स्काउट-गाइड को सिखाए आत्मनिर्भरता, अनुशासन और सेवा के गुर, पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई, जालौन। विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, सहयोग की भावना और कठिन परिस्थितियों में स्वयं को संभालने की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से सर्वोदय इंटर कॉलेज में पांच दिवसीय तृतीय सोपान जांच शिविर का शुभारंभ किया गया। भारत स्काउट और गाइड संस्था के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में जिले के अलग-अलग विद्यालयों से आए स्काउट और गाइड प्रतिभाग कर रहे हैं। शिविर छह से 10 अक्टूबर तक संचालित किया जा रहा है, जिसमें विद्यार्थियों को स्काउटिंग एवं गाइडिंग से जुड़ी विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

शिविर का उद्घाटन जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि स्काउटिंग और गाइडिंग केवल पाठ्यक्रम से जुड़ी गतिविधि नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। इसके जरिए बच्चों में अनुशासन के साथ-साथ दूसरों की मदद करने, जिम्मेदारी उठाने और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की आदत विकसित होती है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ व्यावहारिक जीवन के कौशल सीखना भी जरूरी है। स्काउटिंग प्रशिक्षण बच्चों को इसी दिशा में आगे बढ़ाता है। शिविर में मिलने वाला प्रशिक्षण उन्हें आत्मनिर्भर बनने के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने में मदद करेगा।

स्वागत के साथ शुरू हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। सर्वोदय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं जिला स्काउट कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार निरंजन ने मुख्य अतिथि सहित सभी प्रशिक्षकों, पदाधिकारियों और प्रतिभागी विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने शिविर के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तृतीय सोपान जांच शिविर विद्यार्थियों के लिए सीखने और अपने कौशल को व्यवहार में उतारने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन, सामूहिक कार्य और समस्या समाधान जैसे गुण विकसित होते हैं। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को ऐसी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, जिनका उपयोग वे जरूरत पड़ने पर वास्तविक जीवन में भी कर सकते हैं।

तंबू लगाने से लेकर गांठ बांधने तक का प्रशिक्षण

पांच दिवसीय शिविर में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें विभिन्न गतिविधियों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को तंबू तैयार करने, रस्सियों की अलग-अलग प्रकार की गांठें लगाने, समूह में कार्य करने और शिविर व्यवस्था संभालने की जानकारी दी जा रही है।

स्काउटिंग में तंबू लगाना और रस्सियों का सही इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण कौशल माना जाता है। विद्यार्थियों को अभ्यास के माध्यम से यह समझाया जा रहा है कि सीमित संसाधनों का उपयोग करते हुए किस प्रकार व्यवस्थित तरीके से अस्थायी व्यवस्था तैयार की जा सकती है। इससे बच्चों में कार्य के प्रति जिम्मेदारी और टीम भावना को बढ़ावा मिलता है।

प्राथमिक उपचार का भी दिया जा रहा प्रशिक्षण

शिविर के दौरान प्राथमिक चिकित्सा से संबंधित जानकारी भी प्रतिभागियों को दी जा रही है। प्रशिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को बताया जा रहा है कि दुर्घटना या अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की स्थिति में तत्काल सहायता कैसे उपलब्ध कराई जा सकती है।

प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण स्काउट-गाइड गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना है, जब चिकित्सकीय सहायता तत्काल उपलब्ध न हो। प्रशिक्षण के जरिए उन्हें आपात स्थिति में घबराने के बजाय संयम से काम लेने और उपलब्ध संसाधनों का उचित इस्तेमाल करने की जानकारी दी जा रही है।

कठिन परिस्थितियों में आत्मनिर्भर बनने की सीख

शिविर में विद्यार्थियों को विपरीत परिस्थितियों में जीवन यापन से जुड़े जरूरी कौशल भी सिखाए जा रहे हैं। प्रशिक्षक प्रतिभागियों को समझा रहे हैं कि प्राकृतिक या अन्य आपात परिस्थितियों में सीमित साधनों के बीच किस प्रकार सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से काम किया जा सकता है।

