फ़रवरी 15, 2026

‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस’: वीरता, समर्पण और राष्ट्रधर्म को समर्पित खास अवसर

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भारत में हर वर्ष 7 दिसंबर को ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के उन साहसी जवानों को सम्मान अर्पित करने का प्रतीक है, जो हर पल राष्ट्र की सुरक्षा में तत्पर रहते हैं। इस विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और निष्ठा को नमन करते हुए शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने संदेश में कहा कि भारतीय सेना का हर जवान राष्ट्र रक्षा में सतत जुटा रहता है और अपनी वीरता, कर्तव्यपरायणता तथा समर्पण से देशवासियों के मन में सुरक्षा और गर्व की भावना पैदा करता है। मुख्यमंत्री ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे अपने वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, उनके कल्याण में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लें।

सैनिक ही राष्ट्र की सुरक्षा-ढाल

सशस्त्र सेना झंडा दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उन परिवारों का आभार व्यक्त करने का दिन भी है, जिनके बेटे-बेटियां सीमा पर अपने जीवन को राष्ट्रहित में समर्पित करते हैं। कठोर परिस्थितियों, मुश्किल भौगोलिक स्थितियों और लगातार बदलते सुरक्षा परिदृश्यों के बीच भारतीय सैनिकों का मनोबल हमेशा उच्च रहता है। इसी दृढ़ता के कारण भारत विश्व की सबसे सक्षम सेनाओं में शामिल है।

योगी आदित्यनाथ का सैनिकों के प्रति सम्मान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा साझा की गई तस्वीरों में वे पूर्व सैनिकों और अधिकारियों का सम्मान करते दिखाई देते हैं। यह न केवल एक औपचारिकता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि सरकार और समाज दोनों ही अपने रक्षकों को सर्वोच्च सम्मान देते हैं।

पूर्व सैनिकों को राज्य स्तर पर सम्मानित करना, उनके योगदान को याद करना और समाज के सामने उनके संघर्षों की प्रेरणादायक कहानियां लाना, युवाओं को भी देश सेवा के लिए प्रेरित करता है।

जन-भागीदारी का महत्व

इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आम नागरिकों को सैनिकों के लिए सहायता राशि देने, कल्याणकारी योजनाओं में योगदान करने और शहीद परिवारों के प्रति संवेदना व समर्थन व्यक्त करने का अवसर मिलता है। झंडा दिवस का मुख्य संदेश यही है कि सेना देश की सुरक्षा करती है और नागरिक, सेना के कल्याण में भागीदारी निभाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर सकते हैं।

निष्कर्ष

सशस्त्र सेना झंडा दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हमारी आज़ादी और सुरक्षा उन सैनिकों के बलिदान और पराक्रम की नींव पर खड़ी है, जो सीमाओं पर तैनात होकर राष्ट्र की रक्षा करते हैं।

योगी आदित्यनाथ का संदेश इस दिन की महत्ता को और मजबूत करता है — कि हमें केवल शब्दों से नहीं, बल्कि कर्म से भी अपने सैनिकों के सम्मान और कल्याण के लिए आगे आना चाहिए।

जय हिंद!


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