जियोर्जिया मेलोनी का नया दृष्टिकोण: दक्षिणी इटली की शक्ति और आत्मनिर्भरता

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने हाल ही में दक्षिणी इटली के प्रति अपने विचारों को स्पष्ट करते हुए यह संदेश दिया है कि उनकी सरकार विभाजन नहीं, बल्कि एकता और प्रगति की राह पर चलना चाहती है। मेलोनी का मानना है कि देश का दक्षिण केवल मदद का मोहताज क्षेत्र नहीं, बल्कि ऊर्जा, प्रतिभा और अवसरों से भरपूर एक शक्ति केंद्र है।
कल्याणकारी सहायता से आत्मनिर्भरता तक का सफर
मेलोनी ने यह स्पष्ट किया कि उनकी सरकार “कल्याणकारी निर्भरता” की मानसिकता को समाप्त करना चाहती है। लंबे समय से दक्षिणी इटली सरकारी योजनाओं और सब्सिडी पर निर्भर रहा है, जिससे उसकी प्रगति बाधित हुई। उनका कहना है कि स्थायी विकास केवल तब संभव है, जब वहाँ के लोगों को रोजगार, आधुनिक ढाँचे और योग्यता-आधारित अवसरों से जोड़ा जाए।
रोजगार और बुनियादी ढाँचे में सुधार
सरकार ने दक्षिणी इलाकों में निवेश बढ़ाकर रोजगार सृजन और बुनियादी ढाँचे के विस्तार पर विशेष जोर दिया है। इसका सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। इटली के राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान (Istat) की ताज़ा रिपोर्ट में बताया गया है कि 2004 के बाद पहली बार दक्षिणी इटली में इतनी बड़ी संख्या में लोग काम कर रहे हैं। यह आँकड़ा मेलोनी सरकार की नीतियों की सफलता का प्रमाण माना जा रहा है।
एकजुट और समृद्ध इटली का सपना
मेलोनी का लक्ष्य ऐसा इटली बनाना है जहाँ देश का हर नागरिक, चाहे वह उत्तर में हो या दक्षिण में, समान अवसरों का हकदार बने। उनका विश्वास है कि दक्षिण को मजबूत बनाकर पूरे राष्ट्र की सामाजिक और आर्थिक संरचना को सुदृढ़ किया जा सकता है। यह न केवल क्षेत्रीय संतुलन लाएगा बल्कि इटली को वैश्विक स्तर पर और भी प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
निष्कर्ष
मेलोनी का दृष्टिकोण दक्षिणी इटली को एक कमजोर कड़ी के रूप में देखने के बजाय उसे राष्ट्रीय शक्ति का स्रोत मानने पर आधारित है। उनकी नीतियाँ इस दिशा में संकेत देती हैं कि भविष्य का इटली अधिक एकीकृत, आत्मनिर्भर और प्रगतिशील होगा।
