रास्ता रोककर महिला से मारपीट का आरोप, पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई (जालौन)। कोतवाली जालौन क्षेत्र के ग्राम छिरिया में एक महिला ने गांव के कुछ लोगों पर रास्ता रोककर उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों से करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।

ग्राम छिरिया निवासी जयकुंवर पत्नी स्वर्गीय शिवप्रसाद ने अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में घटना का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि वह 29 सितंबर की रात करीब 10 बजे अपने बेटे अनुरुद्ध के घर से दूसरे बेटे धर्मेन्द्र के घर जा रही थी। महिला के अनुसार, इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने रास्ते में उसे रोक लिया।

मंदिर में पूजा करने की बात कहकर रोकने का आरोप

शिकायत में जयकुंवर ने आरोप लगाया है कि रास्ते में वीरेंद्र कुमार, कामता प्रसाद, रघुनंदन, बुजेंद्र, लल्लू, निवक्शू महेश, श्रीराम और रघुनन्दन समेत कुछ अन्य लोगों ने उसे रोक लिया। महिला का कहना है कि रास्ता रोकने के बाद कामता प्रसाद ने मंदिर में पूजा करने की बात कही और इसके बाद विवाद की स्थिति पैदा हो गई।

पीड़िता के आरोप के मुताबिक, इसी दौरान कामता प्रसाद ने कथित रूप से लाठी और मातादीन ने लोहे की रॉड से उसके साथ मारपीट की। महिला ने बताया कि अचानक हुई मारपीट से वह घबरा गई और खुद को बचाने का प्रयास करने लगी। शिकायत में उसने आरोप लगाया है कि इस दौरान उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया गया।

बेटे को पकड़कर मारपीट करने का भी आरोप

जयकुंवर ने अधिकारियों को दी शिकायत में अपने बेटे अनुरुद्ध के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, वीरेंद्र कुमार ने उसके पुत्र अनुरुद्ध को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान लोहे की रॉड से उसके हाथ पर वार किया गया, जिससे उसे गंभीर चोट आई।

पीड़िता का कहना है कि घटना के दौरान मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने भी कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की और गाली-गलौज की। महिला के अनुसार, घटना के बाद वह और उसका परिवार काफी भयभीत हैं।

पहले भी मारपीट करने का लगाया आरोप

शिकायती पत्र में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन लोगों के खिलाफ उसने शिकायत की है, उनके साथ पहले भी विवाद हो चुका है। पीड़िता का दावा है कि आरोपी पक्ष के लोगों ने इससे पहले भी उसके साथ दो बार मारपीट की थी।

महिला के मुताबिक, इसके बावजूद विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ और अब भी कथित तौर पर उसे गाली-गलौज कर परेशान किया जा रहा है। उसने अपने बेटे अनुरुद्ध को भी जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है।

पीड़िता ने अधिकारियों को बताया कि लगातार विवाद और कथित धमकियों के कारण उसके परिवार में भय का माहौल बना हुआ है। उसने आशंका जताई है कि यदि समय रहते मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो उसके या उसके परिवार के किसी सदस्य के साथ दोबारा अप्रिय घटना हो सकती है।

स्थानीय पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप

जयकुंवर का कहना है कि घटना के बाद उसने कोतवाली जालौन पुलिस को मामले की जानकारी दी थी। हालांकि, महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसे अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली।

शिकायती पत्र में पीड़िता ने चौकी प्रभारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका दावा है कि पैसे के लेन-देन के कारण आरोपियों को कथित रूप से संरक्षण दिया जा रहा है और इसी वजह से उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हो पा रही है। यह आरोप पीड़िता की ओर से लगाया गया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही उसने संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच किए जाने का अनुरोध किया है, ताकि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसके संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग

पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई जाए और घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उसने मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के आरोपों की जांच कर आवश्यक कानूनी कदम उठाने की मांग की है।

जयकुंवर ने अधिकारियों से यह भी अनुरोध किया है कि उसके और उसके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। महिला का कहना है कि लगातार विवाद और कथित धमकियों के चलते परिवार के लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

फिलहाल मामला पीड़िता की ओर से दिए गए शिकायती पत्र और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की वास्तविकता जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की ओर से मामले में क्या कार्रवाई की गई, इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

ग्रामीण क्षेत्र में आपसी विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों के बयान, घटनास्थल की परिस्थितियां, मेडिकल रिपोर्ट तथा उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर तथ्य सामने आने की संभावना रहती है।

पीड़िता ने वरिष्ठ अधिकारियों से उम्मीद जताई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उसे न्याय दिलाया जाएगा और उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अब देखना होगा कि पुलिस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और जांच में घटना से जुड़े तथ्य किस रूप में सामने आते हैं।

