सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1 लाख रुपये से पार, जानिए इसके पीछे के कारण

नई दिल्ली, 13 जून 2025 – भारत की राजधानी दिल्ली में आज सोने की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंच गईं। 24 कैरेट (99.9%) शुद्धता वाला सोना ₹1,01,710 प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर चुका है। यह पहली बार है जब दिल्ली में सोने की कीमत ने ₹1 लाख का मनोवैज्ञानिक स्तर पार किया है। निवेशकों, ज्वैलर्स और आम उपभोक्ताओं के बीच इस तेजी ने हलचल मचा दी है।
📈 पिछले कुछ हफ्तों का रुझान
मई 2025 के मध्य से लेकर जून के पहले दो हफ्तों तक सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। यह ट्रेंड न केवल भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी देखा गया है। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और घरेलू मांग में बढ़ोतरी इस तेजी के पीछे प्रमुख वजह मानी जा रही है।
💹 सोने की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानिए प्रमुख कारण
🌍 1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता
विश्व स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से पश्चिम एशिया और यूक्रेन-रूस संकट जैसी स्थितियों ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्प की ओर मोड़ा है। ऐसे समय में सोना एक भरोसेमंद संपत्ति मानी जाती है, जिससे इसकी वैश्विक मांग में वृद्धि हो रही है।
💱 2. रुपया कमजोर, डॉलर मजबूत
चूंकि भारत सोना आयात करता है, इसलिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी आयातित सोने को महंगा बना देती है। इस समय डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे घरेलू बाजार में सोने के दाम ऊपर जा रहे हैं।
🛍️ 3. घरेलू मांग में तेजी
अक्षय तृतीया के बाद से ही भारत में सोने की पारंपरिक मांग बढ़ गई है। आगामी विवाह सीजन और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों की तैयारी में खरीदारी तेज हो गई है। साथ ही, ज्वैलरी इंडस्ट्री और निवेशकों दोनों की ओर से मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है।
💰 4. मुद्रास्फीति के खिलाफ सुरक्षा
महंगाई बढ़ने के साथ लोग अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए सोने की ओर रुख करते हैं। सोना एक ऐसा पारंपरिक विकल्प है जो मुद्रास्फीति के समय में संपत्ति का मूल्य बनाए रखने में मदद करता है।
🏦 5. वैश्विक ब्याज दरें और मौद्रिक नीतियां
अमेरिका सहित कई देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को स्थिर या कम बनाए रखना, निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित कर रहा है। ब्याज दरें कम होने पर सोने पर मिलने वाला अपेक्षाकृत स्थिर रिटर्न ज्यादा आकर्षक हो जाता है।
🔮 क्या आगे और बढ़ेगा सोना?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक अनिश्चितताएं बनी रहीं और घरेलू मांग स्थिर रही, तो सोने की कीमतों में और बढ़त संभव है। हालांकि, निवेशकों को सावधानी से कदम बढ़ाने की सलाह दी जा रही है क्योंकि कीमतों में अस्थिरता स्वाभाविक है।
📌 निवेश के लिए सलाह
छोटे निवेश करें, एकमुश्त राशि लगाने से बचें।
डिजिटल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और गोल्ड ETF जैसे विकल्पों को भी देखें।
बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना को ध्यान में रखते हुए लंबी अवधि का नजरिया रखें।
निष्कर्ष:
दिल्ली में सोने की कीमतों का ₹1 लाख के पार जाना एक आर्थिक संकेत है जो कई स्तरों पर प्रभाव डाल सकता है — निवेश, आभूषण बाजार और मुद्रास्फीति पर भी। यह समय सतर्कता और समझदारी से निवेश करने का है, न कि भावनाओं में बहने का।
