अल्बर्टा की प्रीमियर ने कनाडा के प्रधानमंत्री से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को “आतंकी संगठन” घोषित करने की मांग की

📅 16 जुलाई, 2025
एडमंटन (कनाडा):
अल्बर्टा की प्रीमियर डेनिएल स्मिथ ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और उनके मंत्रिमंडल से आग्रह किया है कि वे भारत के कुख्यात अपराधी लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह को एक “आतंकी संगठन” घोषित करें। उनका कहना है कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय अपराधों और हिंसा में लिप्त है, जिसका प्रभाव कनाडा सहित कई देशों में महसूस किया जा रहा है।
डेनिएल स्मिथ, जो यूनाइटेड कंज़र्वेटिव पार्टी (UCP) की नेता भी हैं, ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर एक बयान में कहा,
“लॉरेंस बिश्नोई गिरोह एक वैश्विक आपराधिक नेटवर्क है, जो जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और लक्षित हत्याओं जैसी गंभीर गतिविधियों में संलिप्त है। इस गिरोह की पहुँच कनाडा तक है और इसका इरादा हिंसक तथा आपराधिक है।”
उन्होंने आगे कहा,
“अल्बर्टा एक स्पष्ट संदेश देना चाहता है: आप यहां स्वागत योग्य नहीं हैं।”
प्रेस विज्ञप्ति में स्मिथ ने यह भी कहा कि इस गिरोह को “आतंकी संगठन” घोषित करने से कनाडा की प्रांतीय और नगरपालिका स्तर की पुलिस एजेंसियों को इसे रोकने और इसकी गतिविधियों को खत्म करने के लिए अधिक अधिकार मिलेंगे। उन्होंने संघीय सरकार से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की।
🔒 आधिकारिक मान्यता से खुलेंगे कानूनी रास्ते:
स्मिथ ने जोर देकर कहा,
“अगर बिश्नोई गिरोह को औपचारिक रूप से आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता दी जाती है, तो इससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आवश्यक संसाधनों और शक्तियों तक पहुंच प्राप्त होगी, जिससे वे इस गिरोह की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रोक सकेंगे और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकेंगे।”
📢 “अब कार्रवाई का समय है”:
अल्बर्टा सरकार ने प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से अपील की है कि वे जल्द से जल्द इस पर निर्णय लें और सभी कनाडावासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
🔍 कौन है लॉरेंस बिश्नोई?
लॉरेंस बिश्नोई वर्तमान में भारत सरकार की हिरासत में है और उस पर अनेक आपराधिक मामलों में आरोप लगे हैं। इनमें सबसे प्रमुख मामला वर्ष 2022 में प्रसिद्ध पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की हत्या से जुड़ा है। यह हत्या कथित रूप से गैंगवार का हिस्सा थी और इसने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया था।
📌 निष्कर्ष:
अल्बर्टा सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक वैश्विक संदेश भी है कि संगठित अपराध और आतंक को किसी भी सीमा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब यह देखना बाकी है कि कनाडा की संघीय सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है।
