सेवा संकल्प अभियान के तहत उरई में निकली ‘सेवा ज्योति यात्रा’, जनसेवा का संदेश लेकर शहर में हुआ भ्रमण
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई, जालौन। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ पहुंचाने तथा जनसेवा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को जालौन जनपद में ‘सेवा संकल्प अभियान-जन सेवा से देश सेवा’ के अंतर्गत ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन किया गया। यात्रा के माध्यम से लोगों को सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व, पारदर्शिता और जनकल्याण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत विकास भवन परिसर से हुई। यहां मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह ने हरी झंडी दिखाकर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ को रवाना किया। यात्रा में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी समेत अन्य प्रतिभागी शामिल हुए। प्रतिभागियों में अभियान को लेकर उत्साह दिखाई दिया और उन्होंने जनसेवा से जुड़े संदेशों के साथ यात्रा में भागीदारी की।
विकास भवन से टाउन हॉल तक पहुंची यात्रा
‘सेवा ज्योति यात्रा’ विकास भवन परिसर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। यात्रा का मार्ग जिला परिषद, अंबेडकर चौराहा और शहीद भगत सिंह चौराहा होते हुए टाउन हॉल तक निर्धारित किया गया था। इस दौरान यात्रा में शामिल लोगों ने सेवा भावना, सामाजिक जिम्मेदारी और जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यात्रा का उद्देश्य केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना नहीं था, बल्कि जनसेवा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को सामने लाना भी था। अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस संदेश को प्रमुखता से रखा कि सरकारी तंत्र का वास्तविक उद्देश्य समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सुविधाएं और योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों से गुजरने के दौरान यात्रा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। अभियान के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि विकास और कल्याण की योजनाएं तभी सार्थक हो सकती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद और पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे।
टाउन हॉल में दिलाई गई सेवा एवं जनकल्याण की शपथ
यात्रा के टाउन हॉल पहुंचने के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया। यहां मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य प्रतिभागियों को सेवा एवं जनकल्याण की शपथ दिलाई। शपथ के माध्यम से सभी ने अपने दायित्वों को जिम्मेदारी के साथ निभाने और जनहित को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जनसेवा को केवल सरकारी नौकरी से जुड़ा हुआ औपचारिक दायित्व नहीं माना जाना चाहिए। सेवा की भावना समाज और राष्ट्र के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी और कर्मचारी संवेदनशीलता के साथ लोगों की समस्याओं को समझकर उनका समाधान करने का प्रयास करते हैं, तब प्रशासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत होता है।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। समाज के अंतिम पायदान पर मौजूद पात्र व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना ही प्रभावी जनसेवा का महत्वपूर्ण आधार है।
पारदर्शिता और संवेदनशीलता से कार्य करने का आह्वान
सीडीओ केके सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। आम नागरिक जब अपनी समस्या लेकर किसी सरकारी कार्यालय में पहुंचता है तो उसकी बात को गंभीरता से सुनना और नियमानुसार समाधान की दिशा में प्रयास करना अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। कई बार पात्र लोग जानकारी के अभाव में योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। ऐसे में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सक्रिय भूमिका निभाते हुए पात्र लोगों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने और उन्हें लाभ दिलाने की दिशा में काम करना चाहिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जनकल्याण और विकास का लक्ष्य केवल सरकारी विभागों के प्रयासों से पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। जब प्रशासन, कर्मचारी और आम नागरिक मिलकर विकास तथा सेवा के कार्यों में योगदान करते हैं तो योजनाओं का प्रभाव व्यापक हो सकता है।
‘जन सेवा से देश सेवा’ का दिया संदेश
‘सेवा संकल्प अभियान-जन सेवा से देश सेवा’ के तहत आयोजित इस यात्रा में सेवा को राष्ट्र निर्माण से जोड़कर देखने का संदेश दिया गया। अभियान का मूल भाव यह रहा कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना ही व्यापक अर्थों में देश की सेवा है।
सरकारी कर्मचारी और अधिकारी प्रतिदिन अलग-अलग विभागों के माध्यम से आम जनता से जुड़े कार्य करते हैं। ऐसे में उनकी कार्यशैली और व्यवहार का सीधा प्रभाव नागरिकों पर पड़ता है। यात्रा के दौरान इसी जिम्मेदारी को समझने और उसे अधिक प्रभावी तरीके से निभाने का संदेश दिया गया।
अभियान के माध्यम से लोगों को यह भी संदेश दिया गया कि सामाजिक विकास में हर व्यक्ति की भूमिका होती है। जरूरतमंद लोगों की मदद करना, सरकारी योजनाओं के बारे में सही जानकारी साझा करना, सार्वजनिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार करना और समाज में सहयोग की भावना को बढ़ावा देना भी जनसेवा के व्यापक स्वरूप का हिस्सा है।
अधिकारियों और कर्मचारियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में विकास विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने यात्रा में सहभागिता करते हुए सेवा भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों ने अभियान के उद्देश्य के अनुरूप जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह और जिला विकास अधिकारी निशांत पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम ने विभागीय स्तर पर सेवा और जनकल्याण की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना बड़ी जिम्मेदारी
‘सेवा ज्योति यात्रा’ का सबसे महत्वपूर्ण संदेश समाज के उन लोगों तक सरकारी सुविधाओं को पहुंचाने से जुड़ा रहा, जो विकास की मुख्यधारा से किसी कारणवश पीछे रह जाते हैं। ग्रामीण और कमजोर वर्गों के पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना प्रशासन के सामने लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनी रहती है।
यात्रा के माध्यम से यह भावना सामने आई कि योजनाओं की सफलता का मूल्यांकन केवल उनके संचालन से नहीं, बल्कि इस बात से होना चाहिए कि उनका वास्तविक लाभ कितने पात्र लोगों तक पहुंचा। इसके लिए विभागीय स्तर पर समन्वय, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना जरूरी है।
सामूहिक भागीदारी से मजबूत होगा जनकल्याण
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर भी बल दिया गया कि जनकल्याण का उद्देश्य तभी व्यापक रूप ले सकता है, जब समाज के अलग-अलग वर्ग इसमें सहभागी बनें। सरकारी मशीनरी अपनी जिम्मेदारी निभाए और नागरिक भी जागरूक होकर योजनाओं तथा सामाजिक गतिविधियों में भाग लें, तो विकास की प्रक्रिया को गति मिल सकती है।
‘सेवा ज्योति यात्रा’ ने इसी सामूहिक सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। विकास भवन से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरने वाली यात्रा ने लोगों के बीच सेवा और सामाजिक दायित्व का संदेश पहुंचाया। टाउन हॉल में शपथ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, लेकिन इसके माध्यम से जनसेवा के प्रति जिम्मेदारी को निरंतर बनाए रखने का संकल्प दोहराया गया।
कुल मिलाकर, जालौन में आयोजित ‘सेवा ज्योति यात्रा’ ने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को जनहित को प्राथमिकता देने, पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा अपने दायित्वों का संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करने का संदेश दिया। ‘जन सेवा से देश सेवा’ की भावना पर आधारित यह आयोजन सामाजिक जिम्मेदारी और जनकल्याण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।