रनियां के रायपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत जनसंवाद, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
कानपुर देहात। भारतीय जनता पार्टी के चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत रनियां क्षेत्र के रायपुर में सामाजिक संवाद और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद करते हुए सेवा, सहयोग, स्वास्थ्य, रोजगार और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में लोगों को परिवार की भावना के साथ एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने तथा समाज को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज केवल अलग-अलग परिवारों और व्यक्तियों से नहीं बनता, बल्कि आपसी सहयोग, संवेदना और जिम्मेदारी की भावना से उसकी वास्तविक मजबूती होती है। जब लोग एक-दूसरे की जरूरत के समय साथ खड़े होते हैं, तभी सामाजिक एकजुटता मजबूत होती है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से आम लोगों के बीच पहुंचकर संवाद स्थापित करने और सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सेवा और सहयोग को बताया मजबूत समाज का आधार
रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में समाज के लोगों से बातचीत के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि स्वस्थ और मजबूत समाज के लिए केवल आर्थिक विकास ही पर्याप्त नहीं है। लोगों के बीच आपसी विश्वास, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी जरूरी है।
वक्ताओं ने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन में सुख के साथ कठिन परिस्थितियां भी आती हैं। ऐसे समय में परिवार और समाज के लोगों का साथ मिलना महत्वपूर्ण होता है। एक-दूसरे के दुख में सहभागी होना और जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए आगे आना मानवीय संवेदनाओं की पहचान है। इसी सोच के साथ समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता बताई गई।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता को भी समाज की बुनियादी जरूरतों से जोड़ा गया। वक्ताओं के अनुसार स्वस्थ नागरिक ही परिवार, समाज और देश के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। इसलिए स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है।
युवाओं के कौशल विकास पर चर्चा
कार्यक्रम में युवाओं को लेकर भी विशेष रूप से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में रोजगार के पारंपरिक अवसरों के साथ-साथ कौशल आधारित कार्यों की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। युवाओं को नई तकनीक और विभिन्न प्रकार के हुनर का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी और सरकार से जुड़े वक्ताओं ने युवाओं के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता के माध्यम से युवाओं को अपना काम शुरू करने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में ब्याज मुक्त युवा उद्यमी योजना का भी उल्लेख किया गया और कहा गया कि ऐसी पहल युवाओं को स्वरोजगार तथा उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता कर सकती हैं।
वक्ताओं ने युवाओं से केवल नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहने, बल्कि अपने कौशल और रुचि के अनुसार स्वरोजगार तथा उद्यम के विकल्पों पर भी विचार करने का आह्वान किया। उनका कहना था कि यदि युवा अपने हुनर को सही दिशा में विकसित करें और उपलब्ध अवसरों का उपयोग करें तो वे स्वयं के लिए रोजगार पैदा करने के साथ दूसरे लोगों को भी रोजगार देने की स्थिति में पहुंच सकते हैं।
महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर जोर
कार्यक्रम में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में उठाया गया। वक्ताओं ने महिलाओं के लिए संचालित स्वयं सहायता समूहों और ‘लखपति दीदी’ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना परिवार और समाज दोनों के लिए लाभकारी है।
बताया गया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सामूहिक रूप से छोटे कारोबार, स्थानीय उत्पादों और अन्य आर्थिक गतिविधियों से जुड़ सकती हैं। इससे उनमें आत्मनिर्भरता की भावना विकसित होने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम में महिलाओं से अपने हुनर को पहचानने और उसे आय के साधन में बदलने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाएं अपने पारंपरिक कौशल, स्थानीय संसाधनों और प्रशिक्षण के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा सकती हैं। इससे उन्हें घर की जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक रूप से भी योगदान देने का अवसर मिल सकता है।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रस्तुतियां भी दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उनकी प्रस्तुति के दौरान उपस्थित लोगों ने उत्साह के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
बच्चों की प्रस्तुति में उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बच्चों के प्रयास की सराहना की। आयोजकों की ओर से भी बच्चों को प्रोत्साहित किया गया और कहा गया कि ऐसे मंच बच्चों की प्रतिभा को सामने लाने तथा उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जनसंवाद के जरिए समाज से जुड़ने का प्रयास
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य स्थानीय समाज के लोगों के साथ सीधे संवाद स्थापित करना भी रहा। कार्यक्रम में क्षेत्र से जुड़े सामाजिक मुद्दों, युवाओं के अवसरों, महिलाओं की भागीदारी और स्वस्थ समाज की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचना जरूरी है। इसके लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ पात्र लोगों को उनका लाभ लेने के लिए जागरूक करना भी आवश्यक है। युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रखकर कौशल विकास तथा स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की बात कही गई।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि समाज की प्रगति केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से भी संभव होती है। यदि लोग अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों की सहायता करें, बच्चों की शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहित करें तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहें तो सामाजिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव को गति मिल सकती है।
सेवा भावना को आगे बढ़ाने का संदेश
रायपुर में हुए कार्यक्रम में सेवा को केवल किसी एक गतिविधि तक सीमित न रखते हुए जीवन के व्यवहार से जोड़कर देखने की बात कही गई। वक्ताओं के अनुसार किसी जरूरतमंद की मदद करना, कठिन समय में किसी परिवार के साथ खड़ा होना, युवाओं को सही मार्गदर्शन देना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग करना भी समाज सेवा का हिस्सा है।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से सामाजिक एकजुटता बनाए रखने और क्षेत्र के विकास में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। साथ ही युवाओं को कौशल विकास तथा उद्यमिता के अवसरों का लाभ उठाने और महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में आगे आने के लिए प्रेरित किया गया।
रायपुर में आयोजित सेवा संकल्प अभियान का यह कार्यक्रम सामाजिक संवाद, सेवा भावना और आत्मनिर्भरता के संदेश के साथ संपन्न हुआ। बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष रूप से जीवंत बनाया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच आपसी संवाद और सहभागिता देखने को मिली, जिससे आयोजन का सामाजिक पक्ष भी प्रमुखता से सामने आया।