवार के लोगों को अचानक आई इस खबर पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा है। गांव में मृतक के घर पर रिश्तेदारों, परिचितों और ग्रामीणों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
परिजनों के मुताबिक बृजभान परिवार की जिम्मेदारियों को समझते थे और मेहनत करके अपने घर का सहारा बने हुए थे। कम उम्र में ही उन्होंने वाहन चलाने का काम शुरू कर दिया था। रोजी-रोटी के लिए उन्हें दूसरे राज्यों तक सामान पहुंचाने के लिए यात्रा करनी पड़ती थी।
एक सामान्य कारोबारी यात्रा के दौरान हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
करीब दो दशक पहले सड़क हादसे में पिता की हुई थी मौत
बृजभान के परिवार की कहानी इस हादसे को और भी पीड़ादायक बना देती है। परिजनों के अनुसार उनकी मां ने करीब 20 वर्ष पहले अपने पति यानी बृजभान के पिता को भी एक सड़क दुर्घटना में खो दिया था।
पति की मौत के बाद मां ने बेहद कठिन परिस्थितियों में बच्चों की परवरिश की। परिवार की जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्होंने बच्चों को बड़ा किया और उनके भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास किया। समय बीतने के साथ बेटियों की शादी हुई और बेटे भी परिवार की जिम्मेदारियों में सहयोग करने लगे।
बृजभान भी मेहनत कर परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में अपनी भूमिका निभा रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि मुश्किलों के बाद अब जीवन धीरे-धीरे सामान्य दिशा में आगे बढ़ेगा। लेकिन शनिवार को हुई दुर्घटना ने परिवार की उम्मीदों को एक झटके में गहरे दुख में बदल दिया।
बेटे की मौत से मां पर टूटा दुखों का पहाड़
बृजभान की मौत के बाद उनकी मां की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। जिस मां ने वर्षों पहले पति को खोने के बाद अकेले परिवार को संभाला था, अब उसे अपने जवान बेटे की मौत का दुख झेलना पड़ रहा है।
परिवार के सदस्यों के अनुसार बृजभान घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाते थे। उनकी असमय मौत से परिवार के सामने भावनात्मक दुख के साथ-साथ भविष्य की कई चिंताएं भी खड़ी हो गई हैं।
मृतक के भाई-बहन और अन्य रिश्तेदार भी इस घटना से सदमे में हैं। घर में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है।
पुलिस कर रही दुर्घटना की जांच
हादसे के बाद पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों तक पहुंचाई। दुर्घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने के साथ पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों वाहनों की टक्कर किन परिस्थितियों में हुई।
पुलिस द्वारा घटनास्थल, वाहनों की स्थिति और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। परिचालक द्वारा लगाए गए गलत दिशा में आ रहे ट्रक के आरोप की भी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल इस हादसे ने एक परिवार से उसका जवान सदस्य छीन लिया है। हिम्मापुरवा गांव में बृजभान की मौत के बाद शोक का माहौल है। ग्रामीण और परिचित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन कितना महत्वपूर्ण है, यह घटना एक बार फिर सामने लाती है। हालांकि, इस विशेष दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।