इस तरह की गतिविधियां बच्चों के भीतर आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करती हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें समूह में समस्याओं का समाधान खोजने, एक-दूसरे की सहायता करने और उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम दे रही प्रशिक्षण

शिविर में प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करने के लिए अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम मौजूद है। हिमांशु चिचौदिया, रामेन्द्र सिंह, देवेंद्र सविता और आशीष साहू प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रशिक्षक अंबरीन जहां तथा बुंदेलखंड इंटर कॉलेज कोटरा की टीम भी विभिन्न गतिविधियों में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रही है।

प्रशिक्षकों द्वारा अलग-अलग समूहों में विद्यार्थियों को अभ्यास कराया जा रहा है। गतिविधियों के दौरान उनकी कार्यक्षमता, अनुशासन और आपसी समन्वय पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को तृतीय सोपान की आवश्यक गतिविधियों और जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है।

सेवा भावना को दिया जा रहा विशेष महत्व

शिविर में विद्यार्थियों को समाज सेवा के महत्व से भी परिचित कराया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि स्काउट और गाइड का मूल उद्देश्य केवल व्यक्तिगत कौशल हासिल करना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा तैयार रहना भी है।

प्रशिक्षण के दौरान सेवा, सहयोग और राष्ट्रहित की भावना को प्रमुखता दी जा रही है। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया जा रहा है कि छोटी-छोटी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने की आदत आगे चलकर उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अनुशासन और नेतृत्व क्षमता पर जोर

शिविर में समय की पाबंदी और अनुशासन को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। प्रतिभागियों को निर्धारित समय पर गतिविधियों में शामिल होने, अपने सामान को व्यवस्थित रखने और समूह के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

स्काउट-गाइड गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने का भी प्रयास किया जा रहा है। उन्हें छोटे-छोटे समूहों में जिम्मेदारियां देकर निर्णय लेने और साथियों के साथ समन्वय स्थापित करने का अभ्यास कराया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ अपनी जिम्मेदारी को समझने की क्षमता भी विकसित होती है।

पदाधिकारियों और स्काउट-गाइड मास्टरों की मौजूदगी

शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम में भारत स्काउट और गाइड संस्था के विभिन्न पदाधिकारी एवं कई विद्यालयों के स्काउट-गाइड मास्टर उपस्थित रहे। जिला सचिव व्यंजना सिंह, जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट मुकेश बाबू सक्सेना, जिला संगठन आयुक्त स्काउट रजत कुलश्रेष्ठ और जिला संगठन आयुक्त गाइड संगीता सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

अधिकारियों ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें शिविर की सभी गतिविधियों में सक्रियता से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई बातें केवल शिविर तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थी उन्हें अपने दैनिक जीवन में भी अपनाएं।

पांच दिनों में कौशल को निखारने का अवसर

छह से 10 अक्टूबर तक चलने वाला यह शिविर प्रतिभागियों को कई स्तरों पर सीखने का अवसर प्रदान कर रहा है। पांच दिनों के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों के जरिए तृतीय सोपान से संबंधित आवश्यक कौशल का अभ्यास कराया जा रहा है।

शिविर के अंत में विद्यार्थियों के प्रशिक्षण और गतिविधियों से जुड़े प्रदर्शन का आकलन भी किया जाएगा। इससे उन्हें अपनी क्षमताओं को समझने और भविष्य में स्काउटिंग एवं गाइडिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने की दिशा मिलेगी।

कार्यक्रम के अंत में सर्वोदय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार निरंजन ने मुख्य अतिथि, प्रशिक्षकों, संस्था के पदाधिकारियों और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण शिविर विद्यार्थियों को किताबों की पढ़ाई के साथ जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए भी तैयार करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिविर में शामिल सभी स्काउट और गाइड यहां से अनुशासन, सेवा, सहयोग और आत्मनिर्भरता की सीख लेकर लौटेंगे।

