ओपेक ने पूर्व नाइजीरियाई राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

वियना, ऑस्ट्रिया, 17 जुलाई 2025 — पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) ने पूर्व नाइजीरियाई राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी नेता और वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के स्तंभ के रूप में सम्मानित किया है। वियना स्थित नाइजीरियाई दूतावास में ओपेक के महासचिव हे. एक्स. हैथम अल गाइस ने व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और संवेदना पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।
उन्होंने बुहारी के परिवार, वर्तमान नाइजीरियाई राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू और समस्त नाइजीरियाई जनता के प्रति संवेदना व्यक्त की। ओपेक द्वारा जारी श्रद्धांजलि में कहा गया कि राष्ट्रपति बुहारी का योगदान न केवल नाइजीरिया के लिए, बल्कि संपूर्ण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कूटनीति और ओपेक की प्रगति के लिए अमूल्य रहा।
ऊर्जा सहयोग के शिल्पकार
महासचिव अल गाइस ने विशेष रूप से बुहारी की उस भूमिका को याद किया जिसमें उन्होंने ओपेक और गैर-ओपेक देशों के बीच “डिक्लेरेशन ऑफ कोऑपरेशन” की स्थापना में नेतृत्व प्रदान किया था। उन्होंने कहा कि बुहारी की रणनीतिक दूरदृष्टि और एकजुटता को बढ़ावा देने की सोच ने वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। आज भी यह सहयोग वैश्विक ऊर्जा नीति का एक मजबूत आधार बना हुआ है।
1976 से ओपेक से जुड़ाव
मुहम्मदु बुहारी का ओपेक से संबंध 1976 में शुरू हुआ, जब वे नाइजीरिया के पेट्रोलियम संसाधन आयुक्त के रूप में ओपेक में देश का प्रतिनिधित्व करते थे। इसके बाद जब वे राष्ट्रपति बने, तब भी उन्होंने संगठन के साथ गहरा और सकारात्मक संबंध बनाए रखा। उनकी विशेषज्ञता, नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मामलों में गहन समझ ने उन्हें ओपेक समुदाय में अत्यंत सम्माननीय स्थान दिलाया।
एक सच्चे सहयोगी की विरासत
ओपेक सचिवालय ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रपति बुहारी की निष्ठा, सहयोग की भावना और साझा प्रगति के लिए उनका समर्पण उन्हें सदा यादगार बनाता है। वह केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि एक ऐसे राजनयिक भी थे जो संवाद, एकता और विकास में विश्वास रखते थे।
इस दुखद अवसर पर ओपेक ने नाइजीरिया के साथ अपनी एकजुटता दोहराई और राष्ट्रपति बुहारी को एक ऐसे महापुरुष के रूप में याद किया, जिनकी भूमिका संगठन के इतिहास में सदैव अमिट रहेगी।
