फ़रवरी 14, 2026

विश्व विटिलिगो दिवस 2025: जागरूकता, सशक्तिकरण और नवाचार का प्रतीक

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Anoop singh

हर साल 25 जून को दुनिया भर में विश्व विटिलिगो दिवस मनाया जाता है — यह दिन उन लाखों लोगों की आवाज़ बनने का अवसर होता है जो विटिलिगो जैसी त्वचा संबंधी स्थिति के साथ जीवन जीते हैं। वर्ष 2025 में इस दिवस की थीम है: “हर त्वचा के लिए नवाचार, एआई की शक्ति के साथ”, जो इस दिशा में हो रहे वैज्ञानिक और तकनीकी विकास को रेखांकित करता है।

विटिलिगो क्या है?

विटिलिगो एक त्वचा रोग है जिसमें शरीर की त्वचा पर सफेद धब्बे उभर आते हैं। इसका कारण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा त्वचा के रंग देने वाली कोशिकाओं (मेलानोसाइट्स) को नष्ट कर देना होता है। यह स्थिति न तो संक्रामक है और न ही जानलेवा, लेकिन इसका मानसिक और सामाजिक प्रभाव काफी गंभीर हो सकता है।

भावनात्मक और सामाजिक प्रभाव

बहुत से विटिलिगो पीड़ितों को समाज में अलग नज़र से देखा जाता है। उन्हें ताने, भेदभाव और आत्मग्लानि का सामना करना पड़ता है। खासकर भारत जैसे देश में, जहाँ त्वचा का रंग सौंदर्य का मापदंड माना जाता है, वहाँ विटिलिगो को लेकर गलत धारणाएँ गहरी जड़ें जमा चुकी हैं।

25 जून: एक प्रतीकात्मक तिथि

यह दिन मशहूर पॉप स्टार माइकल जैक्सन की पुण्यतिथि भी है, जो स्वयं विटिलिगो से ग्रसित थे और जिनकी वजह से यह बीमारी वैश्विक स्तर पर चर्चा में आई। वर्ष 2011 में पहली बार विश्व विटिलिगो दिवस मनाया गया था, और तब से यह एक वैश्विक अभियान का रूप ले चुका है।

एआई और चिकित्सा में प्रगति

2025 की थीम इस बात की ओर संकेत करती है कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विटिलिगो के इलाज और निदान को बदल रही है। आज JAK इनहिबिटर्स, लेज़र थेरेपी, और लक्ष्यित उपचार विकल्प रोगियों के लिए नई उम्मीदें लेकर आए हैं। AI आधारित स्कैनिंग से अब रोग का जल्दी पता लगाना और व्यक्ति विशेष के अनुसार उपचार निर्धारित करना आसान हो गया है।

भ्रांतियाँ तोड़ें, सच्चाई अपनाएँ

विटिलिगो को लेकर आज भी कई मिथक प्रचलित हैं — जैसे कि यह छूने से फैलता है या यह किसी पाप का फल है। इन भ्रांतियों को दूर करने और सच्ची जानकारी फैलाने के लिए ही इस दिवस का आयोजन किया जाता है।

हम क्या कर सकते हैं?

  • विटिलिगो से जुड़े मिथकों को दूर करें।
  • पीड़ितों को मानसिक समर्थन दें।
  • विविधता को स्वीकार करें और सौंदर्य की पारंपरिक परिभाषा को चुनौती दें।
  • शोध और चिकित्सा विकास में अपना योगदान दें।

निष्कर्ष

विश्व विटिलिगो दिवस 2025 न केवल एक बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने का अवसर है, बल्कि यह समाज को अधिक सहिष्णु, संवेदनशील और समावेशी बनाने का संकल्प लेने का भी दिन है। हर त्वचा का रंग, हर पैच, हर व्यक्ति खास होता है — और उन्हें सम्मान, समझ और सुंदरता के साथ देखा जाना चाहिए।

“हर धब्बा एक कहानी है, और हर कहानी सम्मान की हकदार है।”


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