इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में ओडिशा ने बढ़ाया कदम, IEMI 2025 में ‘फ्रंटरनर’ राज्यों में शामिल

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भुवनेश्वर, 19 सितंबर 2026। ओडिशा ने देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा…

सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

भुवनेश्वर, 19 सितंबर 2026। ओडिशा ने देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य को इंडियन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स (IEMI) 2025 में बड़े राज्यों की श्रेणी में ‘फ्रंटरनर’ के रूप में पहचान मिली है। यह मूल्यांकन देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार, परिवहन के विद्युतीकरण और चार्जिंग सुविधाओं की तैयारी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखकर किया गया है।

नई दिल्ली में 16 सितंबर 2026 को नीति आयोग की ओर से आयोजित State EV Policies Review and Recalibration Meet के दौरान IEMI 2025 के परिणाम सामने रखे गए। इसमें ओडिशा ने कुल 55 अंक हासिल किए। शहरी परिवहन के लिहाज से महत्वपूर्ण दो प्रमुख क्षेत्रों में भी राज्य का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। Transport Electrification Progress में ओडिशा को 58 अंक तथा Charging Infrastructure Readiness में 57 अंक प्राप्त हुए। दोनों ही क्षेत्रों में राज्य को ‘फ्रंटरनर’ श्रेणी में स्थान मिला।

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पिछले आकलन की तुलना में प्रदर्शन में सुधार

ओडिशा की इस उपलब्धि को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राज्य ने पिछले आकलन की तुलना में अपनी स्थिति में सुधार किया है। IEMI 2024 में ओडिशा का स्कोर 49 था और वह राष्ट्रीय स्तर पर सातवें स्थान पर रहा था। इसके बाद राज्य में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन, चार्जिंग नेटवर्क और ई-मोबिलिटी से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया गया।

नए आकलन में 55 के समग्र स्कोर तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि राज्य में इलेक्ट्रिक परिवहन को लेकर नीतिगत और व्यावहारिक स्तर पर गतिविधियां बढ़ी हैं। खासतौर पर सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण और चार्जिंग ढांचे की तैयारी में दर्ज प्रदर्शन शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन पर जोर

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए ओडिशा में सार्वजनिक परिवहन को अधिक स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का विस्तार इसी प्रयास का हिस्सा है। सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और परिवहन क्षेत्र से होने वाले उत्सर्जन को घटाने में मदद मिल सकती है।

शहरों में बढ़ते यातायात और वाहनों की संख्या के बीच स्वच्छ परिवहन व्यवस्था की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसें सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को कम उत्सर्जन वाली प्रणाली की ओर ले जाने का एक माध्यम बन सकती हैं।

चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में प्रयास

इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापक इस्तेमाल के लिए केवल वाहनों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है। इसके साथ पर्याप्त और भरोसेमंद चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी जरूरी है। ओडिशा के IEMI 2025 में Charging Infrastructure Readiness के लिए 57 अंक हासिल करने से राज्य में इस क्षेत्र पर किए जा रहे प्रयासों का संकेत मिलता है।

चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार होने से इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं के लिए लंबी दूरी की यात्रा और दैनिक आवागमन दोनों अधिक सुविधाजनक हो सकते हैं। आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ चार्जिंग नेटवर्क को शहरों के अलावा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों और परिवहन मार्गों तक पहुंचाना भी महत्वपूर्ण होगा।

मंत्री ने बताया भविष्य की परिवहन व्यवस्था का हिस्सा

ओडिशा के आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र ने राज्य को मिली इस पहचान को स्वच्छ और भविष्य के अनुकूल परिवहन व्यवस्था बनाने के प्रयासों से जोड़ा। उनके अनुसार, राज्य इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन का विस्तार करने, चार्जिंग सुविधाओं को मजबूत करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मंत्री के अनुसार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का उद्देश्य केवल परिवहन के साधनों को बदलना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से स्वच्छ हवा, बेहतर शहरी आवागमन और टिकाऊ विकास की दिशा में भी आगे बढ़ना है।

