नवदुर्गा पर्व को लेकर पीस कमेटी की बैठक, देवी पंडालों में सुरक्षा और व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

कालपी, जालौन। आगामी नवदुर्गा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार देर शाम कालपी कोतवाली के अतिथि गृह में उपजिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य की अध्यक्षता में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधिकारियों, नगर पालिका से जुड़े कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, देवी पंडाल आयोजकों और नगर के गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने पर्व के दौरान सुरक्षा, अग्निशमन, साफ-सफाई, यातायात और कानून-व्यवस्था से संबंधित जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में उपजिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने देवी प्रतिमा स्थापित करने वाले आयोजकों से कहा कि पर्व के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने विशेष रूप से पंडालों में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम मजबूत रखने पर जोर दिया। उन्होंने सभी आयोजकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक देवी पंडाल में पानी से भरा कम से कम एक ड्रम अनिवार्य रूप से रखा जाए, ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा सके।

उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी जरूरी है। छोटी सी असावधानी भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। इसलिए आयोजक पंडाल निर्माण से लेकर बिजली व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दें।

सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था पर जोर

उपजिलाधिकारी ने सभी प्रमुख देवी पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि सीसीटीवी कैमरों से पंडाल और उसके आसपास होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी। किसी अप्रिय घटना की स्थिति में घटनाक्रम की जानकारी हासिल करने और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने में भी कैमरों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

उन्होंने आयोजकों से कहा कि पंडालों में ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग तथा सुगम रास्ते रखने की व्यवस्था की जाए। भीड़ अधिक होने की स्थिति में लोगों की आवाजाही बाधित न हो, इसके लिए आयोजक स्वयंसेवकों की मदद भी ले सकते हैं।

पंडालों में ज्वलनशील सामग्री नहीं रखने की हिदायत

बैठक के दौरान अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने को कहा। उपजिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने स्पष्ट किया कि देवी पंडालों के भीतर किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री नहीं रखी जानी चाहिए। बिजली के तारों, कनेक्शनों और रोशनी की व्यवस्था भी सुरक्षित तरीके से की जाए।

उन्होंने आयोजकों से कहा कि सजावट करते समय सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें और ऐसी सामग्री का इस्तेमाल न करें जिससे आग फैलने का खतरा बढ़ सकता है। उनका कहना था कि पर्व का उद्देश्य श्रद्धा और उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन करना है, इसलिए सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

कम आवाज में डीजे बजाने की अपील

पीस कमेटी की बैठक में ध्वनि प्रदूषण से संबंधित विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। उपजिलाधिकारी ने आयोजकों से अपील की कि पर्व के दौरान डीजे और अन्य ध्वनि उपकरणों का इस्तेमाल निर्धारित मानकों के अनुरूप और कम आवाज में किया जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक उत्सव के दौरान दूसरे लोगों, बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने आयोजकों से परंपरागत तरीके से शांतिपूर्ण वातावरण में नवदुर्गा पर्व मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्व आपसी भाईचारे और सद्भाव का संदेश देने वाला अवसर है। सभी समुदायों और वर्गों के लोगों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए त्योहार मनाना चाहिए।

शराब पीकर उपद्रव करने वालों पर होगी कार्रवाई

कानून-व्यवस्था को लेकर उपजिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि नवदुर्गा पर्व के दौरान शराब पीकर उपद्रव करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्व की शुरुआत से लेकर देवी प्रतिमाओं के विसर्जन तक पुलिस और प्रशासन की नजर रहेगी।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर अशांति फैलाता, श्रद्धालुओं को परेशान करता या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता त्योहार के दौरान शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना है।

पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा

प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी ने बैठक में मौजूद देवी पंडाल आयोजकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि नवदुर्गा पर्व के दौरान मंदिरों और देवी पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से पर्व के दौरान लगातार निगरानी रखी जाएगी। भीड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी और आवश्यकता के अनुसार गश्त भी की जाएगी। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाया जा सके।

विसर्जन के दौरान भी रहेगी निगरानी

बैठक में अधिकारियों ने देवी प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर भी आयोजकों से सहयोग करने की अपील की। प्रशासन का कहना है कि पर्व के अंतिम चरण में भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए विसर्जन मार्ग, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोजकों को पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर चलना होगा।

