एआई और घृणा भाषण पर एंटोनियो गुटेरेस की चेतावनी: तकनीक को मानवता की सेवा में लगाना जरूरी

18 जून 2025, संयुक्त राष्ट्र — संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हाल ही में एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज के समय में नफरत भरी बातें और झूठी जानकारी एआई एल्गोरिद्म की मदद से पहले से कहीं तेज़ी से और अधिक लोगों तक पहुँच रही हैं।
गुटेरेस ने वैश्विक नेताओं, तकनीकी कंपनियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे एआई का प्रयोग समाज को जोड़ने और शांति को बढ़ावा देने के लिए करें, न कि उसे बाँटने और भड़काने के लिए।
“नफरत का उपकरण नहीं, भलाई की शक्ति बने एआई”
गुटेरेस ने कहा, “आइए हम संकल्प लें कि एआई को नफरत फैलाने वाले उपकरण के बजाय भलाई और प्रगति का माध्यम बनाएंगे।” उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और जलवायु जैसे क्षेत्रों में एआई का प्रयोग बेहद सकारात्मक हो सकता है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी और नैतिकता की जरूरत है।
डीपफेक और ऑटोमेटेड हेट कैम्पेन की चुनौती
गुटेरेस की यह अपील ऐसे समय में आई है जब दुनियाभर में एआई द्वारा निर्मित कंटेंट, जैसे डीपफेक वीडियो और स्वचालित नफरत अभियान, तेजी से सामाजिक ध्रुवीकरण और हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एआई के दुरुपयोग पर रोक नहीं लगाई गई तो यह लोकतंत्र, शांति और मानवाधिकारों के लिए खतरा बन सकता है।
वैश्विक नियमों की आवश्यकता
संयुक्त राष्ट्र लंबे समय से ऐसे वैश्विक नियमों की वकालत कर रहा है जो एआई विकास को नियंत्रित करें और साथ ही व्यक्ति की मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा करें। गुटेरेस ने कहा कि तकनीक का विकास जरूर हो, लेकिन इसके साथ मानवता का उत्थान भी हो।
शांति और समझ का आह्वान
अंत में गुटेरेस ने सभी देशों और समुदायों से आग्रह किया कि वे शांति, पारस्परिक सम्मान और सह-अस्तित्व को बढ़ावा दें। उन्होंने याद दिलाया कि तकनीक का असली उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना है — न कि उसे तोड़ना।
