थाईलैंड में बाढ़ का व्यापक असर, 5.8 लाख से ज्यादा घर प्रभावित; बैंकॉक में हजारों लोगों ने राहत केंद्रों में ली शरण
बैंकॉक। थाईलैंड इन दिनों व्यापक बाढ़ की गंभीर चुनौती से जूझ रहा है। 16 सितंबर से शुरू हुई भारी बारिश और उसके बाद कई इलाकों में बढ़े जलस्तर ने देश के बड़े हिस्से को प्रभावित किया है। 28 सितंबर तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 41 प्रांतों में बाढ़ की स्थिति दर्ज की गई और 5.82 लाख से अधिक घर प्रभावित हुए। इस प्राकृतिक आपदा से करीब 18 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण कम से कम आठ लोगों की मौत की भी पुष्टि हुई है।

बैंकॉक में हालात विशेष रूप से चिंता का विषय बने हुए हैं। राजधानी के कई निचले इलाकों में पानी भरने के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। हजारों लोगों को अस्थायी राहत और निकासी केंद्रों में पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से जलनिकासी, राहत सामग्री वितरण और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न एजेंसियों को सक्रिय किया गया है।
41 प्रांतों तक पहुंचा बाढ़ का असर
आसियान आपदा सूचना नेटवर्क के अनुसार 16 से 28 सितंबर के बीच थाईलैंड के 41 प्रांत बाढ़ से प्रभावित हुए। इन इलाकों में 204 जिले, 953 उप-जिले और 4,537 गांव शामिल हैं। प्रभावित क्षेत्रों में देश के उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण के कई हिस्से शामिल रहे।
आधिकारिक आंकड़ों में कुल 5,82,539 प्रभावित घरों का उल्लेख किया गया है। इन घरों से जुड़े करीब 18,08,898 लोग बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हुए। हालांकि अलग-अलग दिनों में स्थिति बदलती रही और कई स्थानों पर पानी घटने लगा, वहीं कुछ इलाकों में जलस्तर बढ़ने की सूचना भी सामने आई।
28 सितंबर की सुबह तक 27 प्रांतों और बैंकॉक में बाढ़ की स्थिति बनी हुई थी। इन इलाकों में 5,76,449 घर और लगभग 17,93,887 लोग अभी भी प्रभावित बताए गए।
आठ लोगों की मौत
बाढ़ के कारण अब तक कम से कम आठ लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। उपलब्ध आधिकारिक विवरण के मुताबिक इनमें पांच मौतें सा केओ, दो चंथाबुरी और एक मौत साराबुरी प्रांत में हुई। रिपोर्टों में इन मौतों को सितंबर के मध्य से जारी बाढ़ की स्थिति से जोड़ा गया है।
मौसम और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है, क्योंकि बारिश के साथ-साथ नदियों और जलाशयों में पानी बढ़ने से कई क्षेत्रों में स्थिति तेजी से बदल सकती है।
बैंकॉक में राहत और निकासी अभियान
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव गंभीर हो गया। रिपोर्टों के अनुसार कुछ हिस्सों में कुछ दिनों के भीतर करीब 320 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सितंबर में शहर में सामान्य रूप से होने वाली बारिश की बड़ी मात्रा के बराबर है। इससे शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया।
बैंकॉक में हजारों लोगों को अस्थायी राहत केंद्रों में पहुंचाया गया। शहर प्रशासन के अनुसार 5,900 से अधिक लोग 234 निकासी केंद्रों में चले गए थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग ऐसे इलाकों में फंसे रहे जहां बाढ़ के कारण सामान्य आवागमन बाधित था।
प्रशासन ने प्रभावित लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए मोबाइल रसोई और नावों की मदद लेने की व्यवस्था की। जलभराव वाले इलाकों में जरूरी सामान पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाने के लिए राहत दलों को तैनात किया गया।
कई इलाकों में बढ़ रहा जलस्तर
