आजमगढ़ में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में दर्ज था मुकदमा

0

अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

आजमगढ़। महराजगंज थाना क्षेत्र में किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म के आरोप से जुड़े मामले में पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी 25 सितंबर 2026 को भैरोदासपुर पुलिया के पास से की गई। मामले में पॉक्सो एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है।

पुलिस के मुताबिक, महराजगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली किशोरी से संबंधित घटना के संबंध में 21 सितंबर 2026 को पुलिस को तहरीर प्राप्त हुई थी। तहरीर के आधार पर थाना महराजगंज में मुकदमा संख्या 230/2026 दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उपलब्ध तथ्यों तथा साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में कार्रवाई आगे बढ़ाई।

स्कूल जाते समय वाहन में बैठाकर ले जाने का आरोप

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी पर किशोरी को स्कूल जाते समय बोलेरो वाहन में बैठाकर अपने साथ ले जाने का आरोप है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1), 352 और 351(3) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामला जांच के स्तर पर है और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। नाबालिग से संबंधित मामलों में कानून के तहत पीड़िता की पहचान को गोपनीय रखना अनिवार्य है, इसलिए उससे जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

पुलिस ने चलाया गिरफ्तारी अभियान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जनपद में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में महराजगंज थाना पुलिस को भी संबंधित आरोपी की तलाश में लगाया गया था। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों और क्षेत्र में उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।

महराजगंज थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक जयप्रकाश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को भैरोदासपुर पुलिया के नजदीक से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी 25 सितंबर को लगभग 11 बजकर 55 मिनट पर की गई।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सचिन पुत्र चन्द्रपाल, निवासी कुम्हवट, थाना महराजगंज, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।

न्यायालय में पेश किया जाएगा आरोपी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले की विवेचना पुलिस द्वारा जारी है और जांच के दौरान प्राप्त होने वाले अन्य तथ्यों एवं साक्ष्यों को भी विवेचना में शामिल किया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होता है। इसलिए गिरफ्तारी को आरोप सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगी।

इन धाराओं में की जा रही कार्रवाई

महराजगंज थाने में दर्ज मुकदमे में पुलिस ने विवेचना के दौरान भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं को शामिल किया है। इसके अलावा नाबालिग से जुड़े आरोपों के कारण पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की जा रही है।

पॉक्सो कानून का उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना और ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है। नाबालिग से संबंधित मामलों में पुलिस और न्यायिक एजेंसियों को पीड़ित बच्चे की पहचान तथा गरिमा की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों का पालन करना होता है।

इस मामले में भी पुलिस ने किशोरी की पहचान से संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। जांच एजेंसी की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर ही घटना और गिरफ्तारी से जुड़ी कार्रवाई सामने आई है।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

आरोपी की गिरफ्तारी में महराजगंज थाना पुलिस की टीम शामिल रही। पुलिस टीम का नेतृत्व थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक जयप्रकाश ने किया। उनके साथ कांस्टेबल मार्तण्ड कुमार, कांस्टेबल शिवांश मिश्रा और कांस्टेबल दिनेश कुमार ने कार्रवाई में भाग लिया।

पुलिस के अनुसार टीम ने मामले में वांछित आरोपी की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए और सूचना के आधार पर भैरोदासपुर पुलिया के पास कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाने लाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई।

जांच के बाद सामने आएंगे अन्य तथ्य

मामले में पुलिस की विवेचना अभी जारी है। पुलिस द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जनपद में गंभीर अपराधों के मामलों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है। महराजगंज थाना क्षेत्र के इस मामले में भी पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।

इस प्रकरण में अब आगे की कार्रवाई न्यायालय और विवेचना के परिणाम के आधार पर होगी। पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे और गिरफ्तारी से संबंधित जानकारी आधिकारिक स्तर पर उपलब्ध कराई गई है, जबकि मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें

