मारपीट का विरोध करने पर कश्यप समाज के लोगों पर हमला, कई घायल

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अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

कानपुर देहात। रसूलाबाद थाना क्षेत्र के ढक पूरवा नहर पुल स्थित कश्यप चौराहे पर बुधवार शाम उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब एक व्यक्ति के साथ कथित रूप से की जा रही मारपीट का बीच-बचाव करना कुछ लोगों को भारी पड़ गया। आरोप है कि मारपीट का विरोध करने और लोगों को रोकने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने मंतोष कश्यप सहित

AI Generated photo

कश्यप समाज के कई लोगों के साथ मारपीट कर दी। घटना में कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर के उर्सला अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।

मिली जानकारी के अनुसार, घटना शाम करीब सात से आठ बजे के बीच ढक पूरवा नहर पुल के पास कश्यप चौराहे पर हुई। बताया जा रहा है कि उस समय सुनील शंखवार के साथ कुछ लोग कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट कर रहे थे। इसी दौरान मौके पर मौजूद मंतोष कश्यप ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने के उद्देश्य से बीच-बचाव किया और मारपीट करने से मना किया।

आरोप है कि मंतोष कश्यप के बीच में आने के बाद विवाद और बढ़ गया। शिकायत में धीरी तोमर, अजय चंदेल, गोलू तोमर और शिवम राणा सहित कुछ अन्य लोगों पर मंतोष कश्यप तथा वहां मौजूद कश्यप समाज के लोगों के साथ हमला करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया, जिसके चलते मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।

बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों पर भी हमला करने का आरोप

प्रत्यक्ष रूप से सामने आई जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत सुनील शंखवार के साथ कथित मारपीट से हुई थी। मंतोष कश्यप ने मामले को शांत कराने के लिए हस्तक्षेप किया। आरोप है कि इसी दौरान विवाद में शामिल लोगों ने मंतोष के साथ भी मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते मौके पर कई लोग एकत्र हो गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने मंतोष कश्यप के साथ-साथ वहां मौजूद कश्यप समाज के अन्य लोगों को भी निशाना बनाया। इस दौरान कई लोगों को चोटें आईं। घटना के बाद घायलों और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया।

स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसूलाबाद ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए कानपुर रेफर किया गया।

उर्सला अस्पताल में कराया गया भर्ती

सीएचसी रसूलाबाद में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को कानपुर के उर्सला अस्पताल भेजे जाने की जानकारी है। परिजनों के अनुसार, घायलों की हालत को लेकर चिंता बनी हुई है और उनका उपचार चिकित्सकों की निगरानी में कराया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मामले की जानकारी जुटाने में लगी है। पुलिस की ओर से घटनास्थल की परिस्थितियों और विवाद के कारणों की जांच किए जाने की बात सामने आई है। घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव

ढक पूरवा नहर पुल स्थित कश्यप चौराहे पर हुई इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। बड़ी संख्या में लोग घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। पीड़ित पक्ष ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते विवाद को रोका नहीं जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उनका कहना है कि मंतोष कश्यप ने केवल मारपीट रोकने और विवाद शांत कराने का प्रयास किया था, लेकिन इसी हस्तक्षेप के बाद उनके साथ तथा अन्य लोगों के साथ कथित रूप से मारपीट की गई।

पीड़ित पक्ष ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और घायलों को उचित सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की वास्तविक स्थिति

इस मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।

घटना में घायल लोगों के चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। मेडिकल रिपोर्ट से चोटों की प्रकृति और उनकी गंभीरता के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, पुलिस द्वारा घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है, जिससे विवाद की शुरुआत और उसके बाद हुई मारपीट के क्रम को समझने में मदद मिलेगी।

स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर विवाद और मारपीट की घटनाओं से क्षेत्र की शांति प्रभावित होती है। ऐसे में पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करते हुए वास्तविक दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

फिलहाल इस पूरे मामले का केंद्र रसूलाबाद थाना क्षेत्र का ढक पूरवा नहर पुल स्थित कश्यप चौराहा बना हुआ है। घायल लोगों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति को लेकर परिजन चिंतित हैं। पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और घटना में किन लोगों की भूमिका रही।

