फ़रवरी 14, 2026

✈️ कोलकाता में थाई लायन एयर की सतर्कता: तकनीकी संकट के बीच सुरक्षित प्रबंधन की मिसाल

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Anoop singh

5 जुलाई 2025 की तड़के कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक अप्रत्याशित तकनीकी समस्या सामने आई, जब थाई लायन एयर की एक उड़ान को तकनीकी कारणों से रोकना पड़ा। हालाँकि यह स्थिति तनावपूर्ण हो सकती थी, लेकिन एयरलाइन और हवाई अड्डा प्रशासन की त्वरित और समन्वित कार्रवाई ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हालात को बखूबी सँभाला।


🛬 क्या हुआ था उस रात?

  • ✈️ उड़ान संख्या: TLM242 (बैंकॉक से कोलकाता आगमन)
  • 📍 गंतव्य: डॉन मुएंग अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, बैंकॉक
  • आगमन समय: 5 जुलाई, 01:23 AM IST
  • 👥 कुल यात्री: 151

उक्त विमान को बैंकॉक लौटने के लिए उड़ान संख्या TLM243 के रूप में रवाना होना था। लेकिन जब विमान को पुशबैक किया जा रहा था, तभी तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिला। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को तुरंत स्टैंड नंबर 34 पर वापस लाया गया और उड़ान को अस्थायी रूप से निरस्त कर दिया गया।


🔧 तकनीकी चुनौती और त्वरित प्रतिक्रिया

  • ⚠️ समस्या: पुशबैक के बाद तकनीकी गड़बड़ी
  • 🕗 प्रतिक्रिया अवधि: मात्र 8 मिनट में विमान को सुरक्षित पार्किंग में लाया गया
  • 🏨 यात्रियों के लिए व्यवस्था: 130 यात्रियों को तत्काल होटल में स्थानांतरित किया गया
  • 🕑 अन्य उड़ानों पर प्रभाव: कतर एयरवेज की एक उड़ान में 25 मिनट की देरी हुई

इस कार्रवाई ने दिखाया कि संकट के समय किस प्रकार से प्रशिक्षण, टीमवर्क और स्पष्ट निर्णय यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।


🛫 पुनः संचालन और यात्रियों की राहत

  • 🆕 नई उड़ान संख्या: SL243D
  • ⏱️ नई प्रस्थान समय: 6 जुलाई, 06:17 AM IST
  • 👤 सवार यात्री: 96
  • परिणाम: विमान सफलतापूर्वक बैंकॉक के लिए रवाना हुआ

तकनीकी जांच के बाद उड़ान को हरी झंडी दी गई और शेष यात्रियों को अगली सुबह गंतव्य की ओर भेजा गया।


🧭 विश्लेषण: एक संतुलित आपात प्रबंधन प्रणाली का आदर्श उदाहरण

इस पूरी घटना ने यह साबित कर दिया कि सिर्फ हवाई तकनीक ही नहीं, बल्कि मानवीय तत्परता और योजनाबद्ध आपात प्रतिक्रिया प्रणाली भी विमानन क्षेत्र की रीढ़ हैं। थाई लायन एयर की कार्यशैली में:

  • यात्रियों की प्राथमिकता
  • त्वरित और पारदर्शी सूचना संप्रेषण
  • वैकल्पिक व्यवस्था की तत्परता
  • अन्य उड़ानों के प्रभाव को न्यूनतम करना

जैसे कई पहलू दिखाई दिए, जो किसी भी वैश्विक एयरलाइन की जिम्मेदारी दर्शाते हैं।


🔚 निष्कर्ष

जहाँ एक ओर तकनीकी समस्याएँ विमानन उद्योग का अनिवार्य हिस्सा हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाएँ यह भी दर्शाती हैं कि यदि संकट प्रबंधन और सुरक्षा प्रक्रियाएँ सुदृढ़ हों, तो कोई भी आपदा टाली जा सकती है। थाई लायन एयर और कोलकाता एयरपोर्ट प्रशासन की इस सतर्कता और संवेदनशीलता ने सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की — और यही किसी भी एयरलाइन की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।



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