कानपुर में टीन शेड ठीक करते समय करंट की चपेट में आया मजदूर, 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत

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अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

कानपुर, 26 सितंबर 2026। कानपुर जिले के चौबेपुर क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। मालों गांव में टीन शेड की मरम्मत का काम कर रहे करीब 45 वर्षीय मजदूर की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। हादसे ने एक बार फिर बारिश के मौसम में बिजली के तारों और धातु से जुड़े निर्माण कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सावधानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

AI Generated photo

मिली जानकारी के अनुसार, मालों गांव निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। शनिवार को वह किसी स्थान पर टीन शेड को ठीक करने के काम में जुटा हुआ था। इसी दौरान टीन शेड का हिस्सा बिजली के संपर्क में आ गया और मजदूर उसकी चपेट में आ गया। अचानक हुए विद्युत हादसे से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

टीन शेड ठीक करते समय हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि मजदूर टीन शेड की मरम्मत और उसे व्यवस्थित करने का काम कर रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद विद्युत लाइन से टीन के संपर्क में आने की स्थिति बनी। जैसे ही मजदूर इसकी चपेट में आया, वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी हालत बिगड़ गई।

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उसे बचाने का प्रयास किया। बिजली का संपर्क हटाने के बाद घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

45 वर्षीय मजदूर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस व्यक्ति की कमाई से परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी होती थीं, उसकी अचानक मौत से परिजनों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति भी पैदा हो गई है।

ग्रामीणों के मुताबिक मृतक मेहनत-मजदूरी करके परिवार चलाता था और रोज की कमाई से घर का खर्च संभालता था। हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से घटना की जांच कराने और पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बिजली से जुड़े हादसों को रोकने के लिए ग्रामीण इलाकों में विद्युत लाइनों की स्थिति और उनके आसपास होने वाले निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

बारिश के मौसम में बढ़ जाता है बिजली का खतरा

कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इन दिनों बारिश का दौर चल रहा है। ऐसे मौसम में बिजली के खुले तार, गीली जमीन और धातु की वस्तुएं हादसे का खतरा बढ़ा सकती हैं। टीन शेड, लोहे की सीढ़ी, पाइप या अन्य धातु की सामग्री बिजली की लाइन के संपर्क में आने पर गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली की लाइन के आसपास किसी भी प्रकार का निर्माण या मरम्मत कार्य करते समय पर्याप्त दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है। यदि विद्युत लाइन के आसपास टीन शेड लगाया या ठीक किया जा रहा हो तो काम शुरू करने से पहले बिजली की आपूर्ति बंद कराना और प्रशिक्षित व्यक्ति की सहायता लेना आवश्यक है।

ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार लोग रोजमर्रा के छोटे-मोटे निर्माण कार्य स्वयं करने लगते हैं। ऐसे में बिजली की लाइन की स्थिति और उससे सुरक्षित दूरी का अंदाजा न होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। चौबेपुर के मालों गांव की घटना इसी तरह की सावधानी की जरूरत को रेखांकित करती है।

सूचना के बाद पहुंची पुलिस

हादसे की सूचना संबंधित पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे की परिस्थितियों और विद्युत संपर्क के कारणों की जांच की जा रही है। शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजे जाने की कार्रवाई भी की गई।

पुलिस और प्रशासन की ओर से घटना के संबंध में जुटाई जा रही जानकारी के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल परिवार और ग्रामीण इस अचानक हुई मौत से सदमे में हैं।

ग्रामीणों ने उठाए सुरक्षा से जुड़े सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि गांवों में बिजली के तार कई स्थानों से गुजरते हैं और उनके आसपास मकान, टीन शेड तथा अन्य निर्माण मौजूद रहते हैं। ऐसे स्थानों पर विद्युत सुरक्षा को लेकर समय-समय पर निरीक्षण किए जाने की जरूरत है।

ग्रामीणों की मांग है कि बिजली विभाग की टीम संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करे और जहां विद्युत तारों की स्थिति जोखिमपूर्ण है, वहां आवश्यक सुधार किया जाए। इसके अलावा लोगों को भी जागरूक किया जाए कि बिजली की लाइन के नजदीक किसी भी धातु की वस्तु के साथ काम करने से पहले आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं।

एक हादसे ने परिवार की बदल दी जिंदगी

मालों गांव की यह घटना केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक परिवार की पूरी जिंदगी प्रभावित हुई है। मजदूरी कर परिवार का सहारा बने 45 वर्षीय व्यक्ति की अचानक मौत से उनके परिजनों के सामने भविष्य को लेकर कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए बिजली विभाग, स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों—सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी। खासकर बारिश के मौसम में बिजली से जुड़े उपकरणों, तारों और धातु की वस्तुओं के साथ काम करते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

चौबेपुर के मालों गांव में हुए इस हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन घटना की जांच के साथ-साथ भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएगा।

