नेतन्याहू का ट्रम्प को धन्यवाद: इजराइल-अमेरिका रिश्तों की नई परिभाषा

हाल ही में सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर फिर से ध्यान आकर्षित किया है। इस पोस्ट में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को साथ बातचीत करते हुए दिखाया गया है। इसके साथ ही हिब्रू भाषा में लिखा गया एक छोटा कैप्शन, “वह लड़े”, दर्शकों की निगाहें खींच लेता है। इस संदेश के माध्यम से नेतन्याहू ने ट्रम्प को उनके कार्यकाल के दौरान इजराइल के लिए उठाए गए ऐतिहासिक कदमों के लिए आभार व्यक्त किया है।
ट्रम्प का इजराइल के पक्ष में ऐतिहासिक रुख
ट्रम्प प्रशासन के दौरान अमेरिका और इजराइल के रिश्ते नए मुकाम पर पहुंचे। ट्रम्प ने कई ऐसे फैसले लिए, जिन्हें इजराइल में ऐतिहासिक और निर्णायक माना गया:
- यरुशलम को राजधानी की मान्यता
दिसंबर 2017 में, ट्रम्प ने अमेरिकी विदेश नीति में बड़ा बदलाव करते हुए यरुशलम को इजराइल की आधिकारिक राजधानी के रूप में मान्यता दी। यह निर्णय विश्व स्तर पर विवादास्पद रहा, लेकिन इजराइली जनता ने इसे एक मजबूत समर्थन के रूप में देखा। - अमेरिकी दूतावास का स्थानांतरण
मई 2018 में, अमेरिका ने अपना दूतावास तेल अवीव से यरुशलम स्थानांतरित कर दिया। यह कदम केवल प्रतीकात्मक नहीं था, बल्कि अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते विश्वास और साझेदारी का प्रमाण भी था। - गोलन हाइट्स पर इजराइल की संप्रभुता की पुष्टि
मार्च 2019 में, ट्रम्प ने घोषणा की कि अमेरिका गोलन हाइट्स पर इजराइल की संप्रभुता को मान्यता देता है। यह फैसला न केवल इजराइल के लिए सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि मध्य पूर्व की राजनीति में भी एक बड़ा बदलाव साबित हुआ। - अब्राहम समझौते की मध्यस्थता
ट्रम्प प्रशासन की एक और बड़ी उपलब्धि अब्राहम समझौते रहे, जिनके तहत इजराइल ने संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सूडान और मोरक्को जैसे अरब देशों के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित किए। इस समझौते ने दशकों पुरानी शत्रुता को कम किया और क्षेत्रीय शांति की नई संभावनाएं खोलीं।
“वह लड़े” का संदर्भ
वीडियो में लिखा गया वाक्य “वह लड़े” केवल एक साधारण कैप्शन नहीं है। यह उस संघर्ष और आलोचना की ओर संकेत करता है, जिसका सामना डोनाल्ड ट्रम्प ने इन नीतियों को लागू करते समय किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध झेलने के बावजूद, उन्होंने इजराइल के समर्थन में अपने फैसले बदले बिना आगे बढ़ाए।
निष्कर्ष
यह सोशल मीडिया पोस्ट केवल नेतन्याहू और ट्रम्प की तस्वीर या बातचीत भर नहीं है। यह इजराइल-अमेरिका के बीच उस ऐतिहासिक साझेदारी का प्रतीक है, जिसने ट्रम्प के कार्यकाल में एक नया अध्याय जोड़ा। नेतन्याहू का आभार और “वह लड़े” जैसा कैप्शन इस बात को स्पष्ट करता है कि दोनों नेताओं के बीच न केवल राजनीतिक बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी गहरा भरोसा और गठबंधन मौजूद रहा।
