SEMICON India 2026: सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की नई छलांग, 15 बड़े ऐलानों से मजबूत होगा स्वदेशी चिप इकोसिस्टम
नई दिल्ली, 20 सितंबर 2026। भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर मानचित्र पर एक मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में आयोजित SEMICON India 2026 का तीन दिवसीय आयोजन 19 सितंबर को नई दिल्ली के यशोभूमि में संपन्न हुआ। 17 से 19 सितंबर तक चले इस आयोजन में सेमीकंडक्टर डिजाइन से लेकर निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम तकनीक, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, फैब ऑटोमेशन, स्टार्टअप और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष चर्चा हुई।
इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “Silicon to Systems: Building the Ecosystem” रखी गई। समापन सत्र में भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए कुल 15 प्रमुख घोषणाएं और सहयोग सामने आए। इनमें स्वदेशी प्रोसेसर, RISC-V आधारित समाधान, AI-SoC डिजाइन, फैब प्रबंधन प्रणाली, डेटा सेंटर, क्वांटम कंप्यूटिंग और तकनीकी प्रशिक्षण से जुड़ी पहल शामिल रहीं।
आयोजन में सरकारी संस्थानों के साथ-साथ उद्योग जगत, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संगठनों, स्टार्टअप और कौशल विकास संस्थाओं की भागीदारी रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सम्मेलन के लिए 51,656 पंजीकरण हुए और करीब 40,000 लोगों की संचयी उपस्थिति दर्ज की गई। 600 से अधिक प्रदर्शकों तथा लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया। कुल 52 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने आयोजन के वैश्विक स्वरूप को भी सामने रखा।

RISC-V ग्रैंड चैलेंज में स्वदेशी तकनीक का प्रदर्शन
समापन कार्यक्रम में Digital India RISC-V Grand Challenge के विजेताओं की घोषणा प्रमुख आकर्षण रही। Chips to Startup यानी C2S कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर से 1,236 टीमों और 5,045 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता में SASTRA University, तंजावुर की Team Digital Dawgs ने पहला स्थान हासिल किया। टीम ने IIT मद्रास के SHAKTI प्रोसेसर पर आधारित एक स्वचालित रोबोट तैयार किया, जिसे पानी की सतह से कचरा हटाने के लिए डिजाइन किया गया है।
दूसरे स्थान पर Team Binary Bandits रही। टीम ने C-DAC के VEGA प्रोसेसर का इस्तेमाल करते हुए डिजिटल स्टेथोस्कोप विकसित किया। तीसरे स्थान पर रही Team NeuroBytes ने भी VEGA प्रोसेसर आधारित पर्यावरण और वन निगरानी समाधान प्रस्तुत किया।
इन परियोजनाओं ने यह दिखाया कि स्वदेशी प्रोसेसर तकनीक को केवल कंप्यूटिंग तक सीमित रखने के बजाय स्वास्थ्य, पर्यावरण और स्वच्छता जैसे वास्तविक उपयोगों से भी जोड़ा जा सकता है।
Bharat AI-SoC Challenge के दूसरे चरण की शुरुआत
SEMICON India 2026 के समापन अवसर पर Bharat AI-SoC Challenge 2026-27 के दूसरे संस्करण की भी शुरुआत की गई। इस पहल का उद्देश्य AI और System-on-Chip डिजाइन के क्षेत्र में विद्यार्थियों तथा पेशेवरों की भागीदारी बढ़ाना है।
स्नातक और परास्नातक विद्यार्थियों के अलावा कामकाजी पेशेवर भी इस चुनौती में भाग ले सकते हैं। कार्यक्रम को UK-India Technology Security Initiative के तहत ब्रिटेन सरकार का समर्थन प्राप्त है। इसका फोकस AI आधारित चिप डिजाइन, प्रयोग, अनुसंधान और नए तकनीकी समाधानों के विकास पर है।
फैब ऑटोमेशन के लिए DMIS लॉन्च
सेमीकंडक्टर निर्माण की प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप से प्रबंधित करने की दिशा में मोहाली स्थित Semi-Conductor Laboratory (SCL) ने Device Manufacturing Integrated System (DMIS) पेश किया।
यह स्वदेशी Manufacturing Execution System वेफर फैब्रिकेशन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को एकीकृत तरीके से संभालने के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य ऑर्डर प्रबंधन, उत्पादन प्रक्रिया, वेफर निर्माण और पैकेजिंग जैसी गतिविधियों के बीच बेहतर डिजिटल समन्वय स्थापित करना है।
फैब संचालन में ऐसी प्रणालियां उत्पादन की निगरानी, डेटा प्रबंधन और प्रक्रियाओं के नियंत्रण को अधिक व्यवस्थित बनाने में उपयोगी हो सकती हैं।
डेटा सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग पर साझेदारी
