सेल्फी का जुनून और ज़िंदगी की हकीकत: सावधानी से ही बने सुरक्षित सफर

आजकल सोशल मीडिया पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना हर किसी की आदत बन गई है। चाहे पहाड़ों की ऊंचाई हो या नदियों की गहराई, लोग हर खूबसूरत जगह को कैमरे में कैद करने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह शौक कई बार जानलेवा साबित हो सकता है। उत्तराखंड पुलिस ने हाल ही में एक जागरूकता संदेश जारी किया है, जिसमें यह बताया गया है कि नदियों, तालाबों और झरनों के पास खतरनाक तरीके से सेल्फी या रील बनाने की कोशिश करना किसी बड़ी दुर्घटना को दावत देना है।
पुलिस का यह संदेश न केवल पर्यटकों के लिए, बल्कि उन सभी के लिए महत्वपूर्ण है जो प्राकृतिक स्थलों पर जाकर अपनी यादों को तस्वीरों और वीडियो में कैद करना चाहते हैं। वीडियो और रील बनाने की चाह में लोग अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। slippery पत्थरों पर खड़े होकर बहते पानी के किनारे रील बनाने की एक छोटी-सी भूल किसी की जान पर भारी पड़ सकती है।
कई बार लोग सोचते हैं कि उन्हें सब संभालना आता है और वह पूरी तरह सतर्क हैं। लेकिन पानी के तेज बहाव, गीली सतह और अचानक संतुलन बिगड़ने जैसी परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस ने अपने संदेश में कहा है कि थोड़ी सी लापरवाही बेहद खतरनाक हो सकती है और इसका अंजाम जीवनभर का पछतावा बन सकता है।
इसलिए ज़रूरी है कि हम सभी अपनी और अपनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। कोई भी रील, कोई भी फोटो आपकी ज़िंदगी से कीमती नहीं हो सकती। जहां खतरा हो, वहां स्मार्ट बनें और समझदारी दिखाएं। प्रकृति का आनंद लें लेकिन उसके प्रति आदर और सावधानी के साथ।
निष्कर्ष
फोटो खींचना, रील बनाना गलत नहीं है। गलत है अपनी सुरक्षा को नज़रअंदाज़ करना। जब भी आप नदियों, तालाबों या झरनों के पास जाएं, तो सतर्क रहें और दूसरों को भी सतर्क करें। आपकी एक छोटी सी समझदारी किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।
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