अखिलेश यादव का तीखा वार: “देश की अर्थव्यवस्था, किसान और युवा संकट में”

लखनऊ, 7 अगस्त 2025 – समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि आज देश तीन सबसे अहम स्तंभों – अर्थव्यवस्था, किसान और युवा – के लिए एक गंभीर संकट का दौर है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका ने भारत पर टैरिफ दरें दोगुनी कर दी हैं, जिससे विदेश नीति की दिशा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को विफल करार देते हुए कहा, “हमारी विदेश नीति पूरी तरह लड़खड़ा चुकी है। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने जैसे बड़े वादों पर खरा नहीं उतर सकी है। बेरोजगारी चरम पर है और युवा दिशाहीन हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हाल ही में दिए गए इस बयान पर कि “किसान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं”, यादव ने तीखा पलटवार करते हुए कहा, “अगर भाजपा को किसानों और कृषि की इतनी ही चिंता थी, तो उन्हें ये सोच एक दशक पहले ही आनी चाहिए थी।” उन्होंने आगे जोड़ा, “कृषि, डेयरी और ग्रामीण उद्योगों को यदि समय रहते महत्व दिया जाता, तो आज देश इस आर्थिक दिशा भटकाव का शिकार न होता।”
अखिलेश ने यह भी कहा कि उद्योगों के लगातार बंद होने से ग्रामीण क्षेत्र की कमर टूट गई है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तेजी से सिकुड़ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया, “हम किस दिशा में जा रहे हैं? जब देश के किसान और युवा ही सुरक्षित नहीं हैं, तो विकास किसका और कैसा?”
उन्होंने केंद्र सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को लेकर भ्रम फैला रही है। “जो लोग कहते हैं कि भारत के सभी देशों से बेहतर रिश्ते हैं, वे खुद नहीं बता पाएंगे कि असल में भारतीयों को दुनिया में कितना सम्मान मिल रहा है।”
अंत में यादव ने दोहराया कि समाजवादी पार्टी के लिए किसान, मछुआरे और डेयरी से जुड़े लोग सर्वोपरि हैं। उन्होंने कहा, “हम अपने किसानों के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे। देश की असली ताकत खेतों में पसीना बहाने वालों में है। चाहे इसके लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े, हम तैयार हैं – और भारत भी तैयार है।”
