एक नवंबर को मेडिकल कॉलेज उरई में लगेगा मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

विधिक जागरूकता के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर रहेगा जोर

उरई (जालौन)। समाज के कमजोर, जरूरतमंद और पात्र लोगों तक कानूनी सहायता तथा सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आगामी 1 नवंबर 2026 को राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत प्रस्तावित इस बड़े शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से अलग-अलग स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।

शिविर के सफल आयोजन को लेकर बुधवार को दीवानी न्यायालय परिसर, उरई में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक हुई। बैठक में शिविर की तैयारियों, विभागों की जिम्मेदारियों, लाभार्थियों के चिन्हांकन और आमजन तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।

तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिए गए निर्देश

समन्वय बैठक की अध्यक्षता अपर जिला जज प्रथम एवं शिविर के नोडल अधिकारी सतीश चंद्र द्विवेदी ने की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि मेगा शिविर को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसका वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए विभागों को पहले से तैयारी करते हुए अपने स्तर पर पात्र लाभार्थियों की पहचान करने और उन्हें शिविर में उपलब्ध सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए।

नोडल अधिकारी ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के ऐसे वर्गों तक न्याय और कानूनी सहायता पहुंचाना है, जो किसी कारणवश अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सुविधाओं से अनजान हैं। इसके साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना भी शिविर की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया। कहा गया कि प्रत्येक विभाग अपनी योजनाओं और सेवाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी समय से उपलब्ध कराए, ताकि शिविर में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

एक स्थान पर मिल सकेगी कई योजनाओं की जानकारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मनाली चंद्रा ने बैठक में शिविर की रूपरेखा के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर में जिले के विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के संभावित और पात्र लाभार्थियों को चिन्हित किया जाएगा।

शिविर स्थल पर अलग-अलग विभागों के कैंप स्थापित किए जाएंगे। इससे आम नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं, पात्रता शर्तों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी मिल सकेगी। संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी लोगों को योजनाओं के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे तथा पात्र व्यक्तियों को लाभ दिलाने की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

शिविर में विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य उन लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है, जो जानकारी के अभाव में अब तक उनका लाभ नहीं ले सके हैं।

विधिक सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल

मेगा शिविर का एक प्रमुख उद्देश्य आमजन में कानूनी अधिकारों और विधिक सहायता के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है। अक्सर आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध सहायता व्यवस्था की जानकारी नहीं रखते। ऐसे लोगों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा।

शिविर के जरिए लोगों को यह समझाने पर भी जोर रहेगा कि जरूरत पड़ने पर वे कानून के तहत उपलब्ध सहायता और संबंधित संस्थाओं से संपर्क कर सकते हैं। इस प्रकार आयोजन को कानूनी जागरूकता और सामाजिक कल्याण को एक साथ जोड़ने वाले मंच के रूप में देखा जा रहा है।

विभागों से योजनाओं की सूची मांगी गई

बैठक के दौरान नोडल अधिकारी सतीश चंद्र द्विवेदी ने सभी संबंधित विभागों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविर की तैयारियों में किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

सभी विभागों से उनके यहां संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की सूची शीघ्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इससे शिविर में विभागवार योजनाओं की जानकारी व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने और पात्र लोगों तक सेवाएं पहुंचाने की योजना तैयार की जा सकेगी।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे अपने विभाग की योजनाओं के संबंध में आवश्यक सामग्री और जानकारी तैयार रखें। शिविर में आने वाले लोगों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा उपलब्ध सुविधाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके, इसके लिए विभागीय स्तर पर पहले से तैयारी करने की आवश्यकता बताई गई।

लाभार्थियों को चिन्हित करने पर रहेगा विशेष ध्यान

शिविर की सफलता के लिए पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि विभिन्न योजनाओं के वास्तविक पात्र लोगों की पहचान पहले से की जाए, जिससे शिविर के दौरान उन्हें संबंधित सुविधा का लाभ दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

सरकारी योजनाओं में पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, दिव्यांगजन सहायता, श्रमिक कल्याण और अन्य जनहित से जुड़ी सेवाओं के पात्र लोगों को जानकारी एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक तैयारी की जाएगी। संबंधित विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के अनुसार लाभार्थियों तक पहुंच बनाने का प्रयास करेंगे।

अधिकारियों ने दिया पूर्ण सहयोग का भरोसा

समन्वय बैठक में मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मेगा शिविर के सफल आयोजन में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ समन्वय बनाकर शिविर की तैयारियों को समय से पूरा किया जाएगा।

बैठक में अधिकारियों की जिम्मेदारियों और विभागीय सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई। प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उम्मीद जताई गई कि शिविर के माध्यम से बड़ी संख्या में जरूरतमंद और पात्र लोगों को जानकारी तथा सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा सकेगा।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समन्वय बैठक में अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश चंद्र मोहन चतुर्वेदी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक शत्रुघ्न पाठक सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने शिविर की तैयारियों से संबंधित बिंदुओं पर अपने सुझाव भी रखे।

राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में आयोजित होने वाला यह मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर जिले के लोगों के लिए विधिक जागरूकता और सरकारी योजनाओं तक पहुंच बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कोशिश रहेगी कि शिविर में आने वाले लोगों को एक ही स्थान पर अधिकतम जानकारी और आवश्यक सहायता मिल सके।

1 नवंबर को प्रस्तावित इस आयोजन के माध्यम से जनसामान्य को कानून से जुड़े अधिकारों की जानकारी देने के साथ सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने और पात्र लोगों को वास्तविक लाभ दिलाने पर विशेष जोर रहेगा।

