फ़रवरी 21, 2025

सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों में वित्तीय सुधार: एक महत्वपूर्ण बदलाव

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Anoop singh

भारत सरकार के सतत प्रयासों और व्यापक सुधार नीतियों के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों (PSGICs) ने एक महत्वपूर्ण वित्तीय बदलाव देखा है। ऐतिहासिक रूप से घाटे में चलने वाली ये कंपनियां अब लाभप्रदता की ओर बढ़ चुकी हैं। यह परिवर्तन सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न संरचनात्मक सुधारों, दक्षता बढ़ाने की रणनीतियों और पूंजी निवेश के कारण संभव हो पाया है।

सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम

वित्त मंत्रालय के अनुसार, 2019-20 से 2021-22 के बीच PSGICs को वित्तीय मजबूती देने के लिए 17,450 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य परिचालन क्षमता में सुधार करना, जोखिम प्रबंधन को मजबूत बनाना और कंपनियों को पुनः लाभ की स्थिति में लाना था।

इन सुधारों का असर अब स्पष्ट रूप से दिख रहा है, क्योंकि:

  • ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (OICL) ने वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही से मुनाफा दर्ज करना शुरू किया।
  • नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NICL) वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में लाभप्रद हुई।
  • यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (UIICL) ने सात वर्षों के बाद वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में लाभ दर्ज किया।
  • न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NIACL) ने अपनी बाजार नेतृत्व की स्थिति बनाए रखते हुए नियमित रूप से लाभ कमाना जारी रखा।

नए सुधार और रणनीतियाँ

इन कंपनियों ने अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण रणनीतियाँ अपनाई हैं:

  1. बेहतर जोखिम प्रबंधन प्रथाएँ: बीमा दावों की गहन समीक्षा और बेहतर अंडरराइटिंग प्रक्रियाएँ लागू की गईं।
  2. नुकसान को नियंत्रित करने की पहल: धोखाधड़ी का पता लगाने और खर्चों को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया।
  3. तकनीकी नवाचार: डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑटोमेशन को अपनाकर ग्राहक सेवा में सुधार किया गया।
  4. नए उत्पादों का विकास: बाजार की आवश्यकताओं के अनुसार नए बीमा उत्पादों की शुरुआत की गई।
  5. विविध पोर्टफोलियो: विभिन्न क्षेत्रों में बीमा सेवाओं का विस्तार किया गया, जिससे आय के नए स्रोत विकसित हुए।

PSGICs की वित्तीय स्थिति में सुधार के संकेत

PSGICs ने 2022-23 के दौरान उल्लेखनीय वित्तीय बदलाव देखा, जिससे वे सभी लाभप्रद स्थिति में आ गईं। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही तक इन कंपनियों ने संयुक्त रूप से 1,066 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया।

भविष्य की रणनीतियाँ और सरकार की प्रतिबद्धता

भारत सरकार PSGICs को मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत:

  • नियमित निगरानी और प्रदर्शन संकेतक-आधारित मूल्यांकन किया जा रहा है।
  • संरचनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि इन कंपनियों की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता बनी रहे।
  • ग्राहक अनुभव में सुधार लाने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं।

“सभी के लिए बीमा” का लक्ष्य 2047 तक

सरकार की दीर्घकालिक योजना के तहत PSGICs को 2047 तक “सभी के लिए बीमा” के व्यापक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके लिए इन कंपनियों को उच्च गुणवत्ता वाली बीमा सेवाएँ प्रदान करने, बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने और ग्राहकों को अधिक संतोषजनक अनुभव देने के लिए सशक्त किया जा रहा है।

निष्कर्ष

PSGICs में आया यह परिवर्तन केवल एक वित्तीय सुधार नहीं है, बल्कि भारत के बीमा क्षेत्र के संपूर्ण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के सुधार प्रयासों और इन कंपनियों की नवाचार-आधारित रणनीतियों के कारण अब ये संस्थाएँ घाटे से उबरकर लाभ की ओर बढ़ रही हैं। PSGICs की यह सफलता भारत में बीमा क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करती है, जहाँ ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएँ मिलेंगी और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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