थाईलैंड के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार कुछ प्रांतों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। इनमें नाखोन सावन, चाई नाट, सिंग बुरी, सुपन बुरी, कंचनाबुरी, अयुत्थया, पथुम थानी, नाखोन नायोक, प्राचिन बुरी, सा केओ और चोन बुरी शामिल थे। दूसरी ओर कुछ प्रांतों में पानी घटने की भी सूचना थी।
इस स्थिति ने प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती पैदा कर दी है। एक ओर पहले से जलमग्न क्षेत्रों से पानी निकालने का काम चल रहा है, तो दूसरी ओर बढ़ते जलस्तर वाले क्षेत्रों में नए इलाकों को सुरक्षित रखने और लोगों को समय रहते निकालने की जरूरत बनी हुई है।
राहत कार्यों में जुटी कई एजेंसियां
थाईलैंड के आपदा रोकथाम एवं शमन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव गतिविधियों को तेज किया है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस, सैन्यकर्मी, स्वयंसेवी संगठन और राहत दल मिलकर अभियान चला रहे हैं। प्रभावित इलाकों में पानी निकालने के लिए पंप और अन्य उपकरण लगाए गए हैं। जरूरतमंद परिवारों को पीने का साफ पानी और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कुछ क्षेत्रों में लोगों को अपने घरों से सामान ऊंचे स्थानों पर रखने और सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई है। राहत केंद्रों में पहुंचाए गए लोगों के लिए भोजन और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
आर्थिक गतिविधियों पर भी असर
बाढ़ का असर केवल लोगों के घरों तक सीमित नहीं है। सड़क परिवहन, कारोबार, बाजार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। बैंकॉक और पूर्वी थाईलैंड के कई हिस्सों में दुकानों तथा व्यवसायों को नुकसान उठाना पड़ा। आर्थिक विशेषज्ञों ने भी बाढ़ के कारण देश की आर्थिक वृद्धि पर संभावित असर की ओर संकेत किया है।
कुछ इलाकों में लोगों ने कठिन परिस्थितियों के बीच रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के नए तरीके अपनाए। बैंकॉक के प्रभावित क्षेत्रों में पानी के बीच अस्थायी तौर पर सामान बेचने वाले विक्रेताओं की तस्वीरें भी सामने आईं। यह स्थिति बताती है कि लंबे समय तक जलभराव रहने पर स्थानीय समुदायों को दैनिक जीवन चलाने में कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बैंकॉक की भौगोलिक स्थिति भी चुनौती
बैंकॉक समुद्र तल के करीब स्थित निचले क्षेत्र में बसा शहर है। शहर की भौगोलिक स्थिति और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण भारी बारिश के दौरान जलनिकासी एक बड़ी चुनौती बन जाती है। हाल की बारिश ने कई स्थानों पर इस दबाव को और बढ़ा दिया।
शहर में पानी निकालने के लिए पंप और जलनिकासी व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि जलभराव वाले इलाकों में पानी का स्तर जल्द से जल्द कम किया जाए और लोगों की आवाजाही बहाल हो।
आगे भी निगरानी जरूरी
थाईलैंड में बाढ़ की स्थिति पूरी तरह समाप्त नहीं हुई थी और कई क्षेत्रों में प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर रख रहा था। कुछ स्थानों पर पानी घट रहा था, जबकि अन्य इलाकों में नदियों और जलाशयों के बढ़ते स्तर के कारण सावधानी बरतने की जरूरत बनी हुई थी।
इस आपदा ने एक बार फिर थाईलैंड के कई हिस्सों की बाढ़ संबंधी संवेदनशीलता को सामने ला दिया है। फिलहाल सरकार और स्थानीय प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना, राहत सामग्री उपलब्ध कराना, जलनिकासी व्यवस्था को सक्रिय रखना और संभावित नए प्रभावित क्षेत्रों में समय पर सहायता पहुंचाना है।
सितंबर के मध्य से जारी इस बाढ़ ने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। आठ लोगों की मौत और लाखों परिवारों के प्रभावित होने के बीच राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। आने वाले दिनों में बारिश और जलस्तर की स्थिति इस आपदा की गंभीरता तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।