हेल्दी बेबी प्रतियोगिता में मानस रहा अव्वल, बच्चों का कराया गया अन्नप्राशन

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

जालौन। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से ब्लॉक सभागार में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हेल्दी बेबी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के 12 बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों के शारीरिक विकास, उम्र के अनुरूप वजन और स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न निर्धारित मानकों को आधार बनाकर उनका आकलन किया गया। मूल्यांकन के बाद मानस को सबसे स्वस्थ बच्चे के रूप में चयनित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बच्चों के बीच प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि अभिभावकों को बाल स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करना भी रहा। आयोजन के दौरान मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बच्चों के समुचित विकास के लिए पौष्टिक भोजन, स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और उचित देखभाल को आवश्यक बताया।

12 बच्चों ने प्रतियोगिता में लिया हिस्सा

ब्लॉक सभागार में आयोजित प्रतियोगिता में सिद्धि, मानस, शरीफ, नम्रता सिंह, चेतन्या, कृतिका, वैश्नवी, रूद्रांश, आर्या, उन्नति, दिव्य और रूद्र ने प्रतिभाग किया। बच्चों के स्वास्थ्य का मूल्यांकन उनकी आयु के अनुसार किया गया। इसमें उनके वजन के साथ-साथ शारीरिक विकास और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों को ध्यान में रखा गया।

प्रतियोगिता के दौरान अभिभावकों को भी बच्चों की जरूरतों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि छोटे बच्चों के विकास के लिए केवल भोजन पर्याप्त नहीं है, बल्कि भोजन की गुणवत्ता, समय पर स्वास्थ्य जांच और स्वच्छ वातावरण का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।

मूल्यांकन के उपरांत मानस को प्रतियोगिता में सबसे स्वस्थ बच्चे के रूप में चुना गया। आयोजन में शामिल सभी बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इससे बच्चों और उनके अभिभावकों में उत्साह देखने को मिला।

अभिभावकों को पोषण के प्रति किया जागरूक

प्रभारी सीडीपीओ डॉली निरंजन ने कहा कि हेल्दी बेबी प्रतियोगिता आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को अपने बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति अधिक सजग बनाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शुरुआती उम्र उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान बच्चों को उम्र के अनुरूप संतुलित एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना जरूरी है।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के वजन और विकास पर नियमित रूप से नजर रखें। यदि बच्चे के स्वास्थ्य या विकास में किसी प्रकार की समस्या दिखाई दे तो समय रहते स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने स्वच्छता और नियमित देखभाल को भी बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी बताया।

ब्लॉक प्रमुख ने वितरित किए प्रमाणपत्र

कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने प्रतियोगिता में शामिल सभी 12 बच्चों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से कहा कि बच्चों की सेहत को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन ही आगे चलकर मजबूत और सक्षम समाज की नींव तैयार करता है।

ब्लॉक प्रमुख ने अभिभावकों से बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनकी उम्र और जरूरत के अनुसार पौष्टिक भोजन दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी जांच कराते रहना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बच्चे के शारीरिक विकास के साथ उसके मानसिक विकास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। परिवार का सकारात्मक वातावरण, उचित पोषण और नियमित देखभाल बच्चे के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

दो बच्चों का कराया गया अन्नप्राशन

कार्यक्रम के दौरान बाल विकास विभाग की ओर से दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। शिवांशी और अवनी के अन्नप्राशन कार्यक्रम में उनके परिजन मौजूद रहे। परिजनों की उपस्थिति में दोनों बच्चों को पहली बार अन्न ग्रहण कराया गया।

अन्नप्राशन कार्यक्रम के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों को उम्र के अनुसार पूरक आहार शुरू कराने तथा उनके भोजन में पौष्टिकता बनाए रखने के संबंध में भी जागरूक किया गया। बताया गया कि बच्चे के विकास के लिए समय पर उचित आहार शुरू करना महत्वपूर्ण है और भोजन की मात्रा एवं गुणवत्ता का ध्यान रखा जाना चाहिए।

