फ़रवरी 13, 2026

सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक के 16 प्रोजेक्ट एनबीसीसी को सौंपने के एनसीएलएटी के आदेश पर लगाई रोक

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Anoop singh

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें सुपरटेक लिमिटेड की 16 अधूरी आवासीय परियोजनाओं को नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (NBCC) को सौंपने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने सुपरटेक और अन्य कंपनियों से इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए नए प्रस्ताव पेश करने को कहा है।

सुपरटेक का दावा – 12 से 24 महीने में 20 हजार घर देने का वादा

सुपरटेक ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसने 12 से 24 महीनों के भीतर 20,000 से अधिक मकानों को तैयार करने की योजना बनाई है। कंपनी का दावा है कि उनके पास एक विस्तृत प्रस्ताव है, जिसके तहत वे इन अधूरी परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर सकते हैं।

एनसीएलएटी ने एनबीसीसी को सौंपे थे प्रोजेक्ट

12 दिसंबर 2024 को NCLAT ने सुपरटेक की 16 अधूरी आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी सरकारी कंपनी NBCC को सौंपने का आदेश दिया था। आदेश के अनुसार, सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद NBCC को मई 2025 से निर्माण कार्य शुरू करना था।

49,748 घरों का निर्माण अधूरा

इन परियोजनाओं के तहत उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और कर्नाटक में कुल 49,748 मकानों का निर्माण अधूरा पड़ा है। NCLAT के आदेश के अनुसार, NBCC को इन सभी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए करीब 9,500 करोड़ रुपये की लागत लगने वाली थी।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगे नए प्रस्ताव, अगली सुनवाई 1 अप्रैल को

अब सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक और अन्य कंपनियों को अपने प्रस्ताव पेश करने का अवसर दिया है, ताकि इन अधूरी परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल 2025 को होगी, जिसमें अदालत यह तय करेगी कि इन परियोजनाओं का निर्माण कौन पूरा करेगा।

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