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स्काउट-गाइड को सिखाए आत्मनिर्भरता, अनुशासन और सेवा के गुर, पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 8, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई, जालौन। विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, सहयोग की भावना और कठिन परिस्थितियों में स्वयं को संभालने की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से सर्वोदय इंटर कॉलेज में पांच दिवसीय तृतीय सोपान जांच शिविर का शुभारंभ किया गया। भारत स्काउट और गाइड संस्था के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में जिले के अलग-अलग विद्यालयों से आए स्काउट और गाइड प्रतिभाग कर रहे हैं। शिविर छह से 10 अक्टूबर तक संचालित किया जा रहा है, जिसमें विद्यार्थियों को स्काउटिंग एवं गाइडिंग से जुड़ी विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

शिविर का उद्घाटन जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि स्काउटिंग और गाइडिंग केवल पाठ्यक्रम से जुड़ी गतिविधि नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। इसके जरिए बच्चों में अनुशासन के साथ-साथ दूसरों की मदद करने, जिम्मेदारी उठाने और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की आदत विकसित होती है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ व्यावहारिक जीवन के कौशल सीखना भी जरूरी है। स्काउटिंग प्रशिक्षण बच्चों को इसी दिशा में आगे बढ़ाता है। शिविर में मिलने वाला प्रशिक्षण उन्हें आत्मनिर्भर बनने के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने में मदद करेगा।

स्वागत के साथ शुरू हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। सर्वोदय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं जिला स्काउट कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार निरंजन ने मुख्य अतिथि सहित सभी प्रशिक्षकों, पदाधिकारियों और प्रतिभागी विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने शिविर के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तृतीय सोपान जांच शिविर विद्यार्थियों के लिए सीखने और अपने कौशल को व्यवहार में उतारने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन, सामूहिक कार्य और समस्या समाधान जैसे गुण विकसित होते हैं। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को ऐसी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, जिनका उपयोग वे जरूरत पड़ने पर वास्तविक जीवन में भी कर सकते हैं।

तंबू लगाने से लेकर गांठ बांधने तक का प्रशिक्षण

पांच दिवसीय शिविर में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें विभिन्न गतिविधियों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को तंबू तैयार करने, रस्सियों की अलग-अलग प्रकार की गांठें लगाने, समूह में कार्य करने और शिविर व्यवस्था संभालने की जानकारी दी जा रही है।

स्काउटिंग में तंबू लगाना और रस्सियों का सही इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण कौशल माना जाता है। विद्यार्थियों को अभ्यास के माध्यम से यह समझाया जा रहा है कि सीमित संसाधनों का उपयोग करते हुए किस प्रकार व्यवस्थित तरीके से अस्थायी व्यवस्था तैयार की जा सकती है। इससे बच्चों में कार्य के प्रति जिम्मेदारी और टीम भावना को बढ़ावा मिलता है।

प्राथमिक उपचार का भी दिया जा रहा प्रशिक्षण

शिविर के दौरान प्राथमिक चिकित्सा से संबंधित जानकारी भी प्रतिभागियों को दी जा रही है। प्रशिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को बताया जा रहा है कि दुर्घटना या अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की स्थिति में तत्काल सहायता कैसे उपलब्ध कराई जा सकती है।

प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण स्काउट-गाइड गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना है, जब चिकित्सकीय सहायता तत्काल उपलब्ध न हो। प्रशिक्षण के जरिए उन्हें आपात स्थिति में घबराने के बजाय संयम से काम लेने और उपलब्ध संसाधनों का उचित इस्तेमाल करने की जानकारी दी जा रही है।

कठिन परिस्थितियों में आत्मनिर्भर बनने की सीख

शिविर में विद्यार्थियों को विपरीत परिस्थितियों में जीवन यापन से जुड़े जरूरी कौशल भी सिखाए जा रहे हैं। प्रशिक्षक प्रतिभागियों को समझा रहे हैं कि प्राकृतिक या अन्य आपात परिस्थितियों में सीमित साधनों के बीच किस प्रकार सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से काम किया जा सकता है।

