एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप को सराहा: वैश्विक कूटनीति में पूर्व राष्ट्रपति की भूमिका को बताया “प्रभावशाली”


वॉशिंगटन, 2 जुलाई 2025 – दुनिया के सबसे चर्चित टेक उद्यमियों में से एक, एलन मस्क ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हाल ही में की गई एक अंतरराष्ट्रीय पहल के लिए सराहना की है। मस्क का यह बयान ट्रंप और उनके बीच के जटिल रिश्तों में एक नया मोड़ लाता नजर आ रहा है।
एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:
“जहां श्रेय बनता है, वहां देना चाहिए। ट्रंप ने कई अंतरराष्ट्रीय संकटों को सुलझाने में निर्णायक भूमिका निभाई है।”
यह टिप्पणी उस समय आई जब ट्रंप ने गाज़ा संघर्ष के समाधान को लेकर किए गए एक प्रस्ताव का खुलासा किया, जिसमें उन्होंने इज़राइल, क़तर और मिस्र के साथ मिलकर एक 60-दिवसीय युद्धविराम समझौता तैयार करने का दावा किया।
ट्रंप ने अपने सोशल नेटवर्क Truth Social पर लिखा:
“अगर यह पहल न की जाती, तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे। उम्मीद है कि सभी पक्ष इसे मानेंगे, अन्यथा इसका परिणाम बहुत भयावह हो सकता है।”
बदले-बदले रिश्ते: प्रतिस्पर्धा से सहयोग की ओर?
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के संबंधों में पहले कुछ कड़वाहट और आलोचना का दौर रहा है। ट्रंप ने मस्क की सरकारी सब्सिडियों पर निर्भरता को लेकर व्यंग्य कसा था, वहीं मस्क ने ट्रंप की सोशल मीडिया नीतियों और राजनीतिक बयानबाज़ी पर सवाल उठाए थे।
लेकिन हालिया घटनाओं से ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों प्रभावशाली शख्सियतें राष्ट्रीय और वैश्विक प्राथमिकताओं के संदर्भ में अपने मतभेद भुला रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मस्क का यह समर्थन सिर्फ व्यक्तिगत प्रशंसा नहीं, बल्कि 2024 के बाद के अमेरिकी राजनीतिक परिदृश्य में नई साझेदारियों और समीकरणों की आहट हो सकती है।
क्या यह 2026 के चुनावी समीकरणों की शुरुआत है?
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या मस्क का ट्रंप के समर्थन में दिया गया बयान 2026 के सीनेट या गवर्नर चुनावों में किसी संभावित गठजोड़ का संकेत है। यद्यपि मस्क ने अब तक किसी भी राजनीतिक पद के लिए रुचि नहीं दिखाई है, लेकिन उनकी लोकप्रियता और सार्वजनिक प्रभाव को देखते हुए, किसी भी संभावना को नकारा नहीं जा सकता।
निष्कर्ष:
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप जैसे प्रभावशाली नामों का मेल, चाहे वह केवल कूटनीतिक समर्थन तक सीमित हो या भविष्य की साझेदारी की नींव रखे, यह निश्चित है कि इससे अमेरिकी राजनीति और वैश्विक कूटनीति में हलचल जरूर मचेगी।
