उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
लखनऊ, 26 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश में शनिवार को मौसम का मिजाज बेहद खराब रहने की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं का दौर भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 26 सितंबर को दोनों मौसम उपखंडों के लिए अत्यधिक भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने जैसी मौसमी गतिविधियों की चेतावनी जारी की है।

मौसम की इस स्थिति को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। बारिश के दौरान अचानक तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को सुरक्षित जगह जाने की सलाह दी गई है। खासकर बारिश और मेघगर्जन के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है।
कई जिलों में बारिश का असर
मौसम चेतावनी के दायरे में प्रदेश के बड़ी संख्या में जिले शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें बांदा, कौशांबी, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच शामिल हैं।
इसके अलावा लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, मैनपुरी, इटावा, औरैया, पीलीभीत, शाहजहांपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है।
मौसम विभाग की उपखंडीय चेतावनी के अनुसार 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों में अत्यधिक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं जैसी मौसमी गतिविधियां हो सकती हैं। 27 सितंबर को भी बारिश का असर बने रहने की संभावना है, हालांकि उसके बाद चेतावनी की तीव्रता कम होने का अनुमान है।
40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवा के झोंके
बारिश के साथ तेज हवा भी परेशानी बढ़ा सकती है। कुछ क्षेत्रों में करीब 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले झोंके चलने की संभावना बताई जा रही है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने और सड़क यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
लखनऊ के लिए IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में 26 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और लगभग 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले झोंकों की चेतावनी दर्ज की गई है।
जलभराव और यातायात पर पड़ सकता है असर
लगातार या तेज बारिश होने की स्थिति में शहरों और कस्बों के निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या सामने आ सकती है। जलभराव के कारण प्रमुख सड़कों पर वाहनों की गति धीमी हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों और निचले स्थानों पर भी आवागमन प्रभावित होने की आशंका रहती है।
नालियों और जलनिकासी व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाने की जरूरत है। यदि किसी स्थान पर जलभराव या तेज बहाव दिखाई दे तो वहां से गुजरने का जोखिम नहीं लेना चाहिए।
वज्रपात के दौरान विशेष सावधानी जरूरी
बारिश के साथ बिजली चमकने और गरजने की स्थिति को भी गंभीरता से लेने की जरूरत है। मौसम खराब होने पर खुले मैदान, खेत, तालाब या जलाशय के आसपास खड़े रहने से बचना चाहिए। पेड़ के नीचे रुकने के बजाय सुरक्षित और पक्के भवन के भीतर रहना अधिक सुरक्षित विकल्प है।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसान और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। मेघगर्जन शुरू होने पर खुले क्षेत्र में काम जारी रखने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना उचित रहेगा।
अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच लोगों को गैर-जरूरी यात्रा टालने की सलाह दी जा रही है। विशेष रूप से तेज बारिश के समय सड़क पर दृश्यता कम हो सकती है और जलभराव के कारण रास्तों की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है।
वाहन चालकों को भी मौसम की स्थिति के अनुसार सावधानी से चलने की जरूरत है। बारिश के दौरान अचानक तेज हवा या बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रुकना बेहतर हो सकता है।
प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
भारी बारिश की संभावना वाले जिलों में स्थानीय प्रशासन के लिए भी जलभराव, यातायात और अन्य आपात स्थितियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। निचले इलाकों, जलभराव वाले मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा सकती है।
आम लोगों को भी अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए। मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी होने वाली ताजा चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
27 सितंबर को भी जारी रह सकता है बारिश का दौर
IMD के ताजा उपखंडीय पूर्वानुमान के अनुसार 27 सितंबर को भी उत्तर प्रदेश के दोनों प्रमुख मौसम क्षेत्रों में बारिश का असर बने रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की गई है। 28 सितंबर के बाद इन उपखंडों के लिए फिलहाल कोई चेतावनी दर्ज नहीं है।
ऐसे में शनिवार का दिन उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों के लिए मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाला है। भारी बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और वज्रपात को देखते हुए लोगों को सतर्क रहना चाहिए। जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे जाने से बचें।
सुरक्षित रहें, मौसम की आधिकारिक जानकारी पर नजर रखें और आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।