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मारपीट का विरोध करने पर कश्यप समाज के लोगों पर हमला, कई घायल

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 30, 2026

अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

कानपुर देहात। रसूलाबाद थाना क्षेत्र के ढक पूरवा नहर पुल स्थित कश्यप चौराहे पर बुधवार शाम उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब एक व्यक्ति के साथ कथित रूप से की जा रही मारपीट का बीच-बचाव करना कुछ लोगों को भारी पड़ गया। आरोप है कि मारपीट का विरोध करने और लोगों को रोकने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने मंतोष कश्यप सहित

AI Generated photo

कश्यप समाज के कई लोगों के साथ मारपीट कर दी। घटना में कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर के उर्सला अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।

मिली जानकारी के अनुसार, घटना शाम करीब सात से आठ बजे के बीच ढक पूरवा नहर पुल के पास कश्यप चौराहे पर हुई। बताया जा रहा है कि उस समय सुनील शंखवार के साथ कुछ लोग कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट कर रहे थे। इसी दौरान मौके पर मौजूद मंतोष कश्यप ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने के उद्देश्य से बीच-बचाव किया और मारपीट करने से मना किया।

आरोप है कि मंतोष कश्यप के बीच में आने के बाद विवाद और बढ़ गया। शिकायत में धीरी तोमर, अजय चंदेल, गोलू तोमर और शिवम राणा सहित कुछ अन्य लोगों पर मंतोष कश्यप तथा वहां मौजूद कश्यप समाज के लोगों के साथ हमला करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया, जिसके चलते मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।

बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों पर भी हमला करने का आरोप

प्रत्यक्ष रूप से सामने आई जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत सुनील शंखवार के साथ कथित मारपीट से हुई थी। मंतोष कश्यप ने मामले को शांत कराने के लिए हस्तक्षेप किया। आरोप है कि इसी दौरान विवाद में शामिल लोगों ने मंतोष के साथ भी मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते मौके पर कई लोग एकत्र हो गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने मंतोष कश्यप के साथ-साथ वहां मौजूद कश्यप समाज के अन्य लोगों को भी निशाना बनाया। इस दौरान कई लोगों को चोटें आईं। घटना के बाद घायलों और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया।

स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसूलाबाद ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए कानपुर रेफर किया गया।

उर्सला अस्पताल में कराया गया भर्ती

सीएचसी रसूलाबाद में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को कानपुर के उर्सला अस्पताल भेजे जाने की जानकारी है। परिजनों के अनुसार, घायलों की हालत को लेकर चिंता बनी हुई है और उनका उपचार चिकित्सकों की निगरानी में कराया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मामले की जानकारी जुटाने में लगी है। पुलिस की ओर से घटनास्थल की परिस्थितियों और विवाद के कारणों की जांच किए जाने की बात सामने आई है। घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव

ढक पूरवा नहर पुल स्थित कश्यप चौराहे पर हुई इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। बड़ी संख्या में लोग घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। पीड़ित पक्ष ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते विवाद को रोका नहीं जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उनका कहना है कि मंतोष कश्यप ने केवल मारपीट रोकने और विवाद शांत कराने का प्रयास किया था, लेकिन इसी हस्तक्षेप के बाद उनके साथ तथा अन्य लोगों के साथ कथित रूप से मारपीट की गई।

पीड़ित पक्ष ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और घायलों को उचित सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की वास्तविक स्थिति

इस मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।

घटना में घायल लोगों के चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। मेडिकल रिपोर्ट से चोटों की प्रकृति और उनकी गंभीरता के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, पुलिस द्वारा घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है, जिससे विवाद की शुरुआत और उसके बाद हुई मारपीट के क्रम को समझने में मदद मिलेगी।

स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर विवाद और मारपीट की घटनाओं से क्षेत्र की शांति प्रभावित होती है। ऐसे में पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करते हुए वास्तविक दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

फिलहाल इस पूरे मामले का केंद्र रसूलाबाद थाना क्षेत्र का ढक पूरवा नहर पुल स्थित कश्यप चौराहा बना हुआ है। घायल लोगों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति को लेकर परिजन चिंतित हैं। पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और घटना में किन लोगों की भूमिका रही।