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कानपुर में टीन शेड ठीक करते समय करंट की चपेट में आया मजदूर, 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 26, 2026

अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

कानपुर, 26 सितंबर 2026। कानपुर जिले के चौबेपुर क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। मालों गांव में टीन शेड की मरम्मत का काम कर रहे करीब 45 वर्षीय मजदूर की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। हादसे ने एक बार फिर बारिश के मौसम में बिजली के तारों और धातु से जुड़े निर्माण कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सावधानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

AI Generated photo

मिली जानकारी के अनुसार, मालों गांव निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। शनिवार को वह किसी स्थान पर टीन शेड को ठीक करने के काम में जुटा हुआ था। इसी दौरान टीन शेड का हिस्सा बिजली के संपर्क में आ गया और मजदूर उसकी चपेट में आ गया। अचानक हुए विद्युत हादसे से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

टीन शेड ठीक करते समय हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि मजदूर टीन शेड की मरम्मत और उसे व्यवस्थित करने का काम कर रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद विद्युत लाइन से टीन के संपर्क में आने की स्थिति बनी। जैसे ही मजदूर इसकी चपेट में आया, वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी हालत बिगड़ गई।

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उसे बचाने का प्रयास किया। बिजली का संपर्क हटाने के बाद घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

45 वर्षीय मजदूर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस व्यक्ति की कमाई से परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी होती थीं, उसकी अचानक मौत से परिजनों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति भी पैदा हो गई है।

ग्रामीणों के मुताबिक मृतक मेहनत-मजदूरी करके परिवार चलाता था और रोज की कमाई से घर का खर्च संभालता था। हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से घटना की जांच कराने और पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बिजली से जुड़े हादसों को रोकने के लिए ग्रामीण इलाकों में विद्युत लाइनों की स्थिति और उनके आसपास होने वाले निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

बारिश के मौसम में बढ़ जाता है बिजली का खतरा

कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इन दिनों बारिश का दौर चल रहा है। ऐसे मौसम में बिजली के खुले तार, गीली जमीन और धातु की वस्तुएं हादसे का खतरा बढ़ा सकती हैं। टीन शेड, लोहे की सीढ़ी, पाइप या अन्य धातु की सामग्री बिजली की लाइन के संपर्क में आने पर गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली की लाइन के आसपास किसी भी प्रकार का निर्माण या मरम्मत कार्य करते समय पर्याप्त दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है। यदि विद्युत लाइन के आसपास टीन शेड लगाया या ठीक किया जा रहा हो तो काम शुरू करने से पहले बिजली की आपूर्ति बंद कराना और प्रशिक्षित व्यक्ति की सहायता लेना आवश्यक है।

ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार लोग रोजमर्रा के छोटे-मोटे निर्माण कार्य स्वयं करने लगते हैं। ऐसे में बिजली की लाइन की स्थिति और उससे सुरक्षित दूरी का अंदाजा न होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। चौबेपुर के मालों गांव की घटना इसी तरह की सावधानी की जरूरत को रेखांकित करती है।

सूचना के बाद पहुंची पुलिस

हादसे की सूचना संबंधित पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे की परिस्थितियों और विद्युत संपर्क के कारणों की जांच की जा रही है। शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजे जाने की कार्रवाई भी की गई।

पुलिस और प्रशासन की ओर से घटना के संबंध में जुटाई जा रही जानकारी के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल परिवार और ग्रामीण इस अचानक हुई मौत से सदमे में हैं।

ग्रामीणों ने उठाए सुरक्षा से जुड़े सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि गांवों में बिजली के तार कई स्थानों से गुजरते हैं और उनके आसपास मकान, टीन शेड तथा अन्य निर्माण मौजूद रहते हैं। ऐसे स्थानों पर विद्युत सुरक्षा को लेकर समय-समय पर निरीक्षण किए जाने की जरूरत है।

ग्रामीणों की मांग है कि बिजली विभाग की टीम संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करे और जहां विद्युत तारों की स्थिति जोखिमपूर्ण है, वहां आवश्यक सुधार किया जाए। इसके अलावा लोगों को भी जागरूक किया जाए कि बिजली की लाइन के नजदीक किसी भी धातु की वस्तु के साथ काम करने से पहले आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं।

एक हादसे ने परिवार की बदल दी जिंदगी

मालों गांव की यह घटना केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक परिवार की पूरी जिंदगी प्रभावित हुई है। मजदूरी कर परिवार का सहारा बने 45 वर्षीय व्यक्ति की अचानक मौत से उनके परिजनों के सामने भविष्य को लेकर कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए बिजली विभाग, स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों—सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी। खासकर बारिश के मौसम में बिजली से जुड़े उपकरणों, तारों और धातु की वस्तुओं के साथ काम करते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

चौबेपुर के मालों गांव में हुए इस हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन घटना की जांच के साथ-साथ भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएगा।