फ़रवरी 13, 2026

ब्रिटेन की नई सैन्य सहायता: यूक्रेन के लिए रणनीतिक संबल

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रूस-यूक्रेन युद्ध के लंबित और जटिल होते परिदृश्य के बीच ब्रिटेन ने एक बार फिर कीव के प्रति अपना समर्थन स्पष्ट किया है। 500 मिलियन पाउंड से अधिक के नए वायु रक्षा पैकेज की घोषणा केवल सैन्य सहयोग नहीं, बल्कि यूरोपीय सुरक्षा ढांचे में सक्रिय नेतृत्व का संकेत भी है। इस पैकेज का उद्देश्य यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को सुदृढ़ करना है, विशेषकर ऐसे समय में जब रूस ऊर्जा प्रतिष्ठानों और नागरिक संरचनाओं को निशाना बना रहा है।

पैकेज की प्रमुख बातें

इस सहायता योजना के अंतर्गत लगभग 1,000 ‘लाइटवेट मल्टीरोल मिसाइल’ (LMM) यूक्रेन को उपलब्ध कराई जाएँगी। ये मिसाइलें तेज़, सटीक और ड्रोन व कम ऊँचाई पर उड़ने वाले लक्ष्यों को भेदने में सक्षम मानी जाती हैं।

इसके अतिरिक्त, ब्रिटेन ने पहली बार NATO के PURL (Procurement of US Weapons for Ukraine) कार्यक्रम में 150 मिलियन पाउंड का योगदान देने का निर्णय लिया है। इस पहल के माध्यम से अमेरिकी निर्मित उन्नत हथियार प्रणालियाँ—जैसे पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और HIMARS रॉकेट सिस्टम—की खरीद की जाएगी।

इन मिसाइलों का निर्माण उत्तरी आयरलैंड के बेलफास्ट स्थित संयंत्र में होगा, जिससे ब्रिटेन के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को भी प्रोत्साहन मिलेगा।


रणनीतिक आयाम

1. वायु सुरक्षा की तत्काल मजबूती

रूस की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमलों में वृद्धि ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को गंभीर नुकसान पहुँचाया है। ऐसे में अतिरिक्त वायु रक्षा संसाधन नागरिक जीवन और आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

2. NATO में ब्रिटेन की सक्रिय भूमिका

PURL कार्यक्रम में वित्तीय सहभागिता यह दर्शाती है कि ब्रिटेन केवल द्विपक्षीय सहयोग तक सीमित नहीं, बल्कि बहुपक्षीय रक्षा ढांचे को भी मजबूत कर रहा है। इससे अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों के बीच सामरिक समन्वय और गहरा होगा।

3. रक्षा उद्योग और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

बेलफास्ट में उत्पादन आदेश से स्थानीय उद्योगों को गति मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ब्रिटेन के रक्षा क्षेत्र की आपूर्ति शृंखला को दीर्घकालिक मजबूती प्राप्त होगी।


व्यापक भू-राजनीतिक संकेत

ब्रिटेन की यह पहल केवल यूक्रेन के समर्थन का मामला नहीं है, बल्कि रूस को यह संदेश देने का भी प्रयास है कि पश्चिमी देश दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के साथ खड़े हैं। साथ ही, आर्कटिक क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति बढ़ाने की घोषणा यह दर्शाती है कि लंदन बहु-क्षेत्रीय रणनीति अपनाकर संतुलन बनाने की नीति पर काम कर रहा है।


निष्कर्ष

वर्तमान परिस्थितियों में यह सहायता पैकेज यूक्रेन के लिए निर्णायक सिद्ध हो सकता है। ऊर्जा अवसंरचना और नागरिक क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए सुदृढ़ वायु रक्षा एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। ब्रिटेन का यह कदम न केवल एक सहयोगी राष्ट्र के प्रति समर्थन है, बल्कि यूरोप की सामूहिक सुरक्षा सोच का भी प्रतीक है।

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