Odisha Vision 2047 से जुड़ी दिशा

ओडिशा में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की कोशिशें राज्य की दीर्घकालिक विकास योजनाओं से भी जुड़ी हुई हैं। Odisha Vision 2047 के तहत टिकाऊ, जलवायु-अनुकूल और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप परिवहन व्यवस्था विकसित करने की परिकल्पना की गई है।

इस दृष्टिकोण में स्वच्छ ऊर्जा, नई तकनीक और आधुनिक मोबिलिटी समाधान को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार इसी व्यापक परिवर्तन का एक हिस्सा है। परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा आधारित तकनीकों को बढ़ावा मिलने से राज्य के पर्यावरणीय लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।

शहरी वायु गुणवत्ता सुधारने की कोशिश

बड़े शहरों में वाहनों से होने वाला प्रदूषण वायु गुणवत्ता के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। पेट्रोल और डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ने पर सड़क परिवहन से होने वाले स्थानीय उत्सर्जन में कमी की संभावना रहती है।

हालांकि, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का प्रभाव केवल वाहनों के इस्तेमाल तक सीमित नहीं है। इसके साथ बिजली उत्पादन का स्रोत, बैटरी निर्माण, बैटरी के पुनर्चक्रण और चार्जिंग नेटवर्क जैसी व्यवस्थाएं भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए टिकाऊ इलेक्ट्रिक परिवहन के लिए एक व्यापक इकोसिस्टम तैयार करना आवश्यक है।

सार्वजनिक परिवहन में डिजिटल समाधान

CRUT के प्रबंध निदेशक एम. सिद्दीकी आलम ने भी IEMI में मिली पहचान को सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण की दिशा में जारी प्रयासों से जोड़ा। उनके अनुसार, इलेक्ट्रिक बस सेवाओं के विस्तार के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल मोबिलिटी समाधानों पर भी काम किया जा रहा है।

डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से यात्रियों को परिवहन सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने, सेवाओं को व्यवस्थित करने और सार्वजनिक परिवहन के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इलेक्ट्रिक बसों और डिजिटल परिवहन प्रणालियों का संयोजन शहरी परिवहन को अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है।

आगे की चुनौतियां भी महत्वपूर्ण

IEMI 2025 में ओडिशा की उपलब्धि के बावजूद इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए कई स्तरों पर काम जारी रखना होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन, बिजली आपूर्ति, रखरखाव व्यवस्था और प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन की जरूरत भी बढ़ेगी।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआती लागत, बैटरी से संबंधित व्यवस्थाएं और सार्वजनिक परिवहन के लिए लंबे समय तक टिकाऊ वित्तीय मॉडल जैसे विषय भी महत्वपूर्ण रहेंगे। इन क्षेत्रों में लगातार नीतिगत समर्थन और निवेश की आवश्यकता होगी।

हरित विकास की ओर राज्य की रणनीति

ओडिशा सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को केवल परिवहन क्षेत्र का विषय न मानकर व्यापक ग्रीन ग्रोथ और सतत शहरी विकास से जोड़ रही है। इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन, चार्जिंग नेटवर्क और नीतिगत समर्थन को एक साथ आगे बढ़ाने का उद्देश्य ऐसी परिवहन व्यवस्था विकसित करना है जो पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक टिकाऊ हो और नागरिकों की दैनिक जरूरतों को भी पूरा कर सके।

IEMI 2025 में ‘फ्रंटरनर’ श्रेणी में जगह मिलना राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। आने वाले वर्षों में इस प्रदर्शन को बनाए रखना और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लाभों को अधिक शहरों तथा नागरिकों तक पहुंचाना राज्य के लिए अगला महत्वपूर्ण चरण होगा।

ओडिशा का मौजूदा प्रदर्शन यह दिखाता है कि इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन और चार्जिंग बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश के साथ राज्य अपनी परिवहन व्यवस्था को स्वच्छ ऊर्जा आधारित मॉडल की ओर ले जाने का प्रयास कर रहा है। Odisha Vision 2047 के व्यापक लक्ष्यों के साथ इन पहलों का तालमेल राज्य को भविष्य की टिकाऊ और तकनीक-सक्षम परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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