फ़रवरी 15, 2026

गाज़ा संकट पर फ्रांस-क़तर की पहल: मैक्रों ने उठाई मानवीय सुरक्षा और स्थायी समाधान की मांग

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पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने क़तर के अमीर से टेलीफोन पर वार्ता करते हुए गाज़ा की गंभीर स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी आबादी को भुखमरी की कगार पर धकेलना एक गंभीर अपराध है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।

अस्पताल पर हमला और पत्रकारों की मौत

मैक्रों ने विशेष रूप से उस घटना का उल्लेख किया जिसमें हालिया इज़राइली हमले से गाज़ा के एक अस्पताल में कई नागरिकों और पत्रकारों की मौत हो गई। उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि युद्ध क्षेत्र में नागरिकों और पत्रकारों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। मीडिया को स्वतंत्र रूप से काम करने और संघर्ष की सच्चाई सामने लाने का अवसर मिलना आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने गाज़ा में मानवीय सहायता पहुँचाने की मांग की और इज़राइल से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की।

स्थायी युद्धविराम और दो-राज्य समाधान पर जोर

राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि स्थायी संघर्षविराम, सभी बंधकों की रिहाई, बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता की आपूर्ति और राजनीतिक समाधान ही इस संकट का रास्ता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हमास का निरस्त्रीकरण और एक स्थिरता मिशन भविष्य की शांति की दिशा में अहम कदम होंगे। फ्रांस और क़तर इस दिशा में मिलकर प्रयास कर रहे हैं ताकि मध्यस्थता सफल हो सके। इसी संदर्भ में 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में दो-राज्य समाधान पर होने वाले सम्मेलन की तैयारी की जा रही है।

क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा

मैक्रों और क़तर के अमीर ने लेबनान की संप्रभुता, सीरिया की स्थिरता और क्षेत्रीय शांति पर भी विचार-विमर्श किया। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने ई3 (फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी) की ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चल रही पहल को लेकर भी साझा चर्चा की।

निष्कर्ष

स्पष्ट है कि फ्रांस और क़तर, गाज़ा संकट का मानवीय और राजनीतिक समाधान तलाशने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मैक्रों का यह बयान न केवल गाज़ा के लिए राहत की मांग करता है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व में स्थिरता और शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत देता है।


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