कार्यक्रम में बच्चों के परिजनों के बीच भी उत्साह का माहौल रहा। विभागीय अधिकारियों ने अभिभावकों को बच्चों के भोजन से जुड़ी आवश्यक सावधानियों और स्वास्थ्य देखभाल की जानकारी दी।

ज्योति की कराई गई गोदभराई

इसी कार्यक्रम में गर्भवती महिला ज्योति की गोदभराई की रस्म भी आयोजित की गई। परिजनों और विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी में पारंपरिक रूप से यह कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इस दौरान गर्भवती महिला को गर्भावस्था के समय पौष्टिक आहार लेने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।

महिला एवं बाल स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को यह संदेश दिया गया कि गर्भावस्था के दौरान मां के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। संतुलित आहार, चिकित्सकीय परामर्श और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच मां और होने वाले शिशु दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ समाज की आधारशिला

हेल्दी बेबी प्रतियोगिता के आयोजन ने बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया। प्रतियोगिता में शामिल बच्चों के अभिभावकों को उनके बच्चों की नियमित देखभाल के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन के माध्यम से यह भी संदेश दिया गया कि बच्चे के स्वास्थ्य का आकलन केवल उसके बाहरी रूप से नहीं, बल्कि उसकी उम्र के अनुरूप शारीरिक विकास और स्वास्थ्य मानकों के आधार पर किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए परिवार, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि अभिभावक बच्चों के पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य जांच को लेकर जागरूक रहें तो कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से समय रहते बचाव किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिता में शामिल सभी बच्चों और उनके परिजनों का उत्साहवर्धन किया गया। आयोजन में प्रभारी सीडीपीओ डॉली निरंजन के अलावा महेंद्र कुमार, तारिक, देवांश सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम ने बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और गर्भवती महिलाओं की देखभाल को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।

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हेल्दी बेबी प्रतियोगिता में मानस रहा अव्वल, बच्चों का कराया गया अन्नप्राशन

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 2, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

जालौन। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से ब्लॉक सभागार में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हेल्दी बेबी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के 12 बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों के शारीरिक विकास, उम्र के अनुरूप वजन और स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न निर्धारित मानकों को आधार बनाकर उनका आकलन किया गया। मूल्यांकन के बाद मानस को सबसे स्वस्थ बच्चे के रूप में चयनित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बच्चों के बीच प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि अभिभावकों को बाल स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करना भी रहा। आयोजन के दौरान मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बच्चों के समुचित विकास के लिए पौष्टिक भोजन, स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और उचित देखभाल को आवश्यक बताया।

12 बच्चों ने प्रतियोगिता में लिया हिस्सा

ब्लॉक सभागार में आयोजित प्रतियोगिता में सिद्धि, मानस, शरीफ, नम्रता सिंह, चेतन्या, कृतिका, वैश्नवी, रूद्रांश, आर्या, उन्नति, दिव्य और रूद्र ने प्रतिभाग किया। बच्चों के स्वास्थ्य का मूल्यांकन उनकी आयु के अनुसार किया गया। इसमें उनके वजन के साथ-साथ शारीरिक विकास और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों को ध्यान में रखा गया।

प्रतियोगिता के दौरान अभिभावकों को भी बच्चों की जरूरतों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि छोटे बच्चों के विकास के लिए केवल भोजन पर्याप्त नहीं है, बल्कि भोजन की गुणवत्ता, समय पर स्वास्थ्य जांच और स्वच्छ वातावरण का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।

मूल्यांकन के उपरांत मानस को प्रतियोगिता में सबसे स्वस्थ बच्चे के रूप में चुना गया। आयोजन में शामिल सभी बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इससे बच्चों और उनके अभिभावकों में उत्साह देखने को मिला।

