अप्रैल 5, 2025

पीएम गतिशक्ति के तहत नेटवर्क योजना समूह की 89वीं बैठक: बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम

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Anoop singh

भारत में बुनियादी ढांचे के समग्र विकास को गति देने के लिए नेटवर्क योजना समूह (NPG) की 89वीं बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के संयुक्त सचिव श्री पंकज कुमार ने की। इसमें सड़क, रेलवे और मेट्रो परियोजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PMGS-NMP) के तहत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत करना था।

इस बैठक में आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर चर्चा की गई, जिनमें चार सड़क, तीन रेलवे और एक मेट्रो परियोजना शामिल थी। ये परियोजनाएं लॉजिस्टिक क्षमता में सुधार, यात्रा समय में कमी, और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में सहायक होंगी।


महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं

1. दारुगिरी से डालू खंड तक दो लेन की सड़क (मेघालय)

इस परियोजना के तहत एनएच-62 (नया एनएच-217) के दारुगिरी से डालू खंड तक 136.11 किलोमीटर लंबी सड़क को दो लेन में विकसित किया जाएगा। यह सड़क पूर्वी गारो हिल्स, दक्षिण गारो हिल्स और पश्चिमी गारो हिल्स से होकर गुजरेगी। इस परियोजना से सीमा पार व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

2. ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे भारत की पहली सड़क सुरंग (असम)

इस परियोजना में गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच चार लेन की सड़क सुरंग बनाई जाएगी। यह सुरंग यात्रा समय को 6.5 घंटे से घटाकर मात्र 30 मिनट कर देगी। इससे यात्रा दूरी भी 240 किलोमीटर से घटकर 34 किलोमीटर रह जाएगी। यह सुरंग पूर्वोत्तर राज्यों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

3. कलियाबोर-नुमालीगढ़ खंड का चौड़ीकरण (असम)

यह परियोजना असम में एनएच-37/एनएच-715 पर 85.67 किलोमीटर लंबी सड़क को दो लेन से चार लेन में अपग्रेड करेगी। इस परियोजना में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता की सुरक्षा के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर और वन्यजीव-अनुकूल क्रॉसिंग बनाए जाएंगे।

4. म्याजलार से जैसलमेर तक दो लेन की सड़क (राजस्थान)

138.177 किलोमीटर लंबी यह परियोजना एनएच-11 और एनएच-70 को जोड़ते हुए जैसलमेर को बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी देगी। यह परियोजना पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ रक्षा उद्देश्यों और सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।


प्रमुख रेलवे परियोजनाएं

1. बदलापुर-कर्जत तीसरी और चौथी रेल लाइन (महाराष्ट्र)

32.460 किलोमीटर लंबी यह परियोजना मुंबई-पुणे-सोलापुर-वाडी-चेन्नई रेलवे कॉरिडोर पर यात्रियों की बढ़ती संख्या और माल ढुलाई की भीड़ को कम करने में मदद करेगी। इससे बदलापुर, वांगनी, शेलू, नेरल, भिवपुरी और कर्जत के नागरिकों को लाभ मिलेगा।

2. नेरगुंडी से कटक तक चौथी रेल लाइन (ओडिशा)

15.99 किलोमीटर लंबी यह परियोजना माल ढुलाई को आसान बनाएगी और पारादीप बंदरगाह, तालचेर कोयला क्षेत्र तथा इस्पात व बिजली उद्योगों को सुगम कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

3. हरिदासपुर से पारादीप तक दोहरीकरण रेल लाइन (ओडिशा)

74.09 किलोमीटर लंबी यह परियोजना माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स क्षमता में वृद्धि करेगी। इससे तालचेर कोयला क्षेत्रों से पारादीप बंदरगाह तक निर्बाध कोयला परिवहन सुनिश्चित होगा।


राजकोट मेट्रो रेल परियोजना (गुजरात)

गुजरात में राजकोट मेट्रो परियोजना 41.11 किलोमीटर लंबी एक ग्रीनफील्ड शहरी परिवहन पहल है। इसका उद्देश्य राजकोट में भीड़भाड़ कम करना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाना है। इस परियोजना में मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए इसे शहरी बस सेवाओं, ऑटो रिक्शा और साइकिल रिक्शा से जोड़ा जाएगा।


परियोजनाओं का व्यापक प्रभाव

1. क्षेत्रीय और राष्ट्रीय कनेक्टिविटी में सुधार

इन परियोजनाओं से भारत के विभिन्न राज्यों को बेहतर संपर्क मिलेगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

2. लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की क्षमता में वृद्धि

रेल और सड़क परियोजनाओं के कारण माल ढुलाई तेज और सुगम होगी, जिससे कारोबारियों और उद्योगों को लाभ मिलेगा।

3. यात्रा समय में कमी और सुविधाजनक परिवहन

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे सुरंग और कई रेल परियोजनाओं से लंबी यात्राओं का समय घटेगा, जिससे लोगों का दैनिक जीवन आसान बनेगा।

4. पर्यावरण और जैव विविधता की सुरक्षा

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पास बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर से वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

5. आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर

इन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


निष्कर्ष

पीएम गतिशक्ति के तहत नेटवर्क योजना समूह की 89वीं बैठक में भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सड़क, रेलवे और मेट्रो परियोजनाओं के माध्यम से लॉजिस्टिक्स क्षमता, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, और आर्थिक विकास को गति दी जाएगी। इससे देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और आम जनता को सुगम यातायात सुविधाएं मिलेंगी।

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