सागर जहरीली शराब कांड में बड़ी पुलिस कार्रवाई, 20 हजार के इनामी आरोपी को पैर में गोली लगने के बाद दबोचा
सागर, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के सागर जिले में कथित जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपियों में शामिल रवि लखेरा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर ₹20 हजार का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा था। पुलिस टीम ने उसे हनुमान टोंग के घने जंगल क्षेत्र में ट्रैक किया। इस दौरान कथित तौर पर आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
इस मामले में जहरीली शराब के सेवन से कई लोगों की मौत होने की बात सामने आई है। वीडियो में दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक 15 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 11 लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। बड़ी संख्या में संदिग्धों की गिरफ्तारी के साथ-साथ अवैध गतिविधियों से जुड़ी संपत्तियों पर भी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।

जंगल में हुई पुलिस और आरोपी की मुठभेड़
पुलिस को रवि लखेरा की तलाश काफी समय से थी। उस पर कथित रूप से जहरीली शराब के नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है। जांच के दौरान पुलिस को उसके सागर जिले के हनुमान टोंग के जंगल क्षेत्र में छिपे होने की जानकारी मिली।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की। बताया गया है कि पुलिस को देखते ही आरोपी ने मौके से भागने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित जहरीली शराब के निर्माण और वितरण में उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े थे।
25 आपराधिक मामलों का भी जिक्र
पुलिस के मुताबिक रवि लखेरा का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी में उसके खिलाफ करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कही गई है। पुलिस उसे कथित तौर पर शराब के अवैध कारोबार से जुड़े एक सक्रिय आरोपी के रूप में देख रही है।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि शराब के वैध कारोबार की आड़ में अवैध गतिविधियों को संचालित किया जा रहा था। हालांकि इन आरोपों से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होना बाकी है।
लाइसेंस की आड़ में अवैध फैक्ट्री चलाने का आरोप
पुलिस की जांच में एक गंभीर आरोप यह सामने आया है कि आरोपी के पास छतरपुर और निवाड़ी में वैध शराब दुकानों से जुड़े लाइसेंस थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इन्हीं वैध कारोबारी गतिविधियों को कथित तौर पर अवैध शराब के नेटवर्क के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस को आशंका है कि लाइसेंस प्राप्त कारोबार की आड़ में जहरीली शराब तैयार करने और उसे अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचाने का नेटवर्क चलाया जा रहा था। इस पूरे मामले में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित शराब कहां तैयार होती थी, उसमें किन लोगों की भूमिका थी और उसे किन रास्तों से अलग-अलग इलाकों तक पहुंचाया जाता था।
यदि जांच में ये आरोप प्रमाणित होते हैं तो मामला केवल स्थानीय स्तर पर अवैध शराब कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके पीछे एक बड़े संगठित नेटवर्क की भूमिका भी सामने आ सकती है।
15 मौतों के बाद प्रशासन में हड़कंप
जहरीली शराब कांड में मौतों की खबर सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। प्रभावित परिवारों के लिए यह घटना बेहद गंभीर और पीड़ादायक है। अस्पतालों में भर्ती लोगों का इलाज जारी है और प्रशासन उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार 11 अन्य लोग अभी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती शराब के स्रोत का पता लगाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना है कि संदिग्ध जहरीली शराब की और खेप लोगों तक न पहुंच सके।
प्रशासन ने संदिग्ध ठिकानों की जांच और कार्रवाई भी तेज कर दी है। कथित अवैध गतिविधियों से जुड़ी कई संपत्तियों को ध्वस्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
17 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई स्तरों पर कार्रवाई शुरू की है। वीडियो में उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक 17 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के जरिए पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
जांचकर्ताओं की नजर उन लोगों पर भी है जो शराब के निर्माण, परिवहन, वितरण और आर्थिक लेनदेन में कथित रूप से शामिल हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कारोबार में स्थानीय स्तर पर कितने लोग जुड़े थे और क्या इसके तार दूसरे राज्यों तक फैले हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्रवाई की सराहना की
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले में पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए सख्त संदेश दिया है। मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया है कि जहरीली शराब कांड में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार के इस रुख के बाद पुलिस और प्रशासन पर मामले की निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच पूरी करने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अधिकारियों का प्रयास है कि घटना के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाए और प्रत्येक आरोपी की भूमिका के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की तलाश
पुलिस की जांच अब केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर कथित अंतरराज्यीय शराब सिंडिकेट की भी जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह जानना चाहती हैं कि शराब के लिए कच्चा माल कहां से आता था, निर्माण किस स्थान पर किया जाता था, तैयार शराब किन लोगों के जरिए आगे पहुंचाई जाती थी और इससे होने वाले आर्थिक लेनदेन को किस तरह संचालित किया जाता था।
अगर दूसरे राज्यों से जुड़े लोगों या ठिकानों की जानकारी सामने आती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। पुलिस अलग-अलग आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क की पूरी संरचना समझने में जुटी है।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
रवि लखेरा की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब पुलिस उसके कथित संपर्कों, आर्थिक लेनदेन और शराब कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा सकती है।
हालांकि किसी भी आरोपी की भूमिका को अंतिम रूप से दोषी साबित करने का अधिकार न्यायालय को है। इसलिए जांच में सामने आने वाले आरोपों और पुलिस के दावों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के दौरान होगी।
सागर में हुई इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन के सामने तत्काल चुनौती पीड़ितों का उपचार, अवैध शराब की आपूर्ति पर रोक और घटना के वास्तविक कारणों की पहचान करना है। वहीं पुलिस की जिम्मेदारी यह पता लगाने की है कि कथित जहरीली शराब का निर्माण और वितरण किस स्तर तक फैला हुआ था।
फिलहाल मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों की निगाहें उसके पूछताछ से मिलने वाली जानकारियों पर टिकी हैं। यदि पुलिस को उसके जरिए अन्य आरोपियों और ठिकानों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा कार्रवाई देखने को मिल सकती हैं।