अभिभावकों को पोषण के प्रति किया जागरूक

प्रभारी सीडीपीओ डॉली निरंजन ने कहा कि हेल्दी बेबी प्रतियोगिता आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को अपने बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति अधिक सजग बनाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शुरुआती उम्र उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान बच्चों को उम्र के अनुरूप संतुलित एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना जरूरी है।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के वजन और विकास पर नियमित रूप से नजर रखें। यदि बच्चे के स्वास्थ्य या विकास में किसी प्रकार की समस्या दिखाई दे तो समय रहते स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने स्वच्छता और नियमित देखभाल को भी बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी बताया।

ब्लॉक प्रमुख ने वितरित किए प्रमाणपत्र

कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने प्रतियोगिता में शामिल सभी 12 बच्चों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से कहा कि बच्चों की सेहत को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन ही आगे चलकर मजबूत और सक्षम समाज की नींव तैयार करता है।

ब्लॉक प्रमुख ने अभिभावकों से बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनकी उम्र और जरूरत के अनुसार पौष्टिक भोजन दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी जांच कराते रहना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बच्चे के शारीरिक विकास के साथ उसके मानसिक विकास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। परिवार का सकारात्मक वातावरण, उचित पोषण और नियमित देखभाल बच्चे के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

दो बच्चों का कराया गया अन्नप्राशन

कार्यक्रम के दौरान बाल विकास विभाग की ओर से दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। शिवांशी और अवनी के अन्नप्राशन कार्यक्रम में उनके परिजन मौजूद रहे। परिजनों की उपस्थिति में दोनों बच्चों को पहली बार अन्न ग्रहण कराया गया।

अन्नप्राशन कार्यक्रम के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों को उम्र के अनुसार पूरक आहार शुरू कराने तथा उनके भोजन में पौष्टिकता बनाए रखने के संबंध में भी जागरूक किया गया। बताया गया कि बच्चे के विकास के लिए समय पर उचित आहार शुरू करना महत्वपूर्ण है और भोजन की मात्रा एवं गुणवत्ता का ध्यान रखा जाना चाहिए।

कार्यक्रम में बच्चों के परिजनों के बीच भी उत्साह का माहौल रहा। विभागीय अधिकारियों ने अभिभावकों को बच्चों के भोजन से जुड़ी आवश्यक सावधानियों और स्वास्थ्य देखभाल की जानकारी दी।

ज्योति की कराई गई गोदभराई

इसी कार्यक्रम में गर्भवती महिला ज्योति की गोदभराई की रस्म भी आयोजित की गई। परिजनों और विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी में पारंपरिक रूप से यह कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इस दौरान गर्भवती महिला को गर्भावस्था के समय पौष्टिक आहार लेने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।

महिला एवं बाल स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को यह संदेश दिया गया कि गर्भावस्था के दौरान मां के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। संतुलित आहार, चिकित्सकीय परामर्श और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच मां और होने वाले शिशु दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ समाज की आधारशिला

हेल्दी बेबी प्रतियोगिता के आयोजन ने बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया। प्रतियोगिता में शामिल बच्चों के अभिभावकों को उनके बच्चों की नियमित देखभाल के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन के माध्यम से यह भी संदेश दिया गया कि बच्चे के स्वास्थ्य का आकलन केवल उसके बाहरी रूप से नहीं, बल्कि उसकी उम्र के अनुरूप शारीरिक विकास और स्वास्थ्य मानकों के आधार पर किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए परिवार, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि अभिभावक बच्चों के पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य जांच को लेकर जागरूक रहें तो कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से समय रहते बचाव किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिता में शामिल सभी बच्चों और उनके परिजनों का उत्साहवर्धन किया गया। आयोजन में प्रभारी सीडीपीओ डॉली निरंजन के अलावा महेंद्र कुमार, तारिक, देवांश सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम ने बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और गर्भवती महिलाओं की देखभाल को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।