NEET-UG विवाद फिर गहराया: OMR शीट में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, छात्रों ने पारदर्शिता पर उठाए सवाल
NEET-UG 2026 परीक्षा में OMR शीट में कथित गड़बड़ी को लेकर छह छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। छात्रों का आरोप है कि उनकी OMR कॉपी में विसंगतियां हैं, जबकि NTA ने रिकॉर्ड को सही बताया है। अब मामले की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

छह अभ्यर्थियों की याचिका पर होगी सुनवाई, मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया के बीच OMR विवाद ने बढ़ाई चिंता
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। इस बार कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा के दौरान उन्होंने OMR शीट पर जो उत्तर भरे थे, वे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा बाद में अपलोड की गई OMR कॉपी से मेल नहीं खाते। इसी मुद्दे को लेकर छह अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यदि उनकी मूल OMR शीट और अपलोड की गई कॉपी में अंतर पाया जाता है, तो इससे उनके अंक, रैंक और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पर सीधा असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, NTA ने पहले ऐसे कई आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ OMR शीट डिजिटल रूप से बदली गई या फर्जी थीं तथा आधिकारिक रिकॉर्ड सही हैं। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया भी जारी है।
📄 क्या है पूरा मामला?
याचिका दायर करने वाले छात्रों का दावा है कि परीक्षा के समय उन्होंने OMR शीट पर जिन उत्तरों को चिह्नित किया था, वे बाद में NTA की वेबसाइट पर दिखाई गई स्कैन कॉपी से अलग हैं।
उनका कहना है कि इस कथित अंतर के कारण उनके प्राप्तांक प्रभावित हुए और उनकी ऑल इंडिया रैंक पर भी असर पड़ा। इसी आधार पर उन्होंने न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की है।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा विवाद
छह छात्रों की ओर से दायर याचिका में अदालत से मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि काउंसलिंग प्रक्रिया जारी रहने के कारण मामले का जल्द समाधान आवश्यक है, ताकि यदि कोई त्रुटि हो तो उसे समय रहते सुधारा जा सके।
अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई और उसके निर्देशों पर टिकी हैं।
📝 NTA का पक्ष भी जानिए
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पहले स्पष्ट कर चुकी है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कई OMR शीट आधिकारिक नहीं थीं। एजेंसी का कहना है कि उसने प्राप्त शिकायतों की जांच की और उसके रिकॉर्ड में उपलब्ध मूल OMR शीट, उत्तर कुंजी और घोषित परिणामों में कोई विसंगति नहीं मिली।
NTA ने यह भी चेतावनी दी है कि फर्जी या डिजिटल रूप से बदले गए दस्तावेज साझा करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
🎓 छात्रों की चिंता क्यों बढ़ी?
NEET-UG के परिणाम पर ही देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश निर्भर करता है। ऐसे में OMR शीट से जुड़ा कोई भी विवाद छात्रों के भविष्य पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।
यदि किसी अभ्यर्थी के अंक बदलते हैं, तो उसकी रैंक, कॉलेज आवंटन और प्रवेश की संभावना भी प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि छात्र निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
🔍 OMR शीट का महत्व
OMR (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन) शीट परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है। इसी के आधार पर उत्तरों का मूल्यांकन किया जाता है और अंतिम परिणाम तैयार होता है।
इसलिए OMR से जुड़ी किसी भी शिकायत को गंभीरता से देखा जाता है और उसका प्रभाव हजारों अभ्यर्थियों के विश्वास पर पड़ सकता है।
📢 पारदर्शिता की मांग तेज
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। समय पर रिकॉर्ड उपलब्ध कराना, शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण और स्पष्ट प्रक्रिया अपनाना परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है।
🏛️ आगे क्या हो सकता है?
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि अदालत इस मामले में क्या निर्देश देती है। यदि न्यायालय किसी स्वतंत्र जांच या अन्य प्रक्रिया का आदेश देता है, तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि अंतिम निर्णय आने तक मामले के निष्कर्ष को लेकर कोई निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।
📚 प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सबसे अहम
देश में हर वर्ष लाखों विद्यार्थी NEET-UG जैसी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। इसलिए परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी विवाद का समाधान तथ्यों, आधिकारिक रिकॉर्ड और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए, ताकि योग्य छात्रों का हित सुरक्षित रहे।
निष्कर्ष: अदालत की सुनवाई पर टिकी छात्रों की उम्मीद
NEET-UG की OMR शीट से जुड़ा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में कथित विसंगतियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि NTA अपने रिकॉर्ड को सही बता रहा है। अब इस मामले में आगे की दिशा सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके आदेश तय करेंगे। तब तक लाखों अभ्यर्थियों की नजर इस महत्वपूर्ण मामले पर बनी रहेगी।