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एक नवंबर को मेडिकल कॉलेज उरई में लगेगा मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 8, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

विधिक जागरूकता के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर रहेगा जोर

उरई (जालौन)। समाज के कमजोर, जरूरतमंद और पात्र लोगों तक कानूनी सहायता तथा सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आगामी 1 नवंबर 2026 को राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत प्रस्तावित इस बड़े शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से अलग-अलग स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।

शिविर के सफल आयोजन को लेकर बुधवार को दीवानी न्यायालय परिसर, उरई में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक हुई। बैठक में शिविर की तैयारियों, विभागों की जिम्मेदारियों, लाभार्थियों के चिन्हांकन और आमजन तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।

तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिए गए निर्देश

समन्वय बैठक की अध्यक्षता अपर जिला जज प्रथम एवं शिविर के नोडल अधिकारी सतीश चंद्र द्विवेदी ने की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि मेगा शिविर को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसका वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए विभागों को पहले से तैयारी करते हुए अपने स्तर पर पात्र लाभार्थियों की पहचान करने और उन्हें शिविर में उपलब्ध सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए।

नोडल अधिकारी ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के ऐसे वर्गों तक न्याय और कानूनी सहायता पहुंचाना है, जो किसी कारणवश अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सुविधाओं से अनजान हैं। इसके साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना भी शिविर की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया। कहा गया कि प्रत्येक विभाग अपनी योजनाओं और सेवाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी समय से उपलब्ध कराए, ताकि शिविर में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

एक स्थान पर मिल सकेगी कई योजनाओं की जानकारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मनाली चंद्रा ने बैठक में शिविर की रूपरेखा के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर में जिले के विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के संभावित और पात्र लाभार्थियों को चिन्हित किया जाएगा।

शिविर स्थल पर अलग-अलग विभागों के कैंप स्थापित किए जाएंगे। इससे आम नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं, पात्रता शर्तों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी मिल सकेगी। संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी लोगों को योजनाओं के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे तथा पात्र व्यक्तियों को लाभ दिलाने की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

शिविर में विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य उन लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है, जो जानकारी के अभाव में अब तक उनका लाभ नहीं ले सके हैं।

विधिक सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल

मेगा शिविर का एक प्रमुख उद्देश्य आमजन में कानूनी अधिकारों और विधिक सहायता के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है। अक्सर आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध सहायता व्यवस्था की जानकारी नहीं रखते। ऐसे लोगों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा।

शिविर के जरिए लोगों को यह समझाने पर भी जोर रहेगा कि जरूरत पड़ने पर वे कानून के तहत उपलब्ध सहायता और संबंधित संस्थाओं से संपर्क कर सकते हैं। इस प्रकार आयोजन को कानूनी जागरूकता और सामाजिक कल्याण को एक साथ जोड़ने वाले मंच के रूप में देखा जा रहा है।

विभागों से योजनाओं की सूची मांगी गई

बैठक के दौरान नोडल अधिकारी सतीश चंद्र द्विवेदी ने सभी संबंधित विभागों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविर की तैयारियों में किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

सभी विभागों से उनके यहां संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की सूची शीघ्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इससे शिविर में विभागवार योजनाओं की जानकारी व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने और पात्र लोगों तक सेवाएं पहुंचाने की योजना तैयार की जा सकेगी।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे अपने विभाग की योजनाओं के संबंध में आवश्यक सामग्री और जानकारी तैयार रखें। शिविर में आने वाले लोगों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा उपलब्ध सुविधाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके, इसके लिए विभागीय स्तर पर पहले से तैयारी करने की आवश्यकता बताई गई।

लाभार्थियों को चिन्हित करने पर रहेगा विशेष ध्यान

शिविर की सफलता के लिए पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि विभिन्न योजनाओं के वास्तविक पात्र लोगों की पहचान पहले से की जाए, जिससे शिविर के दौरान उन्हें संबंधित सुविधा का लाभ दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

सरकारी योजनाओं में पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, दिव्यांगजन सहायता, श्रमिक कल्याण और अन्य जनहित से जुड़ी सेवाओं के पात्र लोगों को जानकारी एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक तैयारी की जाएगी। संबंधित विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के अनुसार लाभार्थियों तक पहुंच बनाने का प्रयास करेंगे।

अधिकारियों ने दिया पूर्ण सहयोग का भरोसा

समन्वय बैठक में मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मेगा शिविर के सफल आयोजन में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ समन्वय बनाकर शिविर की तैयारियों को समय से पूरा किया जाएगा।

बैठक में अधिकारियों की जिम्मेदारियों और विभागीय सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई। प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उम्मीद जताई गई कि शिविर के माध्यम से बड़ी संख्या में जरूरतमंद और पात्र लोगों को जानकारी तथा सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा सकेगा।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समन्वय बैठक में अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश चंद्र मोहन चतुर्वेदी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक शत्रुघ्न पाठक सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने शिविर की तैयारियों से संबंधित बिंदुओं पर अपने सुझाव भी रखे।

राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में आयोजित होने वाला यह मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर जिले के लोगों के लिए विधिक जागरूकता और सरकारी योजनाओं तक पहुंच बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कोशिश रहेगी कि शिविर में आने वाले लोगों को एक ही स्थान पर अधिकतम जानकारी और आवश्यक सहायता मिल सके।

1 नवंबर को प्रस्तावित इस आयोजन के माध्यम से जनसामान्य को कानून से जुड़े अधिकारों की जानकारी देने के साथ सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने और पात्र लोगों को वास्तविक लाभ दिलाने पर विशेष जोर रहेगा।