PM SHRI योजना का क्रियान्वयन: देशभर के 13,092 विद्यालय बन रहे नई शिक्षा व्यवस्था के मॉडल स्कूल

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### **Expert Take**

PM SHRI योजना केवल विद्यालयों के भवनों के उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह **राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020** को जमीनी स्तर पर लागू करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि चयनित 13,092 विद्यालयों में डिजिटल अवसंरचना, प्रशिक्षित शिक्षक, कौशल आधारित शिक्षण और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाती है, तो ये स्कूल आसपास के अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए भी उत्कृष्ट मॉडल बन सकते हैं। हालांकि, योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय, पर्याप्त वित्तीय संसाधन, शिक्षक क्षमता निर्माण और सीखने के परिणामों (Learning Outcomes) में कितना ठोस सुधार दिखाई देता है। यदि इन पहलुओं पर निरंतर ध्यान दिया गया, तो PM SHRI योजना भारत की स्कूली शिक्षा में दीर्घकालिक और सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती है।

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भारत सरकार की प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (PM SHRI) योजना देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस केंद्र प्रायोजित योजना का उद्देश्य देशभर में 14,500 से अधिक विद्यालयों को विकसित कर उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप आदर्श विद्यालयों के रूप में स्थापित करना है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि कौशल आधारित, तकनीक-सक्षम और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा प्रदान की जा रही है।

हाल ही में संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, देशभर में अब तक 13,092 विद्यालयों का चयन PM SHRI स्कूलों के रूप में किया जा चुका है। इनमें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सरकारी विद्यालयों के अलावा केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), नवोदय विद्यालय समिति (NVS) तथा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के विद्यालय भी शामिल हैं।

क्या है PM SHRI योजना?

PM SHRI (Prime Minister Schools for Rising India) एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य देश के चुनिंदा सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना और उन्हें उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करना है।

इन विद्यालयों में शिक्षा का ऐसा वातावरण तैयार किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों का बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक और व्यावहारिक विकास एक साथ हो सके। योजना का मूल आधार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के सभी प्रमुख सिद्धांतों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है।


13,092 विद्यालयों का चयन

सरकार के अनुसार अब तक कुल 13,092 विद्यालय PM SHRI योजना के तहत चयनित किए जा चुके हैं। इनमें शामिल हैं—

  • राज्यों के सरकारी विद्यालय
  • केंद्रशासित प्रदेशों के सरकारी विद्यालय
  • केंद्रीय विद्यालय (KVS)
  • जवाहर नवोदय विद्यालय (NVS)
  • NCERT से जुड़े विद्यालय

सरकार का लक्ष्य भविष्य में 14,500 से अधिक विद्यालयों को इस योजना के अंतर्गत विकसित करना है।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मॉडल

PM SHRI विद्यालयों को इस प्रकार विकसित किया जा रहा है कि वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रत्येक महत्वपूर्ण पहलू को व्यवहारिक रूप में लागू कर सकें।

इन विद्यालयों में विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है—

  • अनुभव आधारित शिक्षा (Experiential Learning)
  • गतिविधि आधारित शिक्षण
  • कौशल विकास
  • डिजिटल शिक्षा
  • बहुभाषी शिक्षा
  • समग्र मूल्यांकन प्रणाली
  • रचनात्मक सोच और नवाचार
  • स्थानीय ज्ञान और भारतीय संस्कृति का समावेश

इससे विद्यार्थियों को केवल परीक्षा उन्मुख शिक्षा नहीं बल्कि जीवनोपयोगी ज्ञान और कौशल भी प्राप्त होंगे।


आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे विद्यालय

PM SHRI स्कूलों में आधारभूत ढांचे को भी मजबूत बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जैसे—

  • स्मार्ट क्लासरूम
  • डिजिटल लैब
  • विज्ञान एवं गणित प्रयोगशालाएं
  • कंप्यूटर शिक्षा
  • पुस्तकालयों का आधुनिकीकरण
  • खेल सुविधाएं
  • स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय
  • दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुगम परिसर
  • हरित एवं पर्यावरण अनुकूल विद्यालय परिसर

इन सुविधाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।


अन्य विद्यालयों के लिए बनेंगे प्रेरणा केंद्र

PM SHRI विद्यालय केवल अपने छात्रों तक सीमित नहीं रहेंगे। इन्हें मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि आसपास के अन्य सरकारी विद्यालय भी इनसे प्रेरणा लेकर बेहतर शैक्षणिक व्यवस्थाएं अपनाएं।

इन विद्यालयों के माध्यम से—

  • श्रेष्ठ शिक्षण पद्धतियों का प्रसार होगा।
  • शिक्षकों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन मिलेगा।
  • नवीन शिक्षण तकनीकों को साझा किया जाएगा।
  • स्थानीय स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

डिजिटल और कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर

नई शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। PM SHRI विद्यालयों में विद्यार्थियों को डिजिटल उपकरणों, ऑनलाइन शिक्षण संसाधनों तथा आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके साथ-साथ—

  • कोडिंग
  • रोबोटिक्स
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रारंभिक जानकारी
  • व्यावसायिक शिक्षा
  • उद्यमिता कौशल
  • वित्तीय साक्षरता

जैसे विषयों को भी धीरे-धीरे विद्यालयी शिक्षा का हिस्सा बनाया जा रहा है।


पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान

PM SHRI योजना केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने पर भी बल देती है।

विद्यालयों में—

  • वर्षा जल संचयन
  • सौर ऊर्जा का उपयोग
  • कचरा प्रबंधन
  • वृक्षारोपण
  • ऊर्जा संरक्षण
  • स्वच्छ परिसर अभियान

जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि विद्यार्थी सतत विकास (Sustainable Development) की अवधारणा को व्यवहार में समझ सकें।


विद्यार्थियों के समग्र विकास पर फोकस

PM SHRI विद्यालयों में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं है। यहां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है।

इसके अंतर्गत—

  • खेलकूद
  • योग
  • कला एवं संगीत
  • सांस्कृतिक गतिविधियां
  • वैज्ञानिक सोच
  • नेतृत्व क्षमता
  • संचार कौशल
  • सामाजिक उत्तरदायित्व

को विद्यालयी जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है।


सरकार की दीर्घकालिक सोच

PM SHRI योजना भारत की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक दीर्घकालिक पहल मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसे विद्यालय तैयार करना है जहां आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नवाचार, समावेशिता और भारतीय मूल्यों का संतुलित समावेश हो।

यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहता है, तो आने वाले वर्षों में ये विद्यालय देश की स्कूली शिक्षा के नए मानक स्थापित कर सकते हैं और लाखों विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य की दिशा में तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

निष्कर्ष

PM SHRI योजना भारत की स्कूली शिक्षा में व्यापक परिवर्तन लाने की महत्वाकांक्षी पहल है। अब तक 13,092 विद्यालयों का चयन इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सिद्धांतों पर आधारित ये विद्यालय आधुनिक सुविधाओं, नवाचार, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास और समग्र व्यक्तित्व निर्माण के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहे हैं। आने वाले समय में PM SHRI विद्यालय देश की शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, समानता और उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने की क्षमता रखते हैं।

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