चीन ने डिजिटल व्यापार को बढ़ावा देने की घोषणा, बाजार पहुंच आसान बनाने पर जोर
हांगझोउ, 25 सितंबर 2026। चीन ने डिजिटल अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के बदलते स्वरूप को देखते हुए डिजिटल व्यापार को और गति देने की दिशा में नई पहल का संकेत दिया है। चीनी प्रधानमंत्री ली च्यांग ने 24 सितंबर को हांगझोउ में आयोजित पांचवें ग्लोबल डिजिटल ट्रेड एक्सपो के उद्घाटन समारोह में कहा कि चीन बाजार तक पहुंच को और आसान बनाने तथा सीमा-पार ई-कॉमर्स खुदरा आयात से जुड़ी नीतियों को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उनका कहना था कि चीन अपने बाजार में पैदा हो रहे नए अवसरों को दूसरे देशों के साथ साझा करना चाहता है।

ग्लोबल डिजिटल ट्रेड एक्सपो चीन में डिजिटल व्यापार और उससे जुड़े औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने वाला प्रमुख मंच है। इस वर्ष का आयोजन हांगझोउ में 23 से 27 सितंबर तक हो रहा है और इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मुख्य विषय के रूप में रखा गया है। उद्घाटन कार्यक्रम में करीब 50 देशों और क्षेत्रों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 1,200 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
डिजिटल व्यापार को नई आर्थिक ताकत के रूप में देख रहा चीन
प्रधानमंत्री ली च्यांग ने अपने संबोधन में डिजिटल तकनीक के तेजी से विस्तार को वैश्विक व्यापार में हो रहे बड़े बदलावों से जोड़ा। चीन के अनुसार डिजिटल व्यापार ने देशों और बाजारों के बीच संपर्क को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ विकास के अंतर, नए व्यापार अवरोध और अंतरराष्ट्रीय नियमों से जुड़े सवाल भी सामने आए हैं। ऐसे में डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास के लिए केवल तकनीकी क्षमता बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि देशों के बीच सहयोग और नियमों में बेहतर तालमेल भी जरूरी होगा।
चीन सरकार के मुताबिक 2016 से 2025 के बीच देश के डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए जा सकने वाले सेवा व्यापार का मूल्य औसतन 11.2 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ा। यह वृद्धि इसी अवधि में वैश्विक औसत से 1.8 प्रतिशत अंक अधिक रही। आंकड़े बताते हैं कि डिजिटल सेवाएं चीन के विदेशी व्यापार के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में उभर रही हैं।
बाजार पहुंच आसान करने की योजना
ली च्यांग की घोषणा में बाजार पहुंच को आसान बनाने को प्रमुख स्थान दिया गया। इसका अर्थ है कि चीन डिजिटल क्षेत्र में कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए बाजार में प्रवेश से संबंधित प्रक्रियाओं और नीतिगत व्यवस्था को अधिक अनुकूल बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
विशेष रूप से सीमा-पार ई-कॉमर्स खुदरा आयात की नीतियों को बेहतर बनाने की बात कही गई है। सीमा-पार ई-कॉमर्स के माध्यम से उपभोक्ता दूसरे देशों के उत्पाद ऑनलाइन खरीद सकते हैं और कारोबारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बना सकते हैं। ऐसे में आयात संबंधी नियमों और प्रक्रियाओं में सुधार से व्यापारिक गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा सकता है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने इससे पहले भी डिजिटल व्यापार और सीमा-पार ई-कॉमर्स को विदेशी व्यापार की वृद्धि का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया है। मंत्रालय के अनुसार 2024 की पहली तीन तिमाहियों में चीन का सीमा-पार ई-कॉमर्स आयात-निर्यात 1.88 ट्रिलियन युआन तक पहुंच गया था, जिसमें सालाना आधार पर 11.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
विदेशी कंपनियों के लिए अवसर
चीनी प्रधानमंत्री ने विदेशी कंपनियों को चीन के बाजार में निवेश और कारोबार बढ़ाने के लिए आमंत्रित करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि चीन विदेशी निवेश वाली कंपनियों के लिए राष्ट्रीय व्यवहार लागू करने तथा उनकी उचित कारोबारी चिंताओं को दूर करने की दिशा में काम करेगा। इससे संकेत मिलता है कि डिजिटल व्यापार को केवल घरेलू कारोबार के विस्तार तक सीमित रखने के बजाय चीन इसे विदेशी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए भी उपयोगी क्षेत्र बनाना चाहता है।
डिजिटल व्यापार में ई-कॉमर्स के अलावा डिजिटल सेवाएं, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल भुगतान और डेटा आधारित कारोबारी गतिविधियां भी शामिल हैं। इसलिए बाजार पहुंच से जुड़ी नीतियों में बदलाव का प्रभाव कई प्रकार के डिजिटल व्यवसायों पर पड़ सकता है।
सीमा-पार ई-कॉमर्स पर बढ़ता ध्यान
