उर्वरक घोटाले का पर्दाफाश: यूपी पुलिस की ईओडब्ल्यू टीम ने किया बड़ा खुलासा

उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़े वित्तीय घोटाले का भंडाफोड़ किया है। मामला एक ऐसी उर्वरक कंपनी से जुड़ा है जो केंद्र सरकार की श्रेणी-बी में पंजीकृत थी और जिसका कार्यक्षेत्र उर्वरक उत्पादन और वितरण था।
फर्जी दस्तावेज़ और कालाबाज़ारी का खेल
जानकारी के अनुसार, “अवध फर्टिलाइजर्स प्रा. लि.” नामक कंपनी के निदेशक मंडल और अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने 1998 से 2000 के बीच रॉ मटेरियल (रॉक फॉस्फेट व सिंगल सुपर फॉस्फेट) की बिक्री को लेकर जाली व कूटरचित दस्तावेज़ तैयार किए। इन दस्तावेज़ों के आधार पर उर्वरक उत्पादन हेतु कच्चे माल की बिक्री और आपूर्ति में हेरफेर किया गया।
इसके जरिए कंपनी ने न केवल कच्चे माल के वितरण में गड़बड़ी की, बल्कि खाद पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी को भी धोखाधड़ी से हड़प लिया। अनुमान है कि इस दौरान करीब ₹1.28 करोड़ की राशि का गबन किया गया।
गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई
लंबी जांच-पड़ताल के बाद, मुज़फ्फरनगर स्थित “पीताम्बर ट्रेडर्स” के संचालक और आपूर्तिकर्ता को यूपी पुलिस की EOW टीम ने धर दबोचा। यह गिरफ्तारी पुलिस की उस नीति को दर्शाती है जिसमें आर्थिक अपराधों और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” अपनाया जा रहा है।
संदेश और महत्व
यह कार्रवाई न केवल किसानों के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी सब्सिडी और किसानों की सहायता योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
यूपी पुलिस की यह सख़्त कार्रवाई उन माफियाओं और धोखेबाज कंपनियों के लिए चेतावनी है जो भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के जरिए किसानों की मेहनत और सरकारी संसाधनों पर डाका डालते हैं।