प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि विसर्जन के दौरान भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। किसी भी तरह के विवाद या अव्यवस्था को रोकने के लिए पुलिस टीम लगातार सक्रिय रहेगी।

नागरिकों से प्रशासन ने मांगा सहयोग

उपजिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में केवल प्रशासन की भूमिका पर्याप्त नहीं होती। स्थानीय नागरिकों, पंडाल समितियों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और पर्व को आपसी प्रेम, भाईचारे तथा सौहार्द के साथ मनाएं।

उन्होंने कहा कि आयोजक अपने-अपने पंडालों में स्वयंसेवकों की व्यवस्था करें और श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखें। बिजली, पानी, सफाई, सुरक्षा तथा भीड़ नियंत्रण से जुड़े विषयों पर पहले से तैयारी कर लेना किसी भी संभावित समस्या को रोकने में मददगार साबित होगा।

बैठक के दौरान प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान किसी अफवाह पर भरोसा न किया जाए। किसी भी विवाद या संदिग्ध सूचना की स्थिति में लोग सीधे पुलिस और प्रशासन को जानकारी दें।

ये लोग रहे मौजूद

पीस कमेटी की बैठक में नायब तहसीलदार प्रिंस बाबू, अतिरिक्त कानून इंस्पेक्टर अवनीश कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक उदय प्रताप सिंह, पालिका के अवर अभियंता प्रवीण कुमार मौर्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा भाजपा नेता जय खत्री, सपा नेता शिवालक सिंह यादव, दीपक शर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष नमन अग्रवाल, उपाध्यक्ष अमित गुप्ता, कोषाध्यक्ष श्रवण कुमार गुप्ता, सभासद सुनील पटवा, नीतू गुप्ता, राममिलन गुप्ता, सुंदरम चौधरी समेत बड़ी संख्या में नगर के नागरिक और आयोजक बैठक में शामिल हुए।

बैठक के अंत में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने सभी आयोजकों से निर्धारित नियमों का पालन करने तथा किसी भी परिस्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न होने देने की अपील की। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि कालपी में नवदुर्गा पर्व श्रद्धा, उत्साह, सुरक्षा और आपसी भाईचारे के वातावरण में संपन्न होगा।

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नवदुर्गा पर्व को लेकर पीस कमेटी की बैठक, देवी पंडालों में सुरक्षा और व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 8, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

कालपी, जालौन। आगामी नवदुर्गा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार देर शाम कालपी कोतवाली के अतिथि गृह में उपजिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य की अध्यक्षता में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधिकारियों, नगर पालिका से जुड़े कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, देवी पंडाल आयोजकों और नगर के गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने पर्व के दौरान सुरक्षा, अग्निशमन, साफ-सफाई, यातायात और कानून-व्यवस्था से संबंधित जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में उपजिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने देवी प्रतिमा स्थापित करने वाले आयोजकों से कहा कि पर्व के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने विशेष रूप से पंडालों में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम मजबूत रखने पर जोर दिया। उन्होंने सभी आयोजकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक देवी पंडाल में पानी से भरा कम से कम एक ड्रम अनिवार्य रूप से रखा जाए, ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा सके।

उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी जरूरी है। छोटी सी असावधानी भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। इसलिए आयोजक पंडाल निर्माण से लेकर बिजली व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दें।

सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था पर जोर

उपजिलाधिकारी ने सभी प्रमुख देवी पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि सीसीटीवी कैमरों से पंडाल और उसके आसपास होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी। किसी अप्रिय घटना की स्थिति में घटनाक्रम की जानकारी हासिल करने और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने में भी कैमरों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

उन्होंने आयोजकों से कहा कि पंडालों में ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग तथा सुगम रास्ते रखने की व्यवस्था की जाए। भीड़ अधिक होने की स्थिति में लोगों की आवाजाही बाधित न हो, इसके लिए आयोजक स्वयंसेवकों की मदद भी ले सकते हैं।

पंडालों में ज्वलनशील सामग्री नहीं रखने की हिदायत

बैठक के दौरान अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने को कहा। उपजिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने स्पष्ट किया कि देवी पंडालों के भीतर किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री नहीं रखी जानी चाहिए। बिजली के तारों, कनेक्शनों और रोशनी की व्यवस्था भी सुरक्षित तरीके से की जाए।