ताज़ा खबरें • ब्रेकिंग न्यूज़ • नेशनल और इंटरनेशनल अपडेट

आजमगढ़ में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में दर्ज था मुकदमा

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 25, 2026

अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

आजमगढ़। महराजगंज थाना क्षेत्र में किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म के आरोप से जुड़े मामले में पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी 25 सितंबर 2026 को भैरोदासपुर पुलिया के पास से की गई। मामले में पॉक्सो एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है।

पुलिस के मुताबिक, महराजगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली किशोरी से संबंधित घटना के संबंध में 21 सितंबर 2026 को पुलिस को तहरीर प्राप्त हुई थी। तहरीर के आधार पर थाना महराजगंज में मुकदमा संख्या 230/2026 दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उपलब्ध तथ्यों तथा साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में कार्रवाई आगे बढ़ाई।

स्कूल जाते समय वाहन में बैठाकर ले जाने का आरोप

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी पर किशोरी को स्कूल जाते समय बोलेरो वाहन में बैठाकर अपने साथ ले जाने का आरोप है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1), 352 और 351(3) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामला जांच के स्तर पर है और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। नाबालिग से संबंधित मामलों में कानून के तहत पीड़िता की पहचान को गोपनीय रखना अनिवार्य है, इसलिए उससे जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

पुलिस ने चलाया गिरफ्तारी अभियान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जनपद में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में महराजगंज थाना पुलिस को भी संबंधित आरोपी की तलाश में लगाया गया था। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों और क्षेत्र में उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।

महराजगंज थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक जयप्रकाश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को भैरोदासपुर पुलिया के नजदीक से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी 25 सितंबर को लगभग 11 बजकर 55 मिनट पर की गई।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सचिन पुत्र चन्द्रपाल, निवासी कुम्हवट, थाना महराजगंज, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।

न्यायालय में पेश किया जाएगा आरोपी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले की विवेचना पुलिस द्वारा जारी है और जांच के दौरान प्राप्त होने वाले अन्य तथ्यों एवं साक्ष्यों को भी विवेचना में शामिल किया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होता है। इसलिए गिरफ्तारी को आरोप सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगी।

इन धाराओं में की जा रही कार्रवाई

महराजगंज थाने में दर्ज मुकदमे में पुलिस ने विवेचना के दौरान भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं को शामिल किया है। इसके अलावा नाबालिग से जुड़े आरोपों के कारण पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की जा रही है।

पॉक्सो कानून का उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना और ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है। नाबालिग से संबंधित मामलों में पुलिस और न्यायिक एजेंसियों को पीड़ित बच्चे की पहचान तथा गरिमा की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों का पालन करना होता है।

इस मामले में भी पुलिस ने किशोरी की पहचान से संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। जांच एजेंसी की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर ही घटना और गिरफ्तारी से जुड़ी कार्रवाई सामने आई है।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

आरोपी की गिरफ्तारी में महराजगंज थाना पुलिस की टीम शामिल रही। पुलिस टीम का नेतृत्व थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक जयप्रकाश ने किया। उनके साथ कांस्टेबल मार्तण्ड कुमार, कांस्टेबल शिवांश मिश्रा और कांस्टेबल दिनेश कुमार ने कार्रवाई में भाग लिया।

पुलिस के अनुसार टीम ने मामले में वांछित आरोपी की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए और सूचना के आधार पर भैरोदासपुर पुलिया के पास कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाने लाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई।

जांच के बाद सामने आएंगे अन्य तथ्य

मामले में पुलिस की विवेचना अभी जारी है। पुलिस द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जनपद में गंभीर अपराधों के मामलों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है। महराजगंज थाना क्षेत्र के इस मामले में भी पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।

इस प्रकरण में अब आगे की कार्रवाई न्यायालय और विवेचना के परिणाम के आधार पर होगी। पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे और गिरफ्तारी से संबंधित जानकारी आधिकारिक स्तर पर उपलब्ध कराई गई है, जबकि मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।