पाकिस्तान में बढ़ते बाल यौन शोषण के मामले : संसद में चौंकाने वाला खुलासा

इस्लामाबाद, 20 अगस्त 2025
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से जुड़ी एक रिपोर्ट ने देशभर में चिंता की लहर पैदा कर दी है। आंतरिक मंत्रालय द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ कि वर्ष 2021 से लेकर जून 2025 तक यौन शोषण से जुड़े कुल 567 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से लगभग 200 घटनाएँ बच्चों से संबंधित थीं।
बच्चों पर अपराध की सच्चाई
रिपोर्ट के मुताबिक, बाल यौन शोषण से प्रभावित पीड़ितों में 93 लड़के और 108 लड़कियाँ शामिल थीं। इन मामलों में अब तक 222 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। हालांकि, न्याय की प्रक्रिया बेहद धीमी रही है। गिरफ्तार आरोपियों में से केवल 12 को ही सज़ा सुनाई जा सकी, जबकि 163 अभी भी अदालतों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। वहीं, 15 आरोपियों को बरी कर दिया गया।
कानूनी प्रक्रिया पर सवाल
आंकड़ों से यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में मामलों के बावजूद सज़ा पाने वालों की संख्या बेहद कम है। यह स्थिति न केवल कानूनी व्यवस्था की जटिलताओं को उजागर करती है बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाने में आ रही कठिनाइयों की ओर भी इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में गवाहों की सुरक्षा, सामाजिक दबाव और जांच की गति जैसी चुनौतियाँ अक्सर न्यायिक प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं।
समाज के लिए चेतावनी
बढ़ते हुए बाल यौन शोषण के मामले समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं। बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कानूनों के साथ-साथ तेज़ और पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया की आवश्यकता है। साथ ही, परिवारों और स्कूलों को भी जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को आत्म-सुरक्षा के उपाय सिखाने की ज़रूरत है।
निष्कर्ष
यह आँकड़े न केवल पाकिस्तान की राजधानी में अपराध की गंभीरता को उजागर करते हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि बच्चों के खिलाफ अपराध से निपटने के लिए सामाजिक और सरकारी स्तर पर ठोस कदम उठाना बेहद आवश्यक है। जब तक दोषियों को कड़ी और त्वरित सज़ा नहीं मिलेगी, तब तक ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा।