समापन सत्र में C-DAC और NLC India Limited के बीच सहयोग की घोषणा भी हुई। इसके अंतर्गत ऊर्जा क्षेत्र के इकोसिस्टम में स्वदेशी तकनीक और विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए डेटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इसके अलावा C-DAC और Bharat Electronics Limited (BEL) ने स्वदेशी हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, AI और Sovereign Data Centre समाधान विकसित करने के लिए साझेदारी की घोषणा की। इस सहयोग में C-DAC की उन्नत कंप्यूटिंग क्षमताओं तथा BEL की सिस्टम इंटीग्रेशन और तैनाती संबंधी विशेषज्ञता को साथ लाने का लक्ष्य रखा गया है।
AI और क्वांटम कंप्यूटिंग को नई गति
कार्यक्रम के दौरान C-DAC ने PARAM Vidya नामक AI Excellence Lab-in-a-Box भी लॉन्च किया। यह विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप और MSME को ध्यान में रखकर तैयार किया गया प्लेटफॉर्म है।
इसका उद्देश्य AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुंच को आसान बनाना तथा शोध, प्रशिक्षण और एप्लीकेशन डेवलपमेंट को प्रोत्साहित करना है।
इसी क्रम में PARAM Shavak-QS क्वांटम सिमुलेशन प्लेटफॉर्म भी पेश किया गया। इसे क्वांटम कंप्यूटिंग से संबंधित शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने के लिए तैयार किया गया है।
चिप उद्योग के लिए कुशल युवाओं की तैयारी
भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजाइन गतिविधियों के विस्तार के साथ प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन की मांग बढ़ने की संभावना है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन में कई स्किलिंग साझेदारियां सामने आईं।
Electronics Sector Skills Council of India और Maitrio Labs के बीच सहयोग का उद्देश्य सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण ढांचा विकसित करना है।
वहीं Electronics Sector Skills Council of India और Truechip Solutions सर्किट डिजाइन, वेरिफिकेशन और टेस्टिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण तथा प्रमाणन के लिए सहयोग करेंगे।
SEMI और Peachtree Elevate ने भी तकनीकी प्रशिक्षण, प्रोफेशनल एजुकेशन और विशेष प्रमाणन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए समझौता किया।
ATMP और Digital Twin प्रशिक्षण पर जोर
NIELIT ने सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए ATMP स्किलिंग तथा Digital Twin for Semiconductor Manufacturing से संबंधित पहल का ऐलान किया। इसके माध्यम से डिजिटल शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और सिमुलेशन तकनीक को एक साथ लाने की योजना है।
NIELIT के Centres of Excellence, Digital University Platform और गुवाहाटी में प्रस्तावित ATMP सुविधा के माध्यम से विद्यार्थियों और प्रशिक्षुओं को सेमीकंडक्टर पैकेजिंग तथा निर्माण प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा Ramaiah Institute of Advanced Skills and Technology (RIASAT) और IISc Bengaluru के बीच भी सेमीकंडक्टर क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से सहयोग सामने आया।
हैकाथॉन और स्टार्टअप को मिला अवसर
SEMICON India Hackathon के ग्रैंड फिनाले ने युवा तकनीकी प्रतिभाओं को मंच देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इसमें 881 कॉलेजों से 3,808 टीमों ने पंजीकरण कराया और कुल 1,053 विचार प्रस्तुत किए। इनमें से 10 टीमों ने ग्रैंड फिनाले में जगह बनाई।
वहीं Startup Mitra कार्यक्रम के अंतर्गत 11 स्टार्टअप को 20 से अधिक वेंचर कैपिटल निवेशकों के सामने अपने विचार और तकनीकी समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इससे सेमीकंडक्टर क्षेत्र में काम कर रहे शुरुआती चरण के उद्यमों के लिए निवेश और कारोबारी नेटवर्क तक पहुंच का रास्ता खुला।
2035 तक बड़े बाजार की संभावना
SEMICON India 2026 के समापन सत्र में EY और India Semiconductor and Electronics Association (ISEA) से जुड़ी बाजार संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में भारत के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के विस्तार की संभावनाओं को रेखांकित किया गया और 2035 तक करीब 200 अरब डॉलर के बाजार के अनुमान का उल्लेख किया गया।
कुल मिलाकर SEMICON India 2026 में सामने आई घोषणाओं ने भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों—चिप डिजाइन, निर्माण, AI, क्वांटम तकनीक, कंप्यूटिंग, ऑटोमेशन, स्टार्टअप और कौशल विकास—को एक साथ जोड़ने पर जोर दिया। आयोजन से यह भी स्पष्ट हुआ कि भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने की प्रक्रिया केवल चिप फैक्ट्री स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए डिजाइन प्रतिभा, अनुसंधान, स्वदेशी तकनीक, डिजिटल अवसंरचना, निवेश और प्रशिक्षित मानव संसाधन का समानांतर विकास भी जरूरी है।