क़तर पर ईरानी हमले के बाद इटली का समर्थन और संवाद की अपील: एक निर्णायक कूटनीतिक पहल

24 जून 2025
ईरान द्वारा क़तर पर हाल ही में किए गए मिसाइल हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में रोष और चिंता की लहर दौड़ गई है। इसी क्रम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने क़तर के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए इस संकट की घड़ी में राजनीतिक संवाद को तत्काल बहाल करने की पुरज़ोर अपील की है।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर कहा,
“ईरानी हमले के बाद, इटली सरकार की ओर से मैं क़तर के लोगों और सरकार के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति और समर्थन व्यक्त करती हूं।”
उनके इस बयान को वैश्विक मंच पर बढ़ती चिंता और संवाद की आवश्यकता के स्पष्ट संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
मेलोनी ने यह भी खुलासा किया कि वे क़तर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और अन्य खाड़ी देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा,
“स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हम सभी क्षेत्रीय नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं और समाधान की दिशा में प्रयासरत हैं।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि राजनयिक वार्ताएं फिर से शुरू हों ताकि शांति और स्थिरता का मार्ग प्रशस्त हो सके। उनकी इस अपील को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बयानों के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, जिन्होंने भी इसी प्रकार की शांति पहल की मांग की है।
विश्लेषकों का मानना है कि इटली इस संवेदनशील समय में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार दिख रहा है। यूरोपीय कूटनीति में इसकी सक्रियता और खाड़ी देशों से इसके रणनीतिक संबंध इस पहल को मजबूती प्रदान करते हैं।
इस घटनाक्रम के चलते यह स्पष्ट होता जा रहा है कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव अब वैश्विक शांति के लिए खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में इटली जैसे देशों का संतुलित और सशक्त हस्तक्षेप न केवल सराहनीय है, बल्कि समय की मांग भी है।
