तकनीकी शिक्षा के साथ सांस्कृतिक प्रतिभा का संगम बना उत्सव 2026, विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने जीता दर्शकों का दिल
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ, गीत-संगीत, नृत्य, भाषण और प्रश्नोत्तरी में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर
उरई (जालौन)। अकोढ़ी दुबे स्थित अयोध्या प्रसाद विश्वकर्मा प्राइवेट आईटीआई में गुरुवार को आयोजित उत्सव 2026 विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास का जीवंत मंच बन गया। संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक, शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। गीत, नृत्य, भाषण, प्रश्नोत्तरी और विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने दीप प्रज्वलित करके किया। इसके बाद उन्होंने मां सरस्वती और भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। आयोजन स्थल पर विद्यार्थियों और शिक्षकों में खासा उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने भी छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ाया और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की।
सरस्वती वंदना से हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज
कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं सृष्टि शर्मा, नीलम देवी और अनन्या द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। उनकी प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद विद्यार्थियों ने एक के बाद एक कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मंच पर विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल देखते ही बन रहा था।
कशिश यादव ने रानी लक्ष्मीबाई का रूप धारण कर वीरता और साहस से जुड़ी प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं खुशी पांचाल और लक्ष्मी द्विवेदी ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का रंग भर दिया। नृत्य प्रस्तुति के दौरान दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में गीत और भाषण के साथ प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया। इससे आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के ज्ञान और बौद्धिक क्षमता को सामने लाने का भी माध्यम बना।
विद्यार्थियों को मंच मिलने से बढ़ता है आत्मविश्वास
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भाग लेना भी जरूरी है। मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास विकसित होता है और उनमें अपनी बात लोगों के सामने रखने की क्षमता बढ़ती है।
सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने अपने संबोधन में तकनीकी शिक्षा को युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। युवाओं को रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप अपने तकनीकी कौशल को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से लगातार नई चीजें सीखने और अपने हुनर को बेहतर बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रशिक्षण युवाओं को नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसरों के लिए भी तैयार कर सकता है। आईटीआई जैसे संस्थानों की भूमिका युवाओं को व्यावहारिक ज्ञान और कौशल प्रदान करने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने संस्थान द्वारा विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराने की सराहना की।
कौशल विकास को बताया रोजगार की अहम कुंजी
कार्यक्रम में जिला सेवायोजन अधिकारी आलोक मिश्रा ने युवाओं के लिए कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रोजगार के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में युवाओं के पास किसी विशेष क्षेत्र का व्यावहारिक कौशल होना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आईटीआई और तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान विद्यार्थियों को रोजगार की जरूरतों के अनुसार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल विद्यार्थियों को भविष्य में नौकरी तलाशने के साथ-साथ स्वयं का काम शुरू करने में भी सहायता दे सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और अपनी रुचि के क्षेत्र में लगातार दक्षता हासिल करने की अपील की।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान यातायात प्रभारी निरीक्षक वीर बहादुर सिंह ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने की अपील की।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। इसलिए वाहन चलाते समय गति, सुरक्षा और यातायात नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नियमों का पालन करने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
ग्रामीण प्रतिभाओं को अवसर देने पर जोर
जिला पंचायत सदस्य रामेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले छात्र-छात्राओं में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और अपनी क्षमता दिखाने के लिए मंच उपलब्ध कराने की है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी छिपी हुई प्रतिभा सामने लाने का अवसर देते हैं। मंच पर प्रस्तुति देने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार होते हैं।
उन्होंने संस्थान द्वारा आयोजित उत्सव की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का व्यापक विकास करना भी होना चाहिए।
तकनीकी शिक्षा के साथ रचनात्मक विकास पर संस्थान का जोर
संस्थान के प्रबंधक डॉ. मयंक कुमार ने कहा कि उत्सव 2026 के आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ अपनी रचनात्मक क्षमताओं को विकसित करने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल के साथ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन तथा सामाजिक जागरूकता का विकास भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में भी विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रमों को बढ़ावा देता रहेगा। ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपनी रुचि के अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
तालियों से गूंजता रहा आयोजन स्थल
उत्सव 2026 के दौरान विद्यार्थियों की विभिन्न प्रस्तुतियों पर पूरा परिसर तालियों से गूंजता रहा। मंच पर प्रस्तुति देने वाले छात्र-छात्राओं में उत्साह दिखाई दिया, वहीं अन्य विद्यार्थियों और अतिथियों ने भी उनका मनोबल बढ़ाया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि तकनीकी शिक्षा के साथ कला, संस्कृति, ज्ञान और सामाजिक जागरूकता को जोड़कर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को अधिक प्रभावी ढंग से विकसित किया जा सकता है। अयोध्या प्रसाद विश्वकर्मा प्राइवेट आईटीआई का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।
समापन अवसर पर संस्थान की ओर से विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की गई और उन्हें भविष्य में भी अपने कौशल तथा प्रतिभा को निरंतर निखारने के लिए प्रेरित किया गया। उत्सव 2026 ने तकनीकी शिक्षा के साथ रचनात्मकता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के महत्व को भी रेखांकित किया।