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रास्ता रोककर महिला से मारपीट का आरोप, पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 30, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई (जालौन)। कोतवाली जालौन क्षेत्र के ग्राम छिरिया में एक महिला ने गांव के कुछ लोगों पर रास्ता रोककर उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों से करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।

ग्राम छिरिया निवासी जयकुंवर पत्नी स्वर्गीय शिवप्रसाद ने अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में घटना का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि वह 29 सितंबर की रात करीब 10 बजे अपने बेटे अनुरुद्ध के घर से दूसरे बेटे धर्मेन्द्र के घर जा रही थी। महिला के अनुसार, इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने रास्ते में उसे रोक लिया।

मंदिर में पूजा करने की बात कहकर रोकने का आरोप

शिकायत में जयकुंवर ने आरोप लगाया है कि रास्ते में वीरेंद्र कुमार, कामता प्रसाद, रघुनंदन, बुजेंद्र, लल्लू, निवक्शू महेश, श्रीराम और रघुनन्दन समेत कुछ अन्य लोगों ने उसे रोक लिया। महिला का कहना है कि रास्ता रोकने के बाद कामता प्रसाद ने मंदिर में पूजा करने की बात कही और इसके बाद विवाद की स्थिति पैदा हो गई।

पीड़िता के आरोप के मुताबिक, इसी दौरान कामता प्रसाद ने कथित रूप से लाठी और मातादीन ने लोहे की रॉड से उसके साथ मारपीट की। महिला ने बताया कि अचानक हुई मारपीट से वह घबरा गई और खुद को बचाने का प्रयास करने लगी। शिकायत में उसने आरोप लगाया है कि इस दौरान उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया गया।

बेटे को पकड़कर मारपीट करने का भी आरोप

जयकुंवर ने अधिकारियों को दी शिकायत में अपने बेटे अनुरुद्ध के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, वीरेंद्र कुमार ने उसके पुत्र अनुरुद्ध को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान लोहे की रॉड से उसके हाथ पर वार किया गया, जिससे उसे गंभीर चोट आई।

पीड़िता का कहना है कि घटना के दौरान मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने भी कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की और गाली-गलौज की। महिला के अनुसार, घटना के बाद वह और उसका परिवार काफी भयभीत हैं।

पहले भी मारपीट करने का लगाया आरोप

शिकायती पत्र में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन लोगों के खिलाफ उसने शिकायत की है, उनके साथ पहले भी विवाद हो चुका है। पीड़िता का दावा है कि आरोपी पक्ष के लोगों ने इससे पहले भी उसके साथ दो बार मारपीट की थी।

महिला के मुताबिक, इसके बावजूद विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ और अब भी कथित तौर पर उसे गाली-गलौज कर परेशान किया जा रहा है। उसने अपने बेटे अनुरुद्ध को भी जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है।

पीड़िता ने अधिकारियों को बताया कि लगातार विवाद और कथित धमकियों के कारण उसके परिवार में भय का माहौल बना हुआ है। उसने आशंका जताई है कि यदि समय रहते मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो उसके या उसके परिवार के किसी सदस्य के साथ दोबारा अप्रिय घटना हो सकती है।

स्थानीय पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप

जयकुंवर का कहना है कि घटना के बाद उसने कोतवाली जालौन पुलिस को मामले की जानकारी दी थी। हालांकि, महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसे अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली।

शिकायती पत्र में पीड़िता ने चौकी प्रभारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका दावा है कि पैसे के लेन-देन के कारण आरोपियों को कथित रूप से संरक्षण दिया जा रहा है और इसी वजह से उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हो पा रही है। यह आरोप पीड़िता की ओर से लगाया गया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही उसने संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच किए जाने का अनुरोध किया है, ताकि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसके संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग

पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई जाए और घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उसने मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के आरोपों की जांच कर आवश्यक कानूनी कदम उठाने की मांग की है।

जयकुंवर ने अधिकारियों से यह भी अनुरोध किया है कि उसके और उसके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। महिला का कहना है कि लगातार विवाद और कथित धमकियों के चलते परिवार के लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

फिलहाल मामला पीड़िता की ओर से दिए गए शिकायती पत्र और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की वास्तविकता जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की ओर से मामले में क्या कार्रवाई की गई, इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

ग्रामीण क्षेत्र में आपसी विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों के बयान, घटनास्थल की परिस्थितियां, मेडिकल रिपोर्ट तथा उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर तथ्य सामने आने की संभावना रहती है।

पीड़िता ने वरिष्ठ अधिकारियों से उम्मीद जताई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उसे न्याय दिलाया जाएगा और उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अब देखना होगा कि पुलिस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और जांच में घटना से जुड़े तथ्य किस रूप में सामने आते हैं।