तिहाड़ जेल उपाधीक्षक पर हमले के आरोप से कैदी बरी

नई दिल्ली, 16 अगस्त 2025
दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में विचाराधीन कैदी सलमान त्यागी को तिहाड़ जेल के डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट पर हमले के मामले में दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा और सबूतों की कमी के कारण आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया।
यह मामला वर्ष 2021 का है, जब हरि नगर थाना क्षेत्र में एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के दौरान सलमान त्यागी ने डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की थी।
अदालत की प्रमुख टिप्पणियाँ
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) भारती गर्ग ने सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद निर्णय सुनाया। अदालत ने कहा—
- एफआईआर समय पर दर्ज नहीं की गई, जिससे शिकायत को गढ़ने और उसमें बदलाव करने की आशंका बनी रही।
- धारा 195 CrPC के तहत दर्ज शिकायत “यांत्रिक तरीके” से की गई प्रतीत होती है, जिसमें आरोपी को झूठा फंसाने की मंशा झलकती है।
- घटना के दिन का CCTV फुटेज पेश नहीं किया गया और न ही ड्यूटी रोस्टर या कोई आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत किया गया, जिससे यह सिद्ध हो सके कि शिकायतकर्ता उस समय VC रूम में ड्यूटी पर थे।
अभियोजन की कमज़ोरियाँ
अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज़ों और गवाहियों में गंभीर विरोधाभास हैं। इन कमियों और असंगतियों ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। परिणामस्वरूप अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को “संदेह से परे” साबित करने में पूरी तरह विफल रहा।
अंतिम निर्णय
अदालत ने साफ कहा कि अभियोजन यह साबित नहीं कर पाया कि आरोपी ने सरकारी कार्य में बाधा डालने या शारीरिक बल प्रयोग करने का अपराध किया है। इसलिए, आरोपी सलमान त्यागी को बरी किया जाता है।