इस तरह की गतिविधियां बच्चों के भीतर आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करती हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें समूह में समस्याओं का समाधान खोजने, एक-दूसरे की सहायता करने और उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम दे रही प्रशिक्षण

शिविर में प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करने के लिए अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम मौजूद है। हिमांशु चिचौदिया, रामेन्द्र सिंह, देवेंद्र सविता और आशीष साहू प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रशिक्षक अंबरीन जहां तथा बुंदेलखंड इंटर कॉलेज कोटरा की टीम भी विभिन्न गतिविधियों में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रही है।

प्रशिक्षकों द्वारा अलग-अलग समूहों में विद्यार्थियों को अभ्यास कराया जा रहा है। गतिविधियों के दौरान उनकी कार्यक्षमता, अनुशासन और आपसी समन्वय पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को तृतीय सोपान की आवश्यक गतिविधियों और जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है।

सेवा भावना को दिया जा रहा विशेष महत्व

शिविर में विद्यार्थियों को समाज सेवा के महत्व से भी परिचित कराया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि स्काउट और गाइड का मूल उद्देश्य केवल व्यक्तिगत कौशल हासिल करना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा तैयार रहना भी है।

प्रशिक्षण के दौरान सेवा, सहयोग और राष्ट्रहित की भावना को प्रमुखता दी जा रही है। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया जा रहा है कि छोटी-छोटी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने की आदत आगे चलकर उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अनुशासन और नेतृत्व क्षमता पर जोर

शिविर में समय की पाबंदी और अनुशासन को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। प्रतिभागियों को निर्धारित समय पर गतिविधियों में शामिल होने, अपने सामान को व्यवस्थित रखने और समूह के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

स्काउट-गाइड गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने का भी प्रयास किया जा रहा है। उन्हें छोटे-छोटे समूहों में जिम्मेदारियां देकर निर्णय लेने और साथियों के साथ समन्वय स्थापित करने का अभ्यास कराया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ अपनी जिम्मेदारी को समझने की क्षमता भी विकसित होती है।

पदाधिकारियों और स्काउट-गाइड मास्टरों की मौजूदगी

शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम में भारत स्काउट और गाइड संस्था के विभिन्न पदाधिकारी एवं कई विद्यालयों के स्काउट-गाइड मास्टर उपस्थित रहे। जिला सचिव व्यंजना सिंह, जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट मुकेश बाबू सक्सेना, जिला संगठन आयुक्त स्काउट रजत कुलश्रेष्ठ और जिला संगठन आयुक्त गाइड संगीता सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

अधिकारियों ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें शिविर की सभी गतिविधियों में सक्रियता से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई बातें केवल शिविर तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थी उन्हें अपने दैनिक जीवन में भी अपनाएं।

पांच दिनों में कौशल को निखारने का अवसर

छह से 10 अक्टूबर तक चलने वाला यह शिविर प्रतिभागियों को कई स्तरों पर सीखने का अवसर प्रदान कर रहा है। पांच दिनों के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों के जरिए तृतीय सोपान से संबंधित आवश्यक कौशल का अभ्यास कराया जा रहा है।

शिविर के अंत में विद्यार्थियों के प्रशिक्षण और गतिविधियों से जुड़े प्रदर्शन का आकलन भी किया जाएगा। इससे उन्हें अपनी क्षमताओं को समझने और भविष्य में स्काउटिंग एवं गाइडिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने की दिशा मिलेगी।

कार्यक्रम के अंत में सर्वोदय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार निरंजन ने मुख्य अतिथि, प्रशिक्षकों, संस्था के पदाधिकारियों और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण शिविर विद्यार्थियों को किताबों की पढ़ाई के साथ जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए भी तैयार करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिविर में शामिल सभी स्काउट और गाइड यहां से अनुशासन, सेवा, सहयोग और आत्मनिर्भरता की सीख लेकर लौटेंगे।