उन्होंने आयोजकों से कहा कि सजावट करते समय सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें और ऐसी सामग्री का इस्तेमाल न करें जिससे आग फैलने का खतरा बढ़ सकता है। उनका कहना था कि पर्व का उद्देश्य श्रद्धा और उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन करना है, इसलिए सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

कम आवाज में डीजे बजाने की अपील

पीस कमेटी की बैठक में ध्वनि प्रदूषण से संबंधित विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। उपजिलाधिकारी ने आयोजकों से अपील की कि पर्व के दौरान डीजे और अन्य ध्वनि उपकरणों का इस्तेमाल निर्धारित मानकों के अनुरूप और कम आवाज में किया जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक उत्सव के दौरान दूसरे लोगों, बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने आयोजकों से परंपरागत तरीके से शांतिपूर्ण वातावरण में नवदुर्गा पर्व मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्व आपसी भाईचारे और सद्भाव का संदेश देने वाला अवसर है। सभी समुदायों और वर्गों के लोगों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए त्योहार मनाना चाहिए।

शराब पीकर उपद्रव करने वालों पर होगी कार्रवाई

कानून-व्यवस्था को लेकर उपजिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि नवदुर्गा पर्व के दौरान शराब पीकर उपद्रव करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्व की शुरुआत से लेकर देवी प्रतिमाओं के विसर्जन तक पुलिस और प्रशासन की नजर रहेगी।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर अशांति फैलाता, श्रद्धालुओं को परेशान करता या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता त्योहार के दौरान शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना है।

पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा

प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी ने बैठक में मौजूद देवी पंडाल आयोजकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि नवदुर्गा पर्व के दौरान मंदिरों और देवी पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से पर्व के दौरान लगातार निगरानी रखी जाएगी। भीड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी और आवश्यकता के अनुसार गश्त भी की जाएगी। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाया जा सके।

विसर्जन के दौरान भी रहेगी निगरानी

बैठक में अधिकारियों ने देवी प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर भी आयोजकों से सहयोग करने की अपील की। प्रशासन का कहना है कि पर्व के अंतिम चरण में भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए विसर्जन मार्ग, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोजकों को पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर चलना होगा।

प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि विसर्जन के दौरान भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। किसी भी तरह के विवाद या अव्यवस्था को रोकने के लिए पुलिस टीम लगातार सक्रिय रहेगी।

नागरिकों से प्रशासन ने मांगा सहयोग

उपजिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में केवल प्रशासन की भूमिका पर्याप्त नहीं होती। स्थानीय नागरिकों, पंडाल समितियों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और पर्व को आपसी प्रेम, भाईचारे तथा सौहार्द के साथ मनाएं।

उन्होंने कहा कि आयोजक अपने-अपने पंडालों में स्वयंसेवकों की व्यवस्था करें और श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखें। बिजली, पानी, सफाई, सुरक्षा तथा भीड़ नियंत्रण से जुड़े विषयों पर पहले से तैयारी कर लेना किसी भी संभावित समस्या को रोकने में मददगार साबित होगा।

बैठक के दौरान प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान किसी अफवाह पर भरोसा न किया जाए। किसी भी विवाद या संदिग्ध सूचना की स्थिति में लोग सीधे पुलिस और प्रशासन को जानकारी दें।

ये लोग रहे मौजूद

पीस कमेटी की बैठक में नायब तहसीलदार प्रिंस बाबू, अतिरिक्त कानून इंस्पेक्टर अवनीश कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक उदय प्रताप सिंह, पालिका के अवर अभियंता प्रवीण कुमार मौर्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा भाजपा नेता जय खत्री, सपा नेता शिवालक सिंह यादव, दीपक शर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष नमन अग्रवाल, उपाध्यक्ष अमित गुप्ता, कोषाध्यक्ष श्रवण कुमार गुप्ता, सभासद सुनील पटवा, नीतू गुप्ता, राममिलन गुप्ता, सुंदरम चौधरी समेत बड़ी संख्या में नगर के नागरिक और आयोजक बैठक में शामिल हुए।

बैठक के अंत में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने सभी आयोजकों से निर्धारित नियमों का पालन करने तथा किसी भी परिस्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न होने देने की अपील की। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि कालपी में नवदुर्गा पर्व श्रद्धा, उत्साह, सुरक्षा और आपसी भाईचारे के वातावरण में संपन्न होगा।