चीन में सीमा-पार ई-कॉमर्स पहले से तेजी से विकसित हो रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार देश में 2024 तक 1.2 लाख से अधिक सीमा-पार ई-कॉमर्स इकाइयां और 1,000 से ज्यादा सीमा-पार ई-कॉमर्स औद्योगिक पार्क मौजूद थे। इसके अलावा विदेशों में 2,500 से अधिक वेयरहाउस होने की जानकारी भी मंत्रालय ने दी थी।
इस व्यवस्था ने चीन के निर्माताओं और व्यापारिक कंपनियों को विदेशों में ग्राहकों तक पहुंचने में मदद की है। दूसरी तरफ, आयात से जुड़ा सीमा-पार ई-कॉमर्स चीन के उपभोक्ताओं को विदेशी उत्पाद ऑनलाइन खरीदने का माध्यम उपलब्ध कराता है। नई नीति में इस क्षेत्र के नियमों को बेहतर बनाने की घोषणा इसी व्यापक डिजिटल व्यापार ढांचे का हिस्सा है।
डिजिटल नियमों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर
प्रधानमंत्री ली च्यांग ने डिजिटल व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार देशों को डिजिटल संपर्क मजबूत करने, व्यापार को अधिक सुविधाजनक बनाने और मानकों के बीच तालमेल तथा पारस्परिक मान्यता को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
डिजिटल व्यापार में अलग-अलग देशों के नियमों में अंतर कंपनियों के लिए अतिरिक्त लागत और प्रशासनिक कठिनाइयां पैदा कर सकता है। इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज, डिजिटल हस्ताक्षर, डेटा हस्तांतरण और भुगतान प्रणालियों के अलग-अलग मानक सीमा-पार कारोबार को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए नियमों और तकनीकी मानकों में समन्वय डिजिटल व्यापार के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।
विकासशील देशों को जोड़ने की कोशिश
चीन ने डिजिटल व्यापार के विकास में विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। ली च्यांग ने डिजिटल क्षेत्र में उत्तर-दक्षिण सहयोग बढ़ाने तथा विकासशील देशों को तकनीक, डिजिटल बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण के क्षेत्र में अधिक समर्थन देने की बात कही।
डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ देशों के बीच तकनीकी क्षमता का अंतर भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। जिन देशों में इंटरनेट, डिजिटल भुगतान, डेटा सेंटर और तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधाएं सीमित हैं, उनके लिए डिजिटल व्यापार की वैश्विक अर्थव्यवस्था में समान रूप से भाग लेना कठिन हो सकता है। चीन की ओर से डिजिटल सहयोग में इन क्षेत्रों को शामिल करने का प्रस्ताव इसी चुनौती से जुड़ा है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता भी केंद्र में
इस वर्ष ग्लोबल डिजिटल ट्रेड एक्सपो में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मुख्य विषय बनाया गया है। इससे पता चलता है कि डिजिटल व्यापार और एआई को अब अलग-अलग क्षेत्रों के बजाय परस्पर जुड़े आर्थिक क्षेत्रों के रूप में देखा जा रहा है। एआई का इस्तेमाल ग्राहक सेवाओं, आपूर्ति श्रृंखला, बाजार विश्लेषण, अनुवाद, डिजिटल विज्ञापन और व्यापारिक प्रक्रियाओं में तेजी से बढ़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास संस्था (UN Trade and Development) ने भी इस वर्ष के एक्सपो के विषय “AI Empowers Digital Trade” को डिजिटल व्यापार में तकनीकी बदलाव की गति और व्यापकता से जोड़ा है।
आगे क्या होगा
चीन की नई घोषणा से डिजिटल व्यापार, सीमा-पार ई-कॉमर्स और विदेशी कंपनियों के लिए बाजार पहुंच से जुड़े नियमों में आगे और बदलाव की संभावना पर ध्यान गया है। हालांकि, घोषणा के स्तर पर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रत्येक क्षेत्र में कौन-कौन से विशिष्ट नियम बदले जाएंगे और उनका क्रियान्वयन किस समय-सीमा में होगा।
फिलहाल चीन का संदेश यह है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था को विदेशी व्यापार और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। बाजार पहुंच को आसान बनाने, सीमा-पार ई-कॉमर्स आयात नीतियों को सुधारने और डिजिटल मानकों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में उठाए जाने वाले कदम आने वाले समय में चीन के डिजिटल व्यापार ढांचे को प्रभावित कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, हांगझोउ में दिए गए प्रधानमंत्री ली च्यांग के संबोधन ने डिजिटल व्यापार को चीन की आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय व्यापार रणनीति के प्रमुख क्षेत्रों में बनाए रखने का संकेत दिया है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि बाजार पहुंच और सीमा-पार ई-कॉमर्स से संबंधित घोषित नीतिगत सुधार किस रूप में लागू किए जाते हैं और उनका घरेलू तथा वैश्विक कारोबार पर क्या प